राज चड्ढा-
देव दुर्लभ देव! आज मेरे प्रिय मित्र देव श्रीमाली का जन्म दिवस है।कोटिश: बधाइयां! आज के युग में देव होना आसान नहीं है।पत्रकारिता में तो और भी कठिन। यदि आपने अपने देवत्व को मारा नहीं है तो आपका कोई भविष्य नहीं है। पर कुछ लोग होते हैं, धारा से विपरीत चलने वाले। समय से समझौता न करने वाले। बड़े से बड़े ऑफर को ठुकरा कर अपनी राह पकड़ने वाले। हमारा देव ऐसा ही है। खबरों को सामने लाने में कोई कसर न छोड़ने वाला निष्ठुर पत्रकार, दोस्त की हर बुराई को छुपा लेता है और उसकी बस तारीफ ही करता है। उस पर जान छिड़कता है। वो अपने बैरी का भी बैरी नहीं है। बहुत बड़ा है उसका दिल।


कभी हमारी शामें देव श्रीमाली के साथ ही गुजरती थीं। 8/10 मित्रों की हमारी टोली थी।घंटों बतियाते थे। एक दिन भरी मंडली में बोला देव, राज भाई साहब,अब तो एक मकान खरीद लो। हम सब दोस्तों में केवल आप ही हैं जो किराए के मकान में रहते हैं।अच्छा नहीं लगता। आप चिंता मत करो। एक अच्छा सा फ्लैट देख लो। हम सब मिल कर व्यवस्था कर लेंगे।
कौन है इस ज़माने में जो इतना सोचता है। उस दोस्त के लिए जो कि अपनी राजनीतिक विचारधारा को लेकर रोज ही उससे लड़ता है। आज मेरे सर पर छत है तो उसके लिए देव और सिर्फ देव को श्रेय जाता है। अपनी तो कट ही रही थी जैसे तैसे। मेरे जैसे हजारों होंगे, जिन्हें देव दुर्लभ देव मिला है, एक दोस्त के रूप में। अनुज से बढ़ कर।
बहुत बहुत बधाइयां, मेरे मित्र! ईश्वर तुम को शतायु करे! तुम आज के आपा धापी भरे और सिर्फ अपने लिए जीने वाले युग में अंधेरे को चीरने वाली एक परोपकारी मशाल के रूप में रोशनी फैला रहे हो!तुम आश्वस्ति हो कि रोशनी कभी कम नहीं होगी, तुम जैसे दोस्तों के रहते।
देव सर, बेहद सहज, सरल जिनसे पत्रकारिता के जीवन में बहुत कुछ सीखा। आज उनका अवतरण दिवस है।
खास बात यह है कि जैसा शुरुआत के दौर में देखा, आज भी वैसे ही नजर आते हैं। उतने ही जोश के साथ। जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देवश्रीमली सर…! -नासिर गौरी
देव सर जैसा कोई नहीं हो सकता! आज भले के 62 बरस के हो गए है, लेकिन पत्रकारिता के प्रति जोश, जुनून और जिद 16 बरस जैसा है। आधी उम्र के पड़ाव पर पहुंच चुके हैं लेकिन देव सर को हमेशा युवाओं की टोली काफी पसंद करती है क्योंकि उन्हें हर परिस्थिति और मस्ती में ढलना बखूबी आता है! मेरे मार्गदर्शक और दुख सुख के साथी आज देव सर के जन्मदिन पर बहुत-बहुत बधाई! ईश्वर से प्रार्थना है आप हमेशा ऐसे ही स्वस्थ और मस्त रहें! -अनिल गौर


