Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

राजस्थान के पत्रकार कोठी बंगले बनवा रहे और भ्रष्टाचार की खबरें एमपी से जारी हो रही हैं!

ऋषिकेष राजोरिया-

पत्रकारों में अंतर….

मध्य प्रदेश के “द सूत्र” नामक वीडियो चैनल पर राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी के विभाग की धांधलियों से जुड़ी खबरें चल रही थीं। राजस्थान के पुलिस अधिकारियों ने उसके दो पत्रकारों को भोपाल में उस समय जबरन उठाया, जब वे अपने परिवार के साथ थे। आनंद पांडे और हरीश दिवेकर।

आतंकवादियों जैसा सलूक करते हुए दोनों को जयपुर लाया गया और यह खुलासा होने के बाद कि “द सूत्र” ने कोई भी गलत खबर नहीं चलाई थी, उन्हें सम्मानजनक तरीके से छोड़ देना पड़ा। क्योंकि चारों तरफ से राजस्थान पुलिस की भर्त्सना होने लगी थी। इसके बाद राजस्थान पुलिस में बड़े पैमाने पर तबादले हो गए।

गौरतलब है कि राजस्थान के भ्रष्टाचार की खबरें मध्य प्रदेश में जारी हो रही हैं। मप्र में जो उल्लेखनीय पत्रकार हैं, वे कभी कोठी बंगले बनवाने के चक्कर में नहीं दिखे। राजस्थान में कई पत्रकारों का लक्ष्य ही प्रॉपर्टी बनाना है।

जांच पड़ताल की जा सकती है कि 10 हजार रुपए महीने से नौकरी शुरू करने वाले प्रमुख अखबारों के रिपोर्टरों की आर्थिक हैसियत 10 साल बाद क्या है? ज्यादातर करोड़पति हो चुके हैं और कुछ अरबपति बनने की तरफ अग्रसर हैं।

राजस्थान पुलिस द्वारा उठाए गए पत्रकारों का ऐसा रिकॉर्ड नहीं है। वे ईमानदारी से पत्रकारिता कर रहे हैं, इसलिए उन्हें चारों दिशाओं से समर्थन मिल रहा है। दूसरी तरफ यहां भी कथित पत्रकार गिरफ्तार हुए हैं, और उन्हें उनके परिचित ही पहचानने से कतरा रहे हैं। ज़मानत करवाने के लिए वकील नहीं मिल रहा है।

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन