मुंबई। भारतीय शेयर बाजार इन दिनों भारी दबाव में है। लगातार पांचवें महीने गिरावट का सामना कर रहे सेंसेक्स और निफ्टी के लिए हालात गंभीर होते जा रहे हैं। गुरुवार को सेंसेक्स 203 अंक गिरकर 75,736 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 20 अंकों की गिरावट के साथ 22,913 पर आ गया। अगर बाजार अगले 8 दिन और नीचे गया, तो 30 साल का रिकॉर्ड टूट जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार की यह गिरावट सामान्य नहीं है। पिछले 30 साल में केवल 4 बार ऐसा हुआ है जब बाजार ने लगातार 4 से 5 महीने तक गिरावट दर्ज की हो। इससे पहले 1996, 2001, 2004 और 2024-25 में ऐसा देखा गया था।
गिरावट के पीछे कारण क्या?
• वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता: अमेरिका और यूरोप में मंदी की आहट।
• विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली: भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे एफआईआई।
• घरेलू महंगाई और ब्याज दरों का असर: निवेशकों में डर का माहौल।
क्या सेंसेक्स 76,000 पार करेगा या और गिरेगा?
बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर सेंसेक्स 76,000 से ऊपर जाकर टिकता है, तो यह ट्रेंड बदल सकता है। लेकिन अगर 75,800 के मजबूत सपोर्ट लेवल से भी नीचे चला गया, तो गिरावट और तेज हो सकती है।
आगे क्या?
नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दिसंबर तक बाजार में और करेक्शन आ सकता है। उनका अनुमान है कि इंडियन मार्केट 4% तक और गिर सकता है। वहीं, दूसरी ओर, अगर सरकार और रिजर्व बैंक ठोस कदम उठाते हैं तो बाजार में स्थिरता आ सकती है।
निवेशकों के लिए सलाह
• शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग से बचें, क्योंकि बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
• बड़ी गिरावट पर अच्छे स्टॉक्स खरीदने का मौका मिल सकता है।
• ग्लोबल ट्रेंड्स पर नजर रखें, क्योंकि विदेशी बाजारों का असर भारतीय शेयर बाजार पर सीधा पड़ता है।
सुखद संकेत भी हैं!
कम महंगाई और टैक्स राहत की उम्मीद से लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह समय अच्छा मौका साबित हो सकता है। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को धैर्य रखने की सलाह दी जा रही है।


