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सहारा मीडिया को हराकर ही दम लिया इन दो महिला पत्रकारों ने, 3-तीन लाख रुपया और नौकरी भी वापस मिली

हारा इंडिया मास कम्युनिकेशन नोएडा को एक बार फिर से करारा करंट लगा है। कोर्ट ने गीता रावत और रमा शुक्ला से जुड़े नौकरी बहाली (reinstatement) और बकाया वेतन (back wages) मामले में को लेकर दोनों महिलाओं के पक्ष में एक बार फिर से सकारात्मक निर्णय दिया है।

ताजा इनपुट ये है कि हाईकोर्ट के भारी दबाव के बाद सहारा में गीता जी और रमा शुक्ला जी को कल सोमवार 19 मई को ज्वाइनिंग दे दी गई है। साथ ही उन्हें एक साल की सैलरी भी डीडी के रूप में दे दिया गया है।

इससे पहले याचिकाकर्ता गीता व रमा को 2024 में तीन-तीन लाख रुपये (डीडी) बकाया भुगतान किए गए, लेकिन उन्हें पुनः सेवा में बहाल (reinstatement) नहीं किया गया था, जबकि अदालत ने 30 अप्रैल 2024 के अपने आदेश में नौकरी पर बहाल करने को कहा था। मामला एक साल और खिंच गया।

इसके बाद दोनों महिलाओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने सहारा को आदेश दिया कि- दोनों महिलाओं को 30 अप्रैल 2024 से लेकर 18 मई 2025 तक की सैलरी और 19 मई 2025 को ज्वाइन कराया जाए। जिसकी रिपोर्ट 26 मई की कोर्ट डेट में मांगी गई है। गीता व रमा जी का केस सीनियर एडवोकेट मनमोहन जी और राजुल गर्ग जी हैंडल कर रहे थे।

सहारा इंडिया (उत्तरदाता संख्या 5) की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एस.एस. निगम ने कहा कि उनका मुवक्किल तैयार है, याचिकाकर्ता को सेवा में बहाल करने और बकाया वेतन का भुगतान करने के लिए।

बहराहल, सूत्रों की माने तो 26 मई को और भी तमाम मोड़ आ सकते हैं, मामले में। बताया तो यह भी जा रहा है कि महिला पत्रकारों के कार्यभार में कुछ बदलाव कर दिया गया है.. जिसे लेकर उन्हें असुविधाएं हो रही हैं। 26 की हेयरिंग में सहारा और महिलाओं को कोर्ट में अपनी अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा।

देखें आदेश की प्रति…

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