जनरल रावत की मौत और शक की सुई!

श्याम मीरा सिंह-

जिन परिस्थितियों में पुलवामा हुआ, जिस तरह रफ़ाल घपले की खबरों को दबाया. जिस तरह पैंगोंग झील के पास चीनी हमले में शहीद सैनिकों . की खबर नहीं आने दी. उसने शक की बड़ी बुनियाद खड़ी की है. बिपिन रावत मामले की जाँच होनी ज़रूरी है, हेलिकॉप्टर में टेक्निकल इश्यू भी आया तो क्यों? और कैसे?

हालाँकि हर बार ज़रूरी नहीं है कि इस तरह के मामले के पीछे कोई षड्यंत्र ही हो, लेकिन किसी भी तरह की सम्भावना को एकदम नकारना और स्वीकारना दोनों में नहीं जाना चाहिए.

अगर इसे पूरी तरह टेक्निकल इश्यू ही मानकर चलें तो इसमें किसकी लापरवाही रही? इतनी बड़ी दुर्घटना की ज़िम्मेदारी तय होनी चाहिए. आख़िर कहाँ लापरवाही हुई कि हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ और हमने 13 लोगों को खो दिया. इस तरह की घटनाएँ आगे ना दोहराई जाएँ इसके लिए ज़िम्मेदारी तय होना ज़रूरी है.

चुनिंदा टिप्पणियाँ-

महक सिंह तरार- डबल इंजिन का हेलीकॉप्टर था।
रावत उत्तराखंड से थे, वहां चुनाव भी है।
आज राजनाथ ने स्टेटमेंट नही दिया।
जब SP आंतकवादियो को अपनी कार से दिल्ली छोड़ने आ रहा था तो उसने कहा था बहुत ऊंचा खेल है।
गोधरा की लाशें सारे शहर मे घुमाई थी, पता नही आपको याद है या नही।
वाजपेयी के भी लोटे घुमाए गये थे।

इन सब वाक्यों का कोई आपसी संबंध नही है।

मीनू जैन- उत्तराखण्ड में 3 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया गया है

मोहम्मद वसीम- MIसीरीज़ के हेलिकॉप्टर के इतने हादसों के बावजूद रूसी विमानों पर मौज़ूदा सरकार की अगाध श्रद्धा है…खुद के लिए तो 8.4 हजार करोड़ का अमेरिकी विमान और सेना के लिए …?? देश के मौज़ूदा राजनीति ने इतना अविश्वास पैदा कर दिया है, की अब तो हर घटना-दुर्घटना पर संदेह होता है…??
अभी-अभी कल ही तो पुतिन एक बङी रक्षा ङील करके गया है…
और आज ही यह घटना क्या यह ऐसटेब्लिस्मेन्ट की करामात तो नहीं है…???मौज़ूदा सरकार में बहुत सारी मौतें संदेह से परे नहीं हैं…!!! जेटली.. स्वराज.. पार्निकर..और अब CDS…!!! एक अज़ीबोगरीब संजोग यह है, कि यह सभी लोग़ो को एक बङे रक्षा घोटाले के क़रीब से ज़रूर ही गुज़रे हैं…क्या यह महज एक संजोग भर है…???

Amarnath pathak- The entire ecosystem must be helping the masters to persuade through 2024 what could not be achieved through Pulwama and so called farmers agitation …a much bigger conspiracy at play

Gulrez iqbal- सवाल बहुत से उठते हैं… यह एक्सीडेंट कैसे संभव है? इतने एडवांस रशियन हेलीकॉप्टर इसके पहले कितने क्रैश हुए हैं? जिसमें चीफ आॉफ डिफेंस बैठे थे वही हेलीकॉप्टर क्यों क्रैश हुआ? दूर दूर की आशंकाओं के पहलुओं की भी जांच की जाएगी?


कृष्ण कांत अग्निहोत्री-

एक जानकारी में कहा गया है कि जिस किसी ने भी MI 17 को उड़ाया है या उस पर काम किया है, वह यह अच्छी तरह जानता है कि यह मौसम या तकनीकी समस्या या मानवीय त्रुटि के कारण इसकी यह कोई आकस्मिक दुर्घटना नहीं है, जिसमें हमारे सर्वोच्च सेना प्रमुख, उनकी पत्नी एवं 12 अन्य सैन्य अधिकारी-जवान मारे गए हैं।

कहा गया है कि AK47 आपको कभी भी विफल नहीं करता है, चाहे आप इसे पानी अथवा भूमि में 6 फीट नीचे लंबे समय तक रखें और MI 17 “चॉपर वर्ल्ड” का AK47 है।

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