सुब्रत रॉय को आदेश जारी करना पड़ा- ‘ट्रांसफर पोस्टिंग प्रमोशन इनक्रीमेंट के मामलों में बाहरी लोगों से सिफ़ारिश न लगवाएँ’

सहारा समूह की दुनिया निराली है। यहाँ कार्यरत चतुर सुजान लोग बड़े बड़े नेताओं अफ़सरों मंत्रियों से पैरवी लगवाकर अपना भला कराते रहते हैं।

बहुत से ऐसे लोग भी हैं जो बाहरी नेताओं अफ़सरों से सिफ़ारिश लगवाकर सहारा मीडिया में नौकरी पा गए। सहारा ग्रुप का मूल धंधा ऐसा है कि उसे नेताओं अफ़सरों को पटा कर रखना पड़ता है।

इस वजह से सहारा में नौकरी पाने और फिर ट्रांसफर पोस्टिंग प्रमोशन इनक्रीमेंट आदि में लाभ लेने के किए बाहरी फ़ोन कराने का ट्रेंड ज़ोर पकड़ता जा रहा है। इस रोग के दिनोंदिन बढ़ते जाने से दुखी सहारा श्री सुब्रत रॉय ने एक लिखित आदेश जारी कर ऐसी सिफ़ारिशें न करवाने का निर्देश दिया है।

जो लोग बाहरी ताक़तों से पैरवी कराने से अब भी बाज न आए तो उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई होगी।

देखें नोटिस-

चर्चा है कि यूपी के एक ताकतवर मंत्री ने सुब्रत राय सहारा पर दबाव डाला। वे अपने एक ख़ास व्यक्ति को संपादक या स्टेट ब्यूरो चीफ बनवाना चाहते थे। लेकिन सुब्रत राय ने स्पष्ट मना कर दिया। सिफारिश के बाद उन सज्जन को राष्ट्रीय सहारा लखनऊ में तैनाती दी गयी है। इस बाहरी दबाव से सुब्रत राय इतने नाराज हुए कि उन्होंने अपने कर्मचारियों के लिये आदेश देते हुए आन्तरिक सरकुलर निकाल दिया।



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One comment on “सुब्रत रॉय को आदेश जारी करना पड़ा- ‘ट्रांसफर पोस्टिंग प्रमोशन इनक्रीमेंट के मामलों में बाहरी लोगों से सिफ़ारिश न लगवाएँ’”

  • Noushad ali says:

    देश का सबसे बड़ा गद्दार और माफिया सुब्रत रॉय जिसने अपनी ही कम्पनी में काम करने वाले 365 अभिकर्ताओ,एम्प्लॉई और जमाकर्ताओ को आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया !
    मुख्यधारा की मीडिया को समय-समय पर अच्छा ख़ासा ईनाम देकर अपने पक्ष में रखता है,मंत्री सरकारो के नोकरशाह इसके इर्द-गिर्द खुमते है
    स्वंतत्रत पत्रकार और पोर्टल भी इसके प्रभाव व चमचागिरी से अछूते नही है !
    आखिर कब तक,वो समय दूर नही है जब ये ही सब लोग इससे मुँह फेरने वाले है !

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