मुंबई। शिंदे गुट की शिवसेना के लोकसभा सांसद संजय दीना पाटिल पत्रकारों को कथित तौर पर धमकाने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर विवादों में घिर गए हैं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पत्रकार संगठनों में नाराजगी है और ठाणे में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है।
बताया जा रहा है कि पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों से नाराज होकर सांसद संजय पाटिल भड़क गए और कैमरे के सामने ही पत्रकारों को धमकी देने लगे। वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, “मैं भूल जाऊंगा कि मैं सांसद हूं…”। इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारों के प्रति आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया।
सवालों से नाराज हुए सांसद
घटना उस समय हुई जब पत्रकार उनसे हालिया विवाद और पुलिस आयुक्त को दिए गए पत्र के संबंध में सवाल पूछ रहे थे। शुरुआत में सांसद ने जवाब दिया, लेकिन लगातार सवाल पूछे जाने पर उनका धैर्य टूट गया और उन्होंने पत्रकारों को वहां से हटने की चेतावनी दी।
वीडियो में वह पत्रकारों से यह कहते नजर आते हैं कि यदि वे बार-बार उनके पास आएंगे तो उन्हें परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। कथित तौर पर उन्होंने मारपीट तक की धमकी भी दी।
पत्रकारों में रोष, विरोध प्रदर्शन शुरू
घटना के बाद ठाणे और मुंबई के पत्रकारों में भारी नाराजगी है। कई पत्रकार संगठनों ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की गरिमा पर हमला बताते हुए सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एकनाथ शिंदे ने मांगा स्पष्टीकरण
मामला तूल पकड़ने के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने सांसद संजय पाटिल से बातचीत की। शिंदे ने कहा कि पत्रकारों का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने बताया कि यदि सांसद की टिप्पणियों से मीडिया जगत की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करना चाहिए। शिंदे के अनुसार, संजय पाटिल ने उन्हें बताया कि उनका पत्रकारों का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था और मीडिया के साथ उनके हमेशा अच्छे संबंध रहे हैं।
संजय राउत ने की कार्रवाई की मांग
उधर, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने मुंबई पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर संजय दीना पाटिल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
राउत ने आरोप लगाया कि पाटिल ने विरोध करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने और हिंसक कार्रवाई की धमकी दी है। उन्होंने मामले की जांच कराने तथा कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
राजनीतिक विवाद गहराया
इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक ओर पत्रकार संगठन सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिवसेना नेतृत्व नुकसान नियंत्रण की कोशिश में जुटा हुआ है।
फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है और पत्रकार संगठनों की ओर से आगे की रणनीति पर विचार किया जा रहा है।



