
संजय जोशी किस मिट्टी के बने हैं! https://www.bhadas4media.com/sanjay-joshi-ka-park-darbar/
सोशल मीडिया पर वायरल उपरोक्त पोस्ट पर आए ढेरों कमेंट्स में से कुछ प्रमुख यूँ हैं-
एस गोलेश-
जबर्दस्त लिखा है। इस शख्स में अभी बहुत जान है। एक समय था जब भाजपा के बड़े-बड़े नेता संजय जोशी से मिलने के लिए लाइन लगाते थे। कई राज्यों के मुख्यमंत्री उनसे मिलने के लिए घंटों इंतजार करते थे। यह वो दौर था जब संजय जोशी भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) थे।
महामंत्री संगठन यानी राष्ट्रीय अध्यक्ष से भी अधिक महत्वपूर्ण क्योंकि वे मातृ संस्था राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आर.एस.एस) का भाजपा में प्रतिनिधित्व करते थे। सभी फैसलों जैसे भाजपा राज्यों में मुख्यमंत्री चयन, मंत्री बनाने, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष बनाने आदि में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
कहा तो यहां तक जाता है कि मनोज सिन्हा का सीएम पद छीनकर योगी आदित्यनाथ की ताजपोशी कराने में संजय जोशी और संघ के एक अन्य पदाधिकारी की बहुत अहम् भूमिका रही है।
एक समय वो भी था जब नरेंद्र मोदी और संजय जोशी की गहरी दोस्ती थी। दोनों ही संघ के पूर्णकालिक स्वयंसेवक थे। एक ही स्कूटर से चलते थे। दोनों को गुजरात की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और दोनों की मेहनत रंग लाई और गुजरात में कांग्रेस को हटाकर भाजपा की सरकार बनवाई।
एस शेखर-
सचमुच कमाल के व्यक्तित्व है संजय जोशी। कांस्टीट्यूशन क्लब में मैने देखा कि चौथी दुनिया की इफ्तार पार्टी में एक साधारण सा आदमी पैदल आ रहा है और दर्जनों लोग श्रद्दा भाव से उसका चरण स्पर्श कर रहे है। जबकि वह दौर संजय जोशी Sanjay Joshi के लिए एक तरह से एक्साइल जैसा था। भाजपा और देश के लिए वाकई अच्छा होगा, अगर वे भाजपा के नए अध्यक्ष बनते हैं।
देव कुमार पुखराज-
संजय जी जोशी प्रचारक रहे हैं। बीजेपी को सुधारने की कोशिश कर रहे थे। लोगों ने उनको ही ठिकाने लगा दिया। सांगठनिक क्षमता बेजोड़ रही है। गुजरात में आजकल चल रही बीजेपी सरकार के नींव में उनका पसीना लगा है। देश में करोड़ो कार्यकर्ता संजय जोशी जी की कार्यशैली के कायल हैं। उम्मीद कर रहे हैं कि मुख्यधारा की राजनीति में उनकी वापसी हो। देखिये, कौन उनके लिए कितना अड़ पाता है। आप मिलकर आए, अच्छा लगा।
सूरज कुमार सिन्हा-
मैने जीवन में इतना निश्चल व्यक्ति नहीं देखा है। आज भी दिवाली और होली पर उनके शुभनाएं संदेश वाला ईमेल आता है और प्रफुल्लित होकर मैं जवाब देता हु। इनका पुराना ठिकाना साउथ एवेन्यू का फ्लैट और सामने का सरकारी पार्क था जिसे खाली करना पड़ा और वरन ठिकाने पर आप गए।
भारत भूषण–
संजय जोशी जी बेहद विनम्र और सरल सहज स्वभाव के धनी है उनके दो, तीन भोपाल प्रवास के दौरान उनसे भेंट हुई उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह कभी भी सामने वाले को छोटा महसूस नहीं होने देते ।
चंद्र प्रकाश दुबे-
एक बार संजय जोशी जी अमरावती आये थे, नितीन गडकरी के निजी सहायक के विवाह में शामिल होने. हम भी वहां थे, एक कोने में चुपचाप सबसे अलग थलग खड़े थे संजय जोशी जी, आसपास कोई लाव लश्कर नहीं. मैंने काफी देर तक पहचानने का प्रयास किया कि यार ये बंदा कौन है, तब कहीं जाकर समझ में आया कि ये तो संजय जोशी हैं, फिर हम उनसे मिले, तो बड़े सहज अंदाज में उन्होंने काफी देर बात की, लेकिन साक्षात्कार देने से मना कर दिया, वो भी बेहद विनम्रतापूर्वक. आपकी पोस्ट से उस मुलाकात की यादें ताजा हो गई सर.
प्रमोद तिवारी-
सहनशीलता, मर्यादाशीलता,तथा श्रेष्ठ कर्मयोग का अद्भुत संयोग हैं, मा. संजय जोशी जी। जिनका संपूर्ण जीवन जन कल्याण हेतु समर्पित है। उनके दरबार में आया कोई भी व्यक्ति खास नहीं, सब आम हैं व अपने हैं। जो उनकी समदृष्टि का परिचायक है।
नितिन राठी-
संजय भैया बीजेपी की राजनीति में ज़मीन से जुड़े कर्मठ और निःस्वार्थ शख्सियत है, RSS मुख्यधारा में कभी मोदीजी और यह बराबर थे, कानपुर में मेरे निज निवास प्रवास के दौरान इनके प्रभावशाली व्यक्तित्व और कार्यशैली का में कायल हो गया था।
आशीष माहेश्वरी-
यहां बड़ा सवाल ये है कि सिस्टम में लोग इतने चालाक हैं कि जो व्यक्ति कल तक उनका बॉस रहा हो उस तक की नहीं सुनते रिटायर होने के बाद, फिर संजय जोशी तो सरकार के प्रमुख सिपेहसालारों को भी पसंद नहीं, सरकार या संगठन में कोई पद भी नहीं, फिर राज्यो के ताकतवर अफसर कैसे उनकी बात सुनकर काम कर रहे हैं?
दर्शन दिनेश भाई-
भारत और बीजेपी में आज ऐसे व्यक्ति के नेतृत्व कि जरुरत है. मौजूदा नेतृत्व (मोदी-शाह) पर जनता का विश्वास नहीं। मौजूदा #atulsubhashcase पर जानबूझ कर अनदेखी हो रही है वह दुनिया देख ही रही है। गुजरात-देश में ढेरों ऐसे बेटे है जिनकी सुनने वाला कोई नहीं। हमें ऐसा असंवेदनशील शासन नहीं चाहिए जो धृतराष्ट्र बन चुका हो!
विवेक कुमार-
यशवंत जी, आदरणीय जोशी जी के लिए जो आपने कहा पूरी तरह सत्य है, इतने बड़े कद का नेता पूरी भाजपा में नहीं है लेकिन सत्ता सुख भोगने वालों को जोशी जी पसंद नहीं आए, बड़ी साजिशों से इन्हें दरकिनार किया गया है, ये ठहरे जनता के सेवक, ये बिना पद के ही सबकी मदद कर देते हैं
राजेश कुमार यादव-
यशवंत सिंह जी उनके पर्सनल असिस्टेंट से कैसे संपर्क हो पाएगा मेरा संजय जोशी जी से मिलना बहुत जरूरी है वर्तमान में भारतीय सेना में सेवारत हूं और मेरा परिवार 2 साल से काफी ज्यादा परेशान है घर तक छोड़ने को मजबूर है, जमीन का सारा कागज़ मेरे पास है फिर भी मेरे जमीन पर कब्जा कर रहा है.
अरुण साथी-
आहा, पहली बात इतना सकारात्मक किसी बारे में शायद आपने लिखा। शायद उस व्यक्ति में असीम सकारात्मक ऊर्जा होगी। जिंदाबाद!
अभिनव कुमार सिंह-
बीच में तो बहुत चर्चा बढ़ गया था कि संजय जी बनने जा रहे है। एक परिचित भाई हैं एमपी के उन्होंने तो कहा कि वे बनने जा रहे है और तुम लोग राष्ट्र हित में उन्हें समर्थन करो बहुत जरूरी है अब.
महेंद्र सिंह-
मतलब भाजपा इतनी भी बुरी नहीं है! ऐसे अच्छे लोगो को आगे बढ़ाकर अपना डाइमेज कंट्रोल कर सकती है।
शशि श्रीकांत अवस्थी-
संजय जी को अब तक बहुत कुछ मिल जाना चाहिए था लेकिन वक्त ने कुछ वक्त लिया शायद अब सही वक्त आ रहा है, शुभकामनाएं!
मुकेश इंसान-
सुना तो था कि संजय जोशी अच्छे इंसान हैं कभी मुख्यधारा में इनके वीडियो वगैरा भाषण नहीं देखे इसलिए जानकारी नहीं है
शुभकामनाएं ऐसे महापुरुष को!
हिमांशु शेखर-
अहम विषयों पर संजय जोशी की जबरदस्त पकड़ है। इनके विचारों और भाषणों को मैने सुना है। मनना पड़ेगा भाई।
सिंहासन चौहान-
दिल से नमन संजय जोशी जी को उन दुःखियारों के लिए ये किसी फ़रिश्ते से कम नहीं जो किसी उम्मीद से उनके यहाँ आते हैँ.
मनोज मालवी-
संजय जी की यही खूबियां इन्हें भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष बना रही! शुभकामनाएं!!
विशाल रघुवंशी-
बिना पैसे लिए काम करने वाले नेता आज भी है ये जानकारी सुकून देने वाली है …. धन्यवाद इस पोस्ट के लिए।
देवेश श्रीवास्तव-
मैं भी ऐसे ही गुणों से परिपूर्ण एक ग़ैर राजनैतिक फक्कड़ मस्तमौला मनमौजी व्यक्ति को जानता हूँ किन्तु उनसे मिलने का सौभाग्य अभी तक नहीं मिला.. और वह शख़्स हैं भड़ास मीडिया वाले यशवंत भैया..
उमेश श्रीवास्तव-
निर्विकार भाव से किया गया कर्म कभी व्यर्थ नहीं जाता है! संदेश और संवेदना यही है जो एक दूसरे के काम आए! प्रकृति ने आप दोनों को अद्भुत बनाया है ! संजय जोशी जी और यशवंत सिंह जी को मेरा सैल्यूट!
Vivek Sadh-
कई सालों से उन पर जानकारी आती रही है। और मेंने भजपा के कई जगह के पुराने कार्यकर्ताओं से बात की तो वह भी अपने अनुभवों से उन्हें बेहतरीन संगठनकर्ता ओर इंसान बताते हैं।
Virendra kumar mishra-
वन्देमातरम! नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे..
निष्काम कर्म योगी, कार्यकर्ता हृदय सम्राट , संगठन शक्ति के प्रबल पैरोकार माननीय संजय जी जोशी
संजय जोशी जी : शरीर का कण कण और समय का क्षण क्षण राष्ट्र निर्माण , समाज सेवा के प्रति समर्पित है।
अम्बर हिले धरा डोले , पर हम अपना पथ न छोडें
सागर सीमा भूले , पर हम अपना ध्येय न छोडें।
सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।
अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा …..


