Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

संजय सिंह को बेल : क्या AAP में फूट डालने का होमवर्क कर रही बीजेपी?

पिछले कई दिनों से दिल्ली की राजनीति गर्म है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को कथित शराब घोटाला केस में जमानत मिल गई है. संजय पूरे 6 महीने बाद जेल से बाहर आएंगे. सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने उन्हें जमानत दी है. संजय की जमानत को राजनीतिक जानकार सियासी फूट के बतौर देख रहे हैं. उसका कारण है केजरीवाल की पत्नी सुनीता.

दरअसल, सीएम अरविंद केजरीवाल को मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी बनाकर ईडी द्वारा जेल भेजे जाने के बाद सुनीता केजरीवाल, अरविंद की जगह लेकर बेहद सक्रिय दिखाई देने लगी थीं. हाल ही में दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई गठबंधन के नेताओं के साथ उनकी रैली से ये कयास जोर पकड़ रहा है कि, क्या सुनीता अरविंद को रिप्लेस कर सकती हैं. लेकिन अब संजय सिंह के बाहर आने के बाद सुनीता की बजाए संजय सिंह पार्टी का मजबूत चेहरा हैं और इसमें कोई दो-राय भी नहीं है.

सूत्रों की माने तो गृह मंत्रालय के हस्तक्षेप से सुनीता के बढ़ते कद को थामने के लिए संजय सिंह को जमानत दिलाए जाने की पैरवी संभावित आंकी जा रही है. पति को जेल होने के बाद सुनीता केजरीवाल ही वो चेहरा थीं जो दिल्ली की जनता पर भावनात्मक प्रभाव बना सकती थीं, बना रही थीं. लेकिन संजय के बाहर आने के बाद बाजी बदल सकती है.

इसमें कोई शक नहीं कि संजय सिंह, बेबाक और जुझारू नेता हैं. लेकिन सूत्र बताते हैं कि अपने पीछे केजरीवाल पत्नी सुनीता को पार्टी की लीड देना चाहते थे, जिसमें उन्हें संजय की रिहाई से झटका लग सकता है.

फिलहाल, भाजपा जिस तरह की राजनीति खेल रही है उससे यही अंदाजा लगाया जा सकता है कि दिल्ली आप पार्टी में फूट डालो-और राज करो वाली कूटनीति पर होमवर्क किया जा रहा है. उसका कारण भी है कि, आतिशी और सौरभ भारद्वाज का नाम तो ईडी की सूची में पहले से ही था.. तो फिर उसे केजरीवाल की ज्यूडिशियल कस्टडी के बाद क्यों जाहिर किया जा रहा है. आतिशी और सौरभ का नाम अब केजरीवाल से जोड़कर लिया जाना दिखाया जा रहा है. इसका संदेश साफ है कि भाजपा किस तरह की राजनीति की तरफ आगे बढ़ रही है.

एक चुने हुए सीएम को जेल भेजना, देश की मुख्य विपक्षी पार्टी के खाते सीज करना, एक-एक कर सभी नेताओं पर जांच एजेंसियों से नकेल कसवाना. ये सब कतई राजनीतिक सुचिता की तरफ इशारा नहीं करता, बल्कि यह एक अघोषित राजनीति की तरफ उंगली उठा रहा है. जानकारों का मानना है कि, अगर भाजपा को जड़-मूल से खत्म नहीं किया गया तो देश बर्बाद हो जायेगा.

बहरहाल, ताजा इनपुट ये है कि, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर आम आदमी पार्टी के विधायक पहुंचे. जिन्होंने केजरीवाल की पत्नी सुनीता से मुलाकात की है. विधायकों ने सुनीता केजरीवाल से कहा कि दिल्ली की दो करोड़ जनता केजरीवाल के साथ खड़ी है. किसी भी कीमत पर सीएम अरविंद केजरीवाल इस्तीफा न दें और जेल से ही दिल्ली की सरकार चलाएं. उनका मानना है, संजय सिंह को बेल भाजपा की उल्टी गिनती में एक और कदम है और आगे उम्मीद है अगर केजरीवाल को चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलती है तो वह भाजपा के लिए एक बड़ा संकट होगा.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन