Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

बजट आज : असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कोष बनेगा?

महेश शर्मा-

देश में 30.4 करोड़ असंगठित श्रमिक, उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 8.4 करोड़

नई दिल्ली: आगामी बजट को लेकर श्रम संगठनों को उम्मीद है कि सरकार असंगठित श्रमिकों, गिग और ऑनलाइन कर्मचारियों के लिए एक सामाजिक सुरक्षा कोष का गठन कर सकती है। हालांकि, सवाल यह भी है कि क्या यह उम्मीद हर बार की तरह इस बार भी अधूरी रह जाएगी, या फिर यह बजट इन श्रमिकों के लिए किसी तोहफे की तरह होगा? सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने इसे 2025-26 की प्राथमिकताओं में शामिल किया है।

सरकार की ओर से संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, ई-श्रम पोर्टल पर 1 दिसंबर 2024 तक 30.4 करोड़ असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण हो चुका था। इस पोर्टल को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने असंगठित श्रमिकों का व्यापक नेशनल डेटाबेस तैयार करने के उद्देश्य से शुरू किया था।

ई-श्रम पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों की चौंकाने वाली तस्वीर

• पंजीकृत श्रमिकों में 53.6% महिलाएं हैं, जबकि 46.4% पुरुष।

• 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के 60% श्रमिक पंजीकृत।

• 40 से 50 वर्ष आयु वर्ग के 23.3% और 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 16.5% श्रमिक।

राज्यवार आंकड़े: यूपी सबसे आगे

• उत्तर प्रदेश में 8.4 करोड़ असंगठित श्रमिक पंजीकृत (कुल संख्या का 27%)।

• बिहार दूसरे स्थान पर।

• पश्चिम बंगाल में 2.6 करोड़ असंगठित श्रमिक पंजीकृत।

• अधिकांश राज्यों में यह संख्या 1 करोड़ से 70 लाख के बीच।

असंगठित क्षेत्र में सबसे अधिक श्रमिक किस सेक्टर में?

• 52% श्रमिक कृषि कार्यों में संलग्न।

• 2.9 करोड़ श्रमिक घरेलू कार्यों में।

• 2.74 करोड़ श्रमिक निर्माण क्षेत्र में।

ई-श्रम पोर्टल को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया

सरकार ने ई-श्रम पोर्टल को प्रधानमंत्री श्रम मानधन योजना से जोड़ा है, जो 18 से 40 वर्ष की आयु के श्रमिकों के लिए एक पेंशन योजना है। इसके अलावा, इसे स्किल इंडिया डिजिटल पोर्टल और माईस्कीम पोर्टल से भी जोड़ा गया है।

अब तक इस पोर्टल को कई सरकारी योजनाओं से लिंक किया जा चुका है, जिनमें शामिल हैं:

• प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY)

• प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY)

• आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना

• प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM-SVANidhi)

• प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-U और PMAY-G)

• महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा)

सामाजिक सुरक्षा कोष से क्या मिलेगा लाभ?

यदि सरकार असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कोष का गठन करती है, तो उन्हें न्यूनतम पेंशन, चिकित्सा सुविधाएं, और शिक्षा संबंधी लाभ मिल सकते हैं।

ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) महासचिव अमरजीत कौर के अनुसार, दस सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने वित्त मंत्री को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें असंगठित श्रमिकों के लिए राहत की मांग की गई है।

श्रम विधिक सलाहकारों का कहना है कि सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 की धारा 141 में असंगठित श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा अधिनियम 2008 को शामिल किए जाने के बाद सामाजिक सुरक्षा कोष का वित्तपोषण केंद्र सरकार, राज्य सरकार, कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड और मुआवजे के रूप में प्राप्त अंशदान से किया जाएगा।

बड़ी संख्या में श्रमिक अभी भी लाभ से वंचित

जो श्रमिक भविष्य निधि (PF) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के तहत नहीं आते, वे अभी तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ नहीं ले पाए हैं। यदि सरकार इस बजट में सामाजिक सुरक्षा कोष की घोषणा करती है, तो यह करोड़ों असंगठित श्रमिकों के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या सरकार इस बहुप्रतीक्षित सामाजिक सुरक्षा कोष की घोषणा करती है, या यह भी सिर्फ एक और अधूरी उम्मीद बनकर रह जाएगी?

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन