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रवि पुजारी ने पत्रकार की दी सुपारी

डॉन रवि पुजारी को मीडिया पब्लिसिटी पसंद है, पर मीडिया में अपनी आलोचना नहीं। इसलिए उसने उसके खिलाफ खबर लिखने वाले एक अंग्रेजी पत्रकार के मर्डर की सुपारी दे दी। इससे पहले कि वह इस साजिश को अंजाम पर पहुंचा पाता, मुंबई क्राइम ब्रांच ने उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया। मुंबई क्राइम ब्रांच पिछले महीने जूहू में निर्माता करीम मोरानी के घर के बाहर हुई गोलीबारी में भी इनकी भूमिका की जांच कर रही है। मुंबई क्राइम ब्रांच चीफ सदानंद दाते ने गिरफ्तार आरोपियों के नाम मदन गोविंद राम सोनकर, आशुतोष वर्मा और रामबहादुर चव्हाण बताए हैं। पकड़े गए आरोपियों के पास से 7.65 बोर की रिवॉल्वर, पांच कारतूस, 11 सिम कार्ड्स के अलावा एक डिजिटल मैप भी मिला है। क्राइम ब्रांच सूत्रों का दावा है कि इस मैप के जरिए इस अंग्रेजी पत्रकार के मरीन लाइंस स्थित दफ्तर और ठाणे जिले में स्थित उसके घर का अड्रेस लोकेट किया जा रहा था।

डॉन रवि पुजारी को मीडिया पब्लिसिटी पसंद है, पर मीडिया में अपनी आलोचना नहीं। इसलिए उसने उसके खिलाफ खबर लिखने वाले एक अंग्रेजी पत्रकार के मर्डर की सुपारी दे दी। इससे पहले कि वह इस साजिश को अंजाम पर पहुंचा पाता, मुंबई क्राइम ब्रांच ने उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया। मुंबई क्राइम ब्रांच पिछले महीने जूहू में निर्माता करीम मोरानी के घर के बाहर हुई गोलीबारी में भी इनकी भूमिका की जांच कर रही है। मुंबई क्राइम ब्रांच चीफ सदानंद दाते ने गिरफ्तार आरोपियों के नाम मदन गोविंद राम सोनकर, आशुतोष वर्मा और रामबहादुर चव्हाण बताए हैं। पकड़े गए आरोपियों के पास से 7.65 बोर की रिवॉल्वर, पांच कारतूस, 11 सिम कार्ड्स के अलावा एक डिजिटल मैप भी मिला है। क्राइम ब्रांच सूत्रों का दावा है कि इस मैप के जरिए इस अंग्रेजी पत्रकार के मरीन लाइंस स्थित दफ्तर और ठाणे जिले में स्थित उसके घर का अड्रेस लोकेट किया जा रहा था।

23 अगस्त को जब रवि पुजारी ने मोरानी के घर के बाहर गोलीबारी की थी, उसी के बाद से मुंबई क्राइम ब्रांच की सभी डेढ़ दर्जन यूनिट्स को उसके गैंग के लोगों के पीछे लगा दिया गया था। इसी में एसीपी प्रफुल्ल भोंसले व सीनियर इंस्पेक्टर नंदकुमार गोपाले की टीम को रवि पुजारी के तीन लोगों की मरीन लाइंस इलाके में होने की टिप मिली। उसी के बाद इन्हें ट्रैप में लाया गया और फिर गिरफ्तार किया गया। सदानंद दाते ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक रामबहादुर चव्हाण एक फेमस व्यक्ति के यहां बतौर ड्राइवर काम कर चुका है। मुंबई क्राइम ब्रांच सूत्रों का कहना है कि यह फेमस व्यक्ति कोई और नहीं, बॉलिवुड की कोई बड़ी हस्ती है। इस आधार पर माना जा रहा है कि रामबहादुर बॉलिवुड से जुड़े लोगों की जानकारी रवि पुजारी गैंग तक पहुंचाता था। इसलिए मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस संभावना से इनकार नहीं किया कि जिन लोगों ने पिछले महीने मोरानी के घर के बाहर गोलीबारी की थी, संभव है कि रामबहादुर या उसके दो गिरफ्तार साथियों का परोक्ष या अपरोक्ष रूप से कोई संबंध हो और इसलिए इन तीनों आरोपियों से इस बारे में सख्त पूछताछ की जा रही है। इंस्पेक्टर दिलीप फुलपगारे, नितिन पाटील, लक्ष्मीकांत सालुंके की जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से जो 11 सिम कार्ड्स बरामद हुए हैं, उनमें इंटरनैशनल कॉल्स भी आए हैं। यह इंटरनैशनल कॉल्स रवि पुजारी के ही हैं।

क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल लोकेशन 23 अगस्त को पश्चिम उपनगर के दिख रहे हैं। मोरानी का घर जो जुहू में है, वह पश्चिम उपनगर में ही आता है। तीनों आरोपी ने कुछ महीने पहले नालासोपरा में किराए का घर लिया था। रवि पुजारी ने जिस अंग्रेजी पत्रकार की सुपारी दी थी, मुंबई मीडिया में उसे बहुत इज्जत से देखा जाता है। इस अंग्रेजी पत्रकार ने कुछ दिनों पहले जो एक लेख लिखा था , उसमें रवि पुजारी गैंग को चिल्लर गैंग बताया गया था। खास बात यह है कि रवि पुजारी जब भी मुंबई में कोई वारदात करता है, मीडिया में किसी न किसी को फोन कर इस वारदात की सूचना जरूर देता है , ताकि मीडिया को इस वारदात के बारे में पता चल सके और मीडिया के जरिए उसकी पब्लिसिटी हो सके। इसी पब्लिसिटी के लिए वह कभी प्रीति जिंटा – नेस वाडिया केस में वाडिया को धमकाता है और कभी मोरानी के घर के बाहर गोली चलवाकर फिर शाहरुख खान के दफ्तर में कॉल करता है। और फिर इसकी सूचना खुद व खुद मीडिया को देता है। पर उसे यह पसंद नहीं कि मीडिया उसके खिलाफ कुछ लिखे। करीब एक दशक पहले इस एनबीटी संवाददाता ने रवि पुजारी पर एक लेख लिखा था , जिसका शीर्षक था – डॉन की थाली में छेद करने वाला पुजारी। रवि पुजारी को वह लेख पसंद नहीं आया और उसने उसके बाद इस संवाददाता को भी दिन भर कई धमकी भरे कॉल्स किए थे।

अंडरवर्ल्ड द्वारा पत्रकारों की सुपारी देने की बात कोई नई नहीं है। तीन साल पहले अंग्रेजी पत्रकार जे डे का छोटा राजन ने अपने शूटर सतीश कालिया के जरिए मर्डर कर दिया था। करीब एक दशक पहले मुंबई के एक और अंग्रेजी पत्रकार की छोटा शकील ने अपने शूटर आरिफ कालिया के जरिए सुपारी दी थी। शकील इस बात से तब खफा था कि उस अंग्रेजी पत्रकार ने छोटा शकील की मोटी गर्ल फ्रेंड की लव स्टोरी अपने न्यूजपेपर में पब्लिश कर दी थी। जिस आरिफ कालिया को सुपारी दी गई थी , उसे बात में एसीपी प्रफुल्ल भोंसले की टीम ने एनकाउंटर में मार दिया था।

नभाटा, मुंबई में प्रकाशित सुनील मेहरोत्रा की रिपोर्ट.

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