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रणवीर अलाहाबादिया और समय रैना के मामले ने सरकार के लिए सेंसरशिप की जमीन तैयार की है क्या?

सोशल मीडिया पर सोमवार को एक मामले ने देखते ही देखते आग लगा दी। मामला यूट्यूबर रणवीर अलाहाबादिया और समय रैना से जुड़ा है। आरोप है कि रणवीर ने अपने माता-पिता के सेक्स संबंधों पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी की। यह वीडियो इंटरनेट पर जमकर वायरल है। इस केस में कई राज्यों के मुख्यमंत्री तक कूद गए। असम के सीएम हिमन्ता सरमा ने कुछ यूट्यूबरों का नाम लिखकर गुवाहाटी पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने और इंफ्लूएंसर्स पर लगाम कसने तक की वकालत कर डाली। प्रकरण तब और पेचीदा हो जाता है, यह जानकर की आरोपी यूट्यूबर को स्वयं प्रधानमंत्री मोदी अपने कर-कमलों से सम्मानित भी कर चुके हैं।

मामले में कुछ प्रतिक्रियाएं और पूरा केस है क्या? नीचे पढ़ें…


श्याम मीरा सिंह-

कुछ दिन पहले सरकार यूट्यूब पत्रकारों पर कंट्रोल के लिए एक क़ानून लेकर आ रही थी। जो जैसे तैसे रुक पाया। जिस तरह से समय रैना के मामले में IT सेल और BJP सरकार की सक्रियता दिखी है। लगता है ये जल्द ही यूट्यूब सेंसरशिप लेकर आएँगे। पाबंदियाँ और ग़ुलामियाँ संस्कृति की आड़ में आती हैं।

कमाल की बात ये है कि शिवसेना की एक महिला सांसद ने भी नैतिकता की दुहाई देते हुए कहा है कि वे कल संसद में इस पर चर्चा करवाएँगी। मणिपुर का मुद्दा मुँह खोले बैठा है। और महोदया यूट्यूब पर सेंसरशिप के लिए सरकार को मौक़ा देने के लिए खड़ी हैं। कब बुद्धि आएगी लोगों को।

सरकार के लिए सेंसरशिप लाने के लिए ज़मीन तैयार है। मुद्दा समय रैना और रणवीर होगा, और टारगेट आपको पता है कौन होंगे। इसलिए कहता हूँ फ्रीडम ऑफ़ स्पीच के लिए खड़ा होना चाहिए। आलोचना होनी चाहिए प्रतिबंध नहीं, पाबन्दियाँ नहीं। पाबंदियाँ सरकार के उत्पीड़न का गहना है। सब मारे जाएँगे।


सौमित्र रॉय-

बेबुनियाद हंसी के बाज़ार में एक नई चीज़ आई है डार्क ह्यूमर। उससे पहले कपिल मिश्रा जैसे दो–टके के कथित कॉमेडियन रोस्ट कॉमेडी लेकर आए। उससे भी पहले जसपाल भट्टी रोस्ट कॉमेडी का अनोखा संस्करण लेकर अमर हो गए।

अब रील्स का ज़माना है, सो डार्क और रोस्ट को मिलाकर एक नई कॉमेडी बनी है, जिसमें अथाह गाली–गलौच और सामान्य वर्जित विषयों पर फिसलती जुबां हंसी का पात्र बन रही है।

रणवीर अलाहाबादिया, समय रैना और डार्क ह्यूमर नए स्तंभ बन रहे हैं। समाज की हर वर्जना, हर हद को तोड़ते। इनसे बने गुब्बारे को इस हद तक दबाते हुए कि भीतर दबी हुई हंसी का गुब्बार फूट पड़े।

साथ में सस्ती लोकप्रियता, एक–दो एफआईआर और नैतिकता सिखाने वाले ठेकेदारों की गालियां सुनाई दें। यह चेन रिएक्शन घर तक पहुंच चुका है। छोटे बच्चे भी इसे बेझिझक दोहरा रहे हैं।

इससे समाज बन रहा है या बिगड़ रहा है–इस पर मैं बात नहीं करूंगा। लेकिन भाषा और कंटेंट के तौर पर हम कितने फटेहाल हो चले हैं, यह जरूर दिखता है।

हमें सिर्फ अपनी बात कहनी है किराए के ठहाकेदारों के सामने। दूसरों की भावनाओं से हमें कोई फर्क नहीं।

स्टैंड अप कॉमेडियन चंद विवादित लाइनों के साथ बोलकर चले जाते हैं और समाज का एक तबका उस पर और भद्दी रील्स बनाने लगता है।

भीड़ में अकेले खुशियां ढूंढ रहे, रात के सन्नाटे में हंसी तलाशते, समय काटते लोग इसी में गोता लगाते हैं।

जसपाल भट्टी कलजयी हैं। उनके पास अच्छी स्क्रिप्ट, बेजोड़ अभिनय और मारक संदेश था। तकरीबन एक कार्टूनिस्ट की पूरी सोच के साथ।

आज यह सोच गायब है, क्योंकि हमने हंसी के नए स्रोत खोजना बंद कर दिया है। हम आसानी से सस्ता कंटेंट बनाना चाहते हैं। ये क्षणिक मामला है, जिसके ज़ख्म गहरे हैं।

इस चलन की तबाही भयावह होगी, क्योंकि धर्म आधारित हमारे समाज में नैतिकता और आजादी के बीच हमेशा जंग हुई है। लेकिन इन हरकतों से अभिव्यक्ति की आजादी और भी खतरे में पड़ेगी।


ये पूरा केस क्या है? पढ़िए

यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया हाल ही में एक विवाद में घिर गए हैं। कॉमेडियन समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ में शामिल होने के दौरान, उन्होंने अपने माता-पिता के संबंधों पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी की, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। इस टिप्पणी के बाद, उन्हें व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा, और उनके खिलाफ मुंबई पुलिस आयुक्त और महाराष्ट्र महिला आयोग में शिकायतें दर्ज की गई हैं।

विवाद बढ़ने पर, रणवीर इलाहाबादिया ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक वीडियो जारी कर माफी मांगी। उन्होंने कहा, “मुझे वो नहीं कहना चाहिए था, जो मैंने कहा। मुझे अफसोस है। मेरा कमेंट न सिर्फ गलत था, बल्कि फनी भी नहीं था। मैं यहां सिर्फ सॉरी कहने के लिए आया हूं।”

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मुझे इसके बारे में पता चला है। मैंने इसे अभी तक नहीं देखा है। चीजों को गलत तरीके से कहा और पेश किया गया है। हर किसी को बोलने की स्वतंत्रता है, लेकिन हमारी स्वतंत्रता तब समाप्त हो जाती है जब हम दूसरों की स्वतंत्रता पर हमला करते हैं।”

इस घटना के बाद, रणवीर इलाहाबादिया ने शो के निर्माताओं से विवादित क्लिप को हटाने का अनुरोध भी किया है। उन्होंने वादा किया है कि भविष्य में वह अपने प्लेटफॉर्म का उपयोग और जिम्मेदारी से करेंगे।

यह मामला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है, जो दर्शाता है कि सार्वजनिक मंचों पर की गई टिप्पणियों का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है, और उन्हें अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए।

विवादित बयान देने वाले यूट्यूबर को मोदीजी कर चुके हैं सम्मानित

रणवीर अपने पॉडकास्ट में जानी-मानी हस्तियों को बुलाते हैं और उनका इंटरव्यू करते हैं। सोशल मीडिया पर तगड़ी फैन फॉलोइंग वाले रणवीर को पीएम मोदी ने National Creators Award 2024 में अवॉर्ड भी दिया था।

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