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“गर्लफ्रेंड/ब्यायफ्रेंड” पर ‘राउंड टेबल’ पॉडकास्ट चैनल को हड़पने का आरोप!

परमिंदर अंबर-

‘राउंड टेबल’ पॉडकास्ट चैनल को सिर्फ दो लोगों ने शुरू किया था, एक मैं और दूसरे शशांक समीर ने। इसके अलावा टीम में थंबनेल बनाने वाले से लेकर वीडियो एडिटिंग के मेंबर थे। लेकिन जब चैनल चल निकला तो शशांक और उसकी गर्लफ्रेंड ने चैनल हड़पने का प्लान बनाया। दोनों गर्लफ्रेंड और ब्वायफ्रेंड ने मुझे बिना बताए सबसे पहले पासवर्ड चेंज कर लिया। जिससे चैनल की ऐक्सेस मेरे पास न रहकर सिर्फ़ इन दोनों गर्लफ्रेंड-ब्वायफ्रेंड के पास रहे। बिना मेरी सहमति के दोनों ने चैनल का कवर चेंज करके ख़ुद दोनों की तस्वीर लगा ली। हमारे निजी विवाद के बीच, जो कि सोल्व भी नहीं हुआ था, अभी सुनने में ये भी आया है कि इन्होंने चैनल को MSME में रजिस्टर करवा लिया और चैनल की हकदारी दोनों गर्लफ्रेंड-ब्वायफ्रेंड ने 50-50% कर ली।

विवाद ये था कि चैनल मैंने और शशांक ने शुरू किया था लेकिन जब चैनल चलने लगा तो शशांक कहने लगा कि इसमें उसकी गर्लफ्रेंड- रीतिका की भी बराबर हिस्सेदारी है। मैंने कहा कि ऐसा तो शुरू से था ही नहीं। तो इन दोनों ने चुपचाप चैनल का पासवर्ड बदल लिया।

ये कह रहे हैं कि चैनल के सामान का पैसा शशांक ने दिया, लेकिन ये पूरी कहानी नहीं बता रहे। समान 7 लाख में ख़रीदा गया था, जिसे ख़रीदने के लिए मैं हर जगह गया. ( इसमें कैमरा, लैपटॉप EMI पर है)। बात ये हुई थी कि अभी शशांक और EMI की मदद से सामान ख़रीद लेते हैं, और जैसे ही मेरे जो पैसे आने वाले हैं मैं इसके आधे पैसे- यानी 3.5 लाख रुपए में दूँगा. साफ़ है यहाँ मेरे ऊपर फिफ्टी परसेंट की लाइएबलिटी की ज़िम्मेदारी थी. एक तरह से ये पैसे आपसी सहमति से मेरे ऊपर कुछ समय के लिए उधार थे, जो हर हाल में मुझे चुकाने थे चाहें चैनल चले या ना चले. सामान का आधा पैसा मुझे ही देना था. अगर यहाँ तीन साझेदार होते तो मुझे आधे पैसे क्यों चुकाने पड़ते? तब मैं सिर्फ़ एक तिहाई पैसे देने का हक़दार होता? साफ़ है मैं फिफ्टी फिफ्टी परसेंट का पार्टनर था.

हक़ीक़त ये है कि सामान लाने का पूरा प्लान मेरा था. एडिटर दीपांशु, गौरव मिश्रा, संदीप सिंह, और आदर्श यादव, को थंबनेल बनाने के लिए मैंने रखा था. जो ध्रुव राठी और श्याम मीरा सिंह का भी थंबनेल बनाते रहे हैं. इनके पैसे देने की जिम्मेदारी मेरी थी. ना कि शशांक की. मैंने ही श्याम मीरा आदि से कॉल कॉल करके एक्वीपमेंट्स के बारे में पूछा था और उचित दामों पर साथ में ख़रीदे थे.

तीन रूम के जिस फ़्लैट में पॉडकास्ट की व्यवस्था की गई। उसका अरेंजमेंट भी मैंने किया था. अगर कहीं भी आने जाने में पैसा लगता है. मैंने 50 प्रतिशत किराया हर बार दिया है. लक्ष्मण यादव जी, उदय प्रताप सिंह जी, मनोज यादव जी , अभिषेक यादव जी सबको पॉडकास्ट के लिये नोयडा मैंने बुलाया था. यह सब मेरे व्यक्तिगत अनुरोध पर समय देने के लिए सहमत हुए थे. 50 प्रतिशत रुपए देने की जो बात हुई थी वो हमेशा कई लोगों के समक्ष की थी. ये कोई छुपा हुआ फैक्ट नहीं है.

ब्वॉयफ्रेंड- शशांक ने मुझसे बोलकर ही अपनी गर्लफ्रेंड- रीतिक को साथ ले जाना शुरू किया, गर्लफ्रेंड को एक सहयोगी के तौर पर शामिल करने में कोई एतराज नहीं था। जैसे टीम के अन्य लोग काम कर रहे थे, वैसे ही रीतिका ऐज़ ए टीम मेंबर काम कर रही थीं. इस चैनल पर अभी तक तीन पॉडकास्ट पब्लिश हुए- पहला- श्याम मीरा सिंह, दूसरा- जैकी यादव और तीसरा- राजकुमार भाटी साहब का. श्याम मीरा सिंह जब मेरे पॉडकास्ट पर आए तब चैनल पर मात्र 200 सब्सक्राइबर थे, एक भी वीडियो नहीं थी, वो सिर्फ़ मेरी मित्रता के कारण आए, इन दोनों बॉयफ्रेंड- गर्लफ्रैंड को वो ना जानते थे ना पहचानते थे। वो सिर्फ़ मेरे पर्सनल रिलेशन की वजह से ताकि मेरा चैनल अच्छे से स्टार्ट हो इसलिए वो एकदम नये चैनल पर आए। और उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर भी मेरे ही नाम से इसे शेयर किया, ट्विटर पर भी उन्होंने मेरे नाम से शेयर किया। उनकी पहली वीडियो ही लाखों व्यूज पाई, और चैनल पहली ही वीडियो में मोनेटाइज़ हो गया। दूसरा पॉडकास्ट जैकी यादव का और तीसरा राजकुमार भाटी जी का था, जिसे लाख व्यूज आए। ये दोनों मेरे आग्रह पर आए।

लेकिन इससे इन दोनों बॉयफ़्रेंड-गर्लफ्रेंड को लालच आया कि इस चैनल से कैसे भी मुझे निकाल दें। और वो अपनी गर्लफ्रेंड को भी अब को-फाउंडर की तरह प्रचारित करने लगा।

मैं कभी नहीं बोला कि रीतिका का चेहरा सुंदर है. ये उसके ब्यायफ़्रेंड- शशांक का ही आईडिया था कि होस्ट में अगर एक लड़की रहेगी और वह सुंदर भी है तो अधिक रीच मिलेगी। मेरा तुमसे (गर्लफ्रेंड) क्या वास्ता है? मैं तो तुम्हारे ब्वॉयफ्रेंड को ही जानता था। और उसके कहने पर ही होस्ट के तौर पर बैठने दिया। जैसे बाक़ी टीम मेंबर सहयोग दे रहे थे, वैसे ही सहयोगी के तौर पर मैंने सहजता से हाँ कर दी। लेकिन बॉयफ़्रेंड शशांक ने अब रीतिका को भी को-फाउंडर कहना शुरू कर दिया ताकि चैनल का अधिकांश हिस्सा दोनों बॉयफ्रैंड-गर्लफ़्रेंड के पास आ जाए। अब ये सोशल मीडिया पर प्रचारित कर रहे हैं कि मैं महिला को हक़ नहीं दे रहा, अरे महिला को हक़ देना है शशांक अपने हिस्से से दे, पूरा 50% दे दे, मैं मना कर रहा हूँ? मैंने अपनी मेहनत से चैनल खड़ा किया है प्रमोट कराया है तुम्हें मेरे हिस्से से क्यों चाहिए? ऐसे तो टीम में थंबनेल बनाने वाले और एडिटिंग करने वाले भी थे जिन्हें मैं लेकर आया। इस प्रकार तो उन्हें भी हिस्सेदारी दी जानी चाहिए। इसमें महिला पुरुष कहाँ से आ गया? कल को अपनी मम्मी, चाची, बहन, बुआ सबके लिए हिस्सेदारी माँगोगे। जिसको भी हिस्सेदारी देनी है अपने में से दो।

रीतिका बार बार ख़ुद को दलित-बहुजन आइडेंडिटी के बृहद छत्र में प्रमोट कर रही है, ताकि लोगों में ये भ्रम जाए कि ये दलित है जबकि ये एक सक्षम परिवार की ओबीसी हैं, मैं भी ओबीसी हूँ मैं रीतिका के अमीर परिवार से नहीं हूँ. मैं तुम्हारी तरह सोने का चम्मच और प्रिविलेज लेकर पैदा नहीं हुआ हूँ. एक छोटे किसान का बेटा हूँ और गाय चराकर, दूध बेचकर खुद को बहुत मेहनत से बनाया हूं।

तुम लोगों ने चुपचाप पार्सवर्ड चेंज कर दिया, तुम लोगों ने चैनल की कवर फोटो में से भी मुझे निकालकर अपनी लगा दी अब MSME में जाकर चैनल का हिस्सा भी तुम गर्लफ्रेंड बॉयफ़्रेंड ने बिना मुझे बताए- 50-50 परसेंट कर लिया। कोई बात नहीं। मैं मान लेता हूँ मेरी ही गलती है। मैं ग़लत हूँ, स्वार्थी हूँ। मगर न्याय के नियम से चलते हैं।

हम तीनों JNU से पढ़े हैं, Jnu के कोई भी 3 प्रोफेसर जो तुम्हारी पसंद के हों, या सीनियर जिन्हें तुम चुनो, उनके सामने मैं अपना पक्ष रखने को तैयार हूं, तुम्हारे तय किए समय और स्थान पर सभी चैट्स और बातचीत में शामिल लोगों के साथ आकर। टीम के सभी मेंबर्स के साथ. सभी अपना पक्ष रखेंगे, तुम अपना रखना, मैं अपना रखूँगा, और जो निर्णय वे तीनों प्रोफ़ेसर या सीनियर, पंच के रूप में दे देंगे मैं उसे स्वीकार कर लूँगा, वे मुझे आर्थिक, सामाजिक जैसा भी दंड देंगे मैं उस सजा के लिए तैयार हूँ. तुम लोगों से मैंने बातचीत की कोशिशें की लेकिन तुम बात नहीं कर रहे, ब्लॉक भी कर रखा हूँ. मैंने श्याम मीरा सिंह के माध्यम से बातचीत करने की कोशिश की तब भी तुमने उन्हें मना कर दिया और बोल रहे हो कि अब क्या बात करें अब तो हमने रजिस्ट्रेशन करवा लिया, दोनों बॉयफ्रेंड गर्लफ्रैंड ने ख़ुद ही 50-50% कर लिया? शर्म नहीं आई? चैनल विवादित है तो तुम अकेले दोनों जाकर रजिस्ट्रेशन कैसे करवा सकते हो? कैसे जाकर अकेले अकेले पॉडकास्ट कर सकते हो? बिना मेरा, मेरी टीम का कुछ मेहनताना दिये? विवाद का बिना निर्णय हुए? दोनों बॉयफ्रैंड गर्लफ्रेंड 50-50% के मालिक बन गये?

मैं यहाँ इस विवाद निर्णय लेने के लिए तीन प्रोफ़ेसर या तीन सीनियर का विकल्प दे रहा हूँ, जोकि न्यायिक है। दूसरा विकल्प भी दे रहा हूँ। श्याम मीरा सिंह से बातचीत में तुमने कहा था कि तुमने मुझे विकल्प दिया था कि तुम बॉयफ़्रेंड और गर्लफ्रैंड मिलकर 50% (30+20) होने के लिए तैयार थे और मैं और मेरे द्वारा चुने हुए एक और व्यक्ति को 50% देने के लिए तैयार थे। मैं तुम्हारी ही पिछली बात पर सहमत होता हूँ। तुम दोनों बॉयफ़्रेंड गर्लफ्रेंड- 50% हो जाओ, 30% हो जाता हूँ अपने वाले में से बचे 20% में टीम मेनबर्स को दे देता हूँ। इस तरह 50% तुम दोनों का, 50% मेरा और अन्य टीम मेंबर्स का, अब या तो तुम दो लाख मुझसे ले लो, और अलग हो जाओ। या मुझे दो लाख दे दो, मैं और मेरे टीम मेंबर्स 2 लाख लेकर अलग हो जाएँगे।

दूसरी पार्टी के सवाल जवाब भी पढ़िए….. नीचे


रितिका-

एक बार फिर से सुन ले परमिंदर अंबर, मैं हरियाणा से ज़रूर आती हूँ, पर ना मैं खाप पंचायत में यक़ीन रखती हूँ, ना तुम जैसे की बुलायी ट्विटर पंचायत में!

अगर तुझे लगता है कि तेरे साथ बुरा हुआ है तो तू दिल्ली हाई कोर्ट में लीगल केस फाइल कर, क्यूंकी मैं तेरे ऊपर ICC एंड दिल्ली हाई कोर्ट में डेफमेशन का केस फाइल करने जा रही हूँ, जिसमे तुमने मेरी प्राइवेसी यानी नीजता का उल्लंघन किया है!

“I will see you in the Court” is my final message and Reply to you!

How shameful and mentally sick it is to reduce a women’s existence into her relationship status, and publicly shame her for it. Who are you to decide who’s wife I am, whose girlfriend I am, whose daughter I am? You should be ashamed of yourself ambar parmindar for the language you have restored to now that I have exposed you. You are a sick Manuwadi. Not a socialist!

ये परमिंदर अंबर निहायत ही पितृसत्तात्मक सोच का है, क्योंकि जब इसकी चोरी पकड़ी गई कि राउंड टेबल नाम भी इसका सुझाया हुआ नहीं था और मैं इसमें हमेशा से साझेदार थी, तो मुझे किसी की गर्लफ्रेंड घोषित करना शुरू कर दिया । इस तरह के पितृसतात्मक सोच के लोग सदियों से औरतों को किसी की बेटी, किसी की गर्लफ्रेंड और किसी की बीवी तक reduce कर देते है, मनुस्मृति में जैसा मनु ने घोषित किया था कि औरत की existence सिर्फ़ किसी मर्द के इर्द गिर्द ही हो सकती है। ये आदमी और इसकी सोच पूरी तेरह से मनुवादी है बस ये खाल सामाजिक न्याय का पहन रखा है।

सुन ले परमिंदर अंबर मैं तेरे को बहुत कुछ कहना चाहती हूँ पर मैं अपने ट्विटर के फॉलोवर और सपोर्टर्स जिन्होंने मुझे सपोर्ट किया है, उन्हें ही बस मैं क्लेरिफाई कर रही हूँ ताकि उन्हें कोई ग़लतफ़हमी ना रहे, बस इतना ही कहूँगी की मैं हरियाणा से आती हूँ जहां औरतों को पढ़ने की तो छोड़िए, घर से निकलना मुश्किल है।

मैं हरियाणा की कोई प्रीवलेजेड ओबीसी कास्ट से नहीं आती हूँ, मैं एक EBC यानी अति पिछड़ा समाज से आती हूँ, और मेरे परिवार में मैं फर्स्ट जनरेशन यूनिवर्सिटी में आयी हूँ, वो भी जेएनयू जैसे यूनिवर्सिटी में, मेरी माँ और पिता की एजुकेशन नाम मात्र की है, और मैंने अपने दम पे जेएनयू की सबसे इलीट एंट्रेंस MA in Arts and Aesthetics में ओबीसी केटेगरी में होकर भी जनरल में टॉप किया है।

तो ये कहना कि मैं किसी की GF हूँ और मेरा चेहरा अच्छा है, ये कितनी वाहियात सोच है, जो निहायत ही sexist है और महिला विरोधी है।

ये आदमी इस कदर गिर जाएगा, ये मुझसे ज़्यादा इसके ट्विटर पे जो फॉलोवर है और सामाजिक न्याय में कोटा विदिन कोटा की माँग उठाने वाले को सोचना चाहिए।

“पासवर्ड बदल दिया।” क्यों नहीं बदलूँगी और मुझे क्यों नहीं बदलना चाहिए भी क्योंकि मैं हर उस चीज़ के लिए लड़ूँगी जिसपे मेरा वाजिब हक़ है। ambar parmindar

मेरी माँ एक बहादुर औरत हैं। उन्होंने मुझे इस दुनिया में इसलिए नहीं जन्म दिया कि मैं किसी खुदगर्ज़ और नाकाबिल आदमी की बकवास सहती रहूँ, जो दूसरों की मेहनत का श्रेय लेता है और अपनी राजनीति और स्वार्थ से आगे सोच ही नहीं सकता।


परमिंदर अंबर-

Round Table चैनल मैंने और शशांक समीर भाई ने मिलकर शुरू किया था. चैनल का नाम भी मेरा सोचा हुआ था. बहुत सारे नाम चुने गए लेकिन यही अच्छा लगा था.

मेरे सहयोगियों ने चैनल का पासवर्ड बदल लिया.

मेरे साथ जो लोग थे अब उस टीम का हिस्सा नहीं है.

बहुत सारे दोस्तों की मेहनत ख़राब हो गयी. आप सबने विश्वास किया था उसके लिए शुक्रिया.

मैं यह नहीं कहता कि इसमें कौन सही या ग़लत है. यह मेरे आस पास के लोग जानते हैं. अब आप सब भी जान जाएँगे.

मैंने अपने सहयोगियों के साथ का वीडियो हटाने के लिए रिक्वेस्ट किया है. ( जबकि उन्होंने अभी तक नहीं हटाया) क्योंकि मेरे पास अब राउंड टेबल का एक्सेस नहीं है.

पिछले दो महीने से मेरे पास चैनल का पासवर्ड नहीं है तो मैंने अब TalkwithParmindar नाम से चैनल शुरू किया है.


रितिका-

मैं यहां Roundtable Podcast में किए गए सारे पैसे का हिसाब और उनका बिल यहाँ डालूंगी, ताकि लोगों को सच पता चले और यह साफ हो जाए कि सहानुभूति पाने के लिए झूठ कौन बोल रहा है!

तुमने एक पैसा भी निवेश नहीं किया, जबकि मैंने 1 लाख रुपये और शशांक ने 7 लाख रुपये इस Roundtable में लगाए। हम आज भी इसकी ईएमआई भर रहे हैं।

तुमने आखिर क्या योगदान दिया? बस सोफे पर बैठकर मुझे प्री-प्रोडक्शन और पोस्ट-प्रोडक्शन में मेहनत करते देखते रहे! अब तक मैं चुप थी, लेकिन अब नहीं रहूंगी!


परमिंदर अंबर-

रितिका आपको नहीं मुझे हटाना चाहिए. यह ठीक नहीं था. मैं शशांक भाई से ही जुड़ा था. आपको जोड़ा गया था फिर.


रितिका-

I invested 1 lac into this project, and Shashank invested 7 Lacs. We are still paying the EMIs.

What did you bring to the table except for sitting on the couch and watch me put in all the labour pre-production as well as post production! Even the guest would call me “the camera women” haha I was silent so far, now I won’t be!

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