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सुख-दुख

भारत समेत दुनिया भर के शेयर मार्केट में ब्लडबाथ!

मनीष शर्मा-

आज सुबह जब जापान में दिन शुरू हुआ तो वहाँ का share market कांप गया….. लगभग उसी समय ऑस्ट्रेलिया और अन्य Pacific देशों में Share market में bloodbath शुरू हो चुका था.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा शुरू की गई Tariff War का असर आज हर छोटे बड़े देश में देखने को मिल रहा है. चीन, भारत, दक्षिण एशिया के देश, और यूरोप के लगभग हर देश में यह असर साफ दिखा है… कहीं 5 तो कहीं 10% market टूटा है.

कई Trillion डॉलर की investor wealth कुछ ही मिनटों में स्वाहा हो गई.

कुछ ही घंटो में अमेरिका के market खुलने वाले हैं.. और वहाँ भी झटका लगेगा. वैसे ही पिछले 3-4 दिनों में अमेरिका में 5 trillion डॉलर की investor wealth साफ हो गई है.

यहाँ कुछ चीजें साफ हो रही हैं.

Globalization अब धीरे धीरे कम होना शुरू होगा…. इस प्रक्रिया को De Globalization कहते हैं. दुनिया भर ने Supply Chain Reset होने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है.

इससे चीन जैसे देश को नुकसान होगा…..वहीं भारत जैसे देश को फायदा हो सकता है.

Tariff War के कारण अमेरिका में महंगाई बढ़ेगी…. वहीं Demand में बेहद कमी आ सकती है. ख़ासकर Electronics, Finished Products, स्टील, केमिकल्स, और कपड़े आदि में तो जबरदस्त झटका लग सकता है.

आज जो सामान चीन से बन कर आता है… वह सस्ता पड़ता है… लेकिन Tariff के बाद वह सामान महंगा हो जाएगा. अब ग्राहक या तो उसी सामान को भारत जैसे देश से खरीदेगा (क्यूंकि भारत के बने सामान पर tariff कम होगा)

या फिर उस सामान को महंगे में लेने के लिए बाध्य होगा.

ऐसे में कम्पनियाँ और लोग इन सामानो को खरीदना कम करेंगे या खरीदने का plan आगे postpone करेंगे.

इस पूरी प्रक्रिया से Demand Supply का चक्र बिगड़ जाएगा…. जिसकी वजह से Global Recession या वैश्विक मंदी आनी तय है.

मंदी आने से सभी देशों की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ेगा.. नौकरियां जाएंगी…. Import Export का बैलेंस बिगड़ेगा.

कुलमिलाकर बंटाधार होना तय है.

लेकिन… यहाँ पर एक Catch भी है.

ट्रम्प ने आते ही कनाडा और Mexico पर Tariff लगाने की घोषणा की थी.. साथ ही यह भी कहा था कि अगर यह देश अवैध लोगों के आने पर रोक लगाएंगे तो वह Tariff पर हल्का हाथ रखेंगे.

फिलहाल 50 से ज्यादा देशों के नेताओं से ट्रम्प से मिलने का समय माँगा है…. यह देश उनसे बात करके Tariff कम करवाएंगे.

ताइवान जैसे देश तो जीरो Tariff की घोषणा भी कर चुके हैं. हो सकता है ट्रम्प इन देशों को tariff में थोड़ी ढील दे कर उनका नुकसान होने से बचा लें.. और उन देशों के साथ अमेरिकी व्यापार में Upper Hand ले लें.

बाकि देशों का क्या होगा?

अब दुनिया De Globalization के दौर में चली जायेगी… जहाँ देश आपस में एक दूसरे के साथ FTA (Free Trade Agreement ) करके व्यापार करेंगे….ऐसे में De-dollarization भी बढ़ेगा… क्यूंकि यह देश आपस में अपनी ही Currency में लेन देन करेंगे.

साथ ही यह Global Payment System का उपयोग करने के बजाय अपने बनाये systems का उपयोग करेंगे.

भारत, रूस, चीन जैसे देश यह काम पिछले कई सालों से करते आ रहे हैं….. यह देश तैयार हैं नये युग़ के लिए.

लेकिन अभी अगले कुछ हफ्ते बड़े कष्टकारी होंगे…. Retail Investors, Business करने वालों, Import Export वालों की तो अभी लंका लगेगी ही…… लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि भारत इससे आसानी से recover कर जाएगा

फिलहाल तो अमेरिकी बाजार के reaction का इंतज़ार है.. कुछ ही घंटो में पता लग जाएगा… आगे क्या होने वाला है.

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