मुंबई। प्रसारण कंपनी Culver Max (पूर्व में Sony Pictures Networks India – SPNI) ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करते हुए TDSAT (टेलिकॉम डिस्प्यूट्स सेटलमेंट एंड अपीलेट ट्रिब्यूनल) के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें कंपनी को टाटा प्ले से जुड़े वित्तीय विवाद में दर्शकों को सूचना देने से रोका गया है। Culver Max ने तर्क दिया है कि यह आदेश उसके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है।
मामला Culver Max और Tata Play के बीच करीब ₹128 करोड़ के बकाया भुगतान को लेकर उपजा है। Culver Max ने मई 2025 में ₹128.42 करोड़ की मांग करते हुए नोटिस जारी किया था। Tata Play ने इसे चुनौती देते हुए TDSAT में याचिका दायर की, जिसमें बताया गया कि कंपनी पहले ही 10 वर्षों में ₹4,000 करोड़ से अधिक का भुगतान कर चुकी है और सालाना ₹700 करोड़ देती आ रही है।
TDSAT ने अंतरिम आदेश में Tata Play को दो सप्ताह के भीतर ₹40 करोड़ जमा करने का निर्देश दिया। साथ ही, Culver Max को Tata Play के ग्राहकों को सेवा निलंबन संबंधी कोई भी स्थिर संदेश (static message) टीवी चैनलों पर दिखाने से रोक दिया गया।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि ₹40 करोड़ की यह राशि बिना किसी पक्ष की स्वीकारोक्ति के जमा की जाएगी और अंतिम निर्णय के अनुसार समायोजित की जाएगी।
हाल ही में Culver Max ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक नई याचिका दाखिल की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि Tata Play ने ग्राहकों को यह बताते हुए गुमराह किया कि Sony SAB, Sony Max और Sony Sports चैनल्स की संभावित अनुपलब्धता के लिए Culver Max जिम्मेदार है। इस पर Culver Max ने सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष रखा, लेकिन TDSAT ने इसे “गैग ऑर्डर” (चुप्पी आदेश) समझते हुए सार्वजनिक बयानों पर भी रोक लगा दी।
Culver Max का कहना है कि इस आदेश से उसे न सिर्फ अपनी बात रखने से रोका गया है बल्कि सोशल मीडिया पर लगे आरोपों का जवाब देने का उसका अधिकार भी छीना गया है। कंपनी ने हाईकोर्ट से अपील की है कि TDSAT के आदेश पर अंतिम निर्णय आने तक उसकी क्रियान्वयन पर रोक लगाई जाए।
फिलहाल यह मामला बॉम्बे हाईकोर्ट के विचाराधीन है और अगली सुनवाई की तारीख का इंतजार किया जा रहा है।



