एडवोकेट गोवर्धन सिंह-
न्यायपालिका ज़िंदाबाद! मेरे ख़िलाफ़ झूठी ख़बरें, अपने अख़बार दैनिक भास्कर में लगाकर, POCSO की शिकायतकर्ता बालिका को धमकाने के मामले में न्यायालय ने, अख़बार मालिक सुधीर अग्रवाल और संपादक एल पी पंत के ख़िलाफ़, FIR दर्ज करने के दिए आदेश… अखबार मालिक को झूठी ख़बरें चलाने के इस केस में सात साल की हो सकती है सजा!

CM श्री भजनलाल जी का धन्यवाद. 52 विधायकों का स्टिंग वीडियो होने के बावजूद, दैनिक भास्कर की सभी धमकियों को दरकिनार कर मुख्यमंत्रीजी ने अखबार मालिक सुधीर अग्रवाल और संपादक एल पी पंत के ख़िलाफ़ आज FIR दर्ज की और अब जल्द इनकी गिरफ़्तारी भी हो सकती है…
दिल्ली से केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी का भी बहुत – बहुत धन्यवाद जिन्होंने राजस्थान सरकार को भास्कर के डर से मुक्त कराया अन्यथा राजस्थान पुलिस इनके ख़िलाफ़ POCSO जैसे जघन्य अपराध में भी FIR दर्ज करने को तैयार नहीं थी…
नागरिकों (मालिकों) के प्यार और समर्थन के लिए भी बहुत बहुत आभार!


पूरे प्रकरण को समझने के लिए एडवोकेट गोवर्धन जी का ये ट्वीट भी देखें-
https://x.com/goverdhanrti/status/2016560796139213271?s=46
https://x.com/goverdhanrti/status/2017641448318112149?s=46
https://x.com/goverdhanrti/status/2017049410153411033?s=46
इस बारे में भास्कर से जुड़े लोगों का कहना है कि गोवर्धन सिंह आदतन अपराधी है और झूठी खबरें फैलाता है। कहीं कोई एफआईआर दर्ज नहीं है। फेक न्यूज़ फैलाया जा रहा है। गोवर्धन के ख़िलाफ़ दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं जिसकी ख़बरें भास्कर में छपती रही हैं जिससे वो खुन्नस खाकर भास्कर के ख़िलाफ़ प्रलाप करता रहता है। भास्कर का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने की बात निराधार है। अगर एफआईआर दर्ज है तो गोवर्धन एफआईआर की कॉपी को सार्वजनिक क्यों नहीं करता है? भास्कर प्रबंधन फेक न्यूज़ फैलाने और चरित्र हनन करने का मुकदमा करने जा रहा है। बाक़ी गोवर्धन की असलियत को इस लिंक के ज़रिए जाना जा सकता है-
https://x.com/gupshupadda/status/2013520991503167493?s=46
इस प्रकरण पर एडवोकेट गोवर्धन सिंह से हुई बातचीत में उन्होंने दावा किया कि सौ परसेंट भास्कर के मालिक और संपादक के ख़िलाफ़ मुक़दमा हुआ है। गोवर्धन ने चैलेंज दिया कि अगर मुक़दमा नहीं हुआ है तो भास्कर मेरे पर फेक न्यूज़ फैलाने और मानहानि का मुक़दमा दर्ज करा के दिखाए! गोवर्धन का कहना है कि मुक़दमा पोक्सो में हुआ है इसलिए मुकदमे की कॉपी देना या मुकदमे का डिटेल शेयर करना भी अपराध है। इससे नाबालिग की पहचान उजागर होती है। गोवर्धन कहते हैं कि भास्कर ने उनके ख़िलाफ़ पचहत्तर ख़बरें ( 28.04.2022 से 30.01.2026) पब्लिश की हैं जिसमें से ज्यादातर ख़बरें फ़ोटो सहित पहले पेज पर और सभी संस्करण में छापी हैं… यह उनके पत्रकारीय दुराग्रह और दुरुपयोग को दिखाता है, खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे! गोवर्धन का दावा है कि भास्कर की काली पत्रकारिता को बेनक़ाब करके मानेंगे, चाहें इसके लिए उन्हें जो भी क़ुर्बानी देनी पड़े!


