सत्ता प्रतिष्ठान से टकराते रहे विनोद मेहता

दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ने ‘आउटलुक’ पत्रिका के संस्थापक संपादक विनोद मेहता के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती है।

एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल पांडेय एवं महासचिव आनन्द राणा ने शोक-संदेश में कहा है कि विनोद मेहता ने पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए अपनी लेखनी से सत्ता की चूलें हिला दीं। पत्रकारिता की बुलंदियों पर पहुंच कर भी वे हमेशा सत्ता से दूर रहे। यही गुण उन्हें दूसरे पत्रकारों से विशिष्ट बनाता है। वह एक निर्भीक और ईमानदार पत्रकार थे। उनकी खोजी रपटें इस बात की गवाह हैं। उन्होंने डेबोनेयर, द पायनियर, संडे ऑब्ज़र्वर और आउटलुक का संपादन किया। आउटलुक को शीर्ष पहचान दिलाई। आउटलुक के जरिए वे सत्ता प्रतिष्ठान से टकराते रहे और सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और घोटालों का पर्दाफाश करते रहे। वे नई पीढ़ी के लिए आदर्श थे। हमेशा प्रेस की आजादी के लिए लड़ते रहे। उनके निधन ने पत्रकारिता के क्षेत्र में एक बड़ा शून्य पैदा कर दिया है। पत्रकारिता जगत की इस अपूरणीय छति की भरपाई नामुमकिन है।

 



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate






भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code