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मध्य प्रदेश

साईं प्रसाद के दो हजार करोड़ के चिटफंड घोटाले में मुंबई ईओडब्ल्यू ने इंदौर में मारा छापा, तीन ऑफिस सील

इंदौर। दो हजार करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले की जांच कर रही मुंबई आर्थिक अपराध विंग (ईओडब्ल्यू) की टीम ने बुधवार को इंदौर में तीन स्थानों पर छापे मारे। टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से सर्चिंग की और ऑफिस सील कर दिए। कंपनी का चेयरमैन और उसका बेटा जेल में है। कंपनी पर 20 लाख इन्वेस्टर के साथ ठगी का आरोप है। घोटाले में शामिल सात लोगों की पुलिस तलाश कर रही है। विजय नगर पुलिस के मुताबिक बुधवार को ईओडब्ल्यू एसआई महेश तांबे टीम के साथ इंदौर पहुंचे।

इंदौर। दो हजार करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले की जांच कर रही मुंबई आर्थिक अपराध विंग (ईओडब्ल्यू) की टीम ने बुधवार को इंदौर में तीन स्थानों पर छापे मारे। टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से सर्चिंग की और ऑफिस सील कर दिए। कंपनी का चेयरमैन और उसका बेटा जेल में है। कंपनी पर 20 लाख इन्वेस्टर के साथ ठगी का आरोप है। घोटाले में शामिल सात लोगों की पुलिस तलाश कर रही है। विजय नगर पुलिस के मुताबिक बुधवार को ईओडब्ल्यू एसआई महेश तांबे टीम के साथ इंदौर पहुंचे।

एसआई के मुताबिक असिस्टेंट जनरल मैनेजर (सेबी) अंकित भंसाली की शिकायत पर आरोपी बाला साहब भापकर व उसके बेटे शशांक सहित सात लोगों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 406, 409 सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। आरोपियों ने साईं प्रसाद प्रॉपर्टीज लिमिटेड (एसपीपीएल) व साईं प्रसाद फूड लिमिटेड (एसपीएफएल) कंपनी खोल कर पूंजी स्कीम के तहत लोगों से रुपए इन्वेस्ट करवा लिए। आरोपियों ने लोगों से रुपए लेकर अन्य स्थानों पर लगा दिए। जांच में खुलासा हुआ कि करीब 20 लाख लोगों के साथ ठगी की गई है। घोटाले की राशि 2500 करोड़ से अधिक पहुंच गई है।

इंस्पेक्टर अशोक खेड़ेकर के मुताबिक आरोपियों ने 20 राज्यों में ऑफिस खोल लिए थे। रुपए न्यूज चैनल में इन्वेस्ट किए थे। जांच के लिए कई टीमें गठित कर अभी तक 180 से अधिक स्थानों पर छापे मारे जा चुके हैं। बुधवार को विजय नगर व तुकोगंज स्थित जूही प्लाजा में भी दल पहुंचा। कंपनी के तीन ऑफिस खाली मिले। सर्चिंग की, लेकिन घोटाले से जुड़े दस्तावेज नहीं मिले। छानबीन के बाद ऑफिस को सील कर दिया। इंस्पेक्टर अशोक के मुताबिक आरोपी नए ग्राहकों से रुपए लेकर पूराने ग्रहकों को दे देते थे। स्कीम में 12 से 18 फीसदी रिटर्न का लालच दिया जाता था। करीब 12 साल में अलग-अलग 23 कंपनियां खोलीं और लोगों को ठग लिया। टीम कंपनी के खाते पूर्व में ही सीज कर चुकी है। गुरुवार को खातों में जमा रुपए व लेनदेन की जानकारी ली जाएगी।

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