भारत में कुछ वरिष्ठ पत्रकारों के बीच इन दिनों खींचतान चल रही है। सोशल मीडिया पर कुल सात पत्रकारों की तस्वीरें डालकर लिखा जा रहा है कि इन्हें जार्ज सोरोस के निमंत्रण पर अमेरिका यात्रा करवाई गई है। इनमें आनंद वर्धन सिंह, प्रो. अभय दुबे, आशुतोष, डॉ राकेश पाठक, शीतल पी सिंह, राजकेश्वर सिंह और ज्ञानेश तिवारी का नाम शामिल है। जबकि सच्चाई ये है कि ग्लोबल गांधी संगठन की तरफ़ से बुलावे के बाद ये पत्रकार दो अक्टूबर के आयोजन में शामिल होने अमेरिका गए हुए थे। नीचे पढ़ें…
राजकेश्वर सिंह-
सोशल मीडिया पर इन दिनों मनगढ़ंत, बेसिर-पैर और बिना तथ्यों को जांचे ऊलजलूल बातों को लिखने का चलन तेज़ी से बढ़ा है। कोई कुछ भी लिख देता है। उसमें दो तरह के लोग हैं। बड़ी तादाद उनकी भी है जो पत्रकार का लबादा ओढ़कर एक खास एजेंडे के तहत यह सब काम कर रहे हैं। उन्हें रोज़ कहीं न कहीं ऐसी हरकतें करते देखा जा सकता है।दूसरे वे हैं जो देश की सबसे बड़ी ‘ WhatsApp University’ से जुड़े हैं और ऐसी ही फ़र्ज़ी और असत्य सामग्री के प्रचार प्रसार के ज़रिये अपना धंधा और एजेंडा चला रहे हैं।
मेरी अमेरिका यात्रा के दौरान पत्रकार साथियों के समूह में मेरी फोटो वाले पोस्टर के साथ भी ऐसी ही बेबुनियाद, असत्य और मनगढ़ंत बातों को लिखकर उसे लगातार फैलाया गया है, जबकि मेरी अमेरिकी यात्रा मेरे खुद के व्यय पर की गई है, जिसके लिए मैंने खुद के बैंक खाते से ट्रैवल एजेंट को यात्रा के टिकट और होटलों में ठहरने की बाबत भुगतान किया है। साथ ही यात्रा की बाबत US करेंसी को लेकर बैंक के पास भी लेनदेन का समुचित रिकॉर्ड है।
लिहाजा मेरे बारे में अनर्गल, असत्य और दुर्भावनापूर्ण तरीके से सोशल मीडिया पर मेरी छवि को नुक़सान पहुंचाने की नीयत से लिखने वालों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई के लिए मैं विधि विशेषज्ञों से मशविरा कर रहा हूं। इस बारे में जल्द ही जरूरी और आवश्यक कदम उठाने की तैयारी में हूं।
प्रभात के शर्मा-
यह वास्तव में दुखद है जब भारत में कुछ बेकार लोग सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए ईमानदार पत्रकारों का मज़ाक उड़ाकर सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं। ऐसे लोग देश के लिए ख़तरनाक हैं। मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ कि मैंने कैलिफ़ोर्निया के बे एरिया में उन वरिष्ठ पत्रकारों (जिनका ज़िक्र पोस्टर में है) के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में मदद की, जो गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर “ग्लोबल गांधी” द्वारा वॉशिंगटन डी.सी. में आयोजित सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत से आए थे। हमें ऐसी झूठी प्रचार पोस्टों से दूर रहना चाहिए। सच्ची पत्रकारिता और ईमानदार पत्रकारों के साथ खड़े रहिए।
जय हिंद!
किसने क्या आरोप लगाया और क्या कुछ लिखा है देखिए


वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी सिंह जी की पोस्ट पढ़िए…
मित्रों… साग्रह निवेदन है कि मुझसे संबंधित किसी भी दुष्प्रचार/ गाली गलौज/ धमकी (जो सोशल मीडिया पर हमारी विदेश यात्रा के संबंध में इन दिनों की गई है) की प्रतिक्रिया में न आप भाषाई मर्यादा खोएँगे और न किसी भी तरह की हिंसा का विचार मन में रक्खेंगे। जो वीडियो/ पोस्ट लिंक आदि आपने भेजे हैं उन पर एक नागरिक के संविधान सम्मत अधिकार का उपयोग करते हुए मैं क़ानूनी कार्रवाई ज़रूर करूँगा और आप सब को सार्वजनिक तौर पर अवगत करवा दूँगा। अभी तो मैं अपने गाँव के रास्ते में हूँ और घर भी नहीं पहुँचा हूँ। मेरा ध्यान रखने के लिये शुक्रिया।
अमेरिका यात्रा के दौरान शीतल जी की कुछ एफबी पोस्ट्स देखें-





