अंग्रेजी अखबारों में ‘द टेलीग्राफ’ का जवाब नहीं- ‘प्रे फॉर सेनर कौनसेल’ यानी ‘प्रार्थना कीजिए कि समझदारी पूर्ण सलाह मिले’!

द टेलीग्राफ की आज की पहली खबर

पाकिस्तान पर भारत के हवाई हमले के बाद कल के अखबारों के शीर्षक इस तरह थे।

हिन्दुस्तान टाइम्स – आंतक पर हमला
टाइम्स ऑफ इंडिया – इंडिया एवेंजिंग फोर्स यानी भारत की बदला लेने वाली या दंड देने वाली सेना।
द हिन्दू – भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश के कैम्प पर बम गिराया
इंडियन एक्सप्रेस – इंडिया स्ट्राइक्स टेरर, डीप इन पाक
द टेलीग्राफ – हमले की मांग पूरी, समय है सोच समझकर चुनने का

अब एक भारतीय विंग कमांडर पाकिस्तान के कब्जे में है और पाकिस्तान ने कहा है कि वह युद्ध नहीं चाहता और उसने हमला कर दिखा दिया है कि वह भी सक्षम है। पर हमले से नुकसान न हो इसलिए उसने लक्ष्य से दूर बम गिराया। इस पर भारत सरकार की जो प्रतिक्रिया होगी सो होगी, अखबारों की प्रतिक्रिया दिलचस्प है। बहुत लंबा हो रहा था इसलिए मैंने आज अंग्रेजी और हिन्दी अखबारों को अलग कर दिया है। पहले अंग्रेजी अखबारों की चर्चा। हिन्दी अखबारों की चर्चा थोड़ी देर में। इसमें ढूंढ़िए कि पाकिस्तान का पक्ष कहां-कितना है। उसके बिना युद्ध खबरें इन अखबारों से कितनी और कैसी मिलेंगी।

कल मैंने टेलीग्राफ के शीर्षक, हमले की मांग पूरी, समय है सोच समझकर चुनने का – की चर्चा नहीं की थी। मुझे यह शीर्षक चुनावी लगा। मुमकिन है कि नरेन्द्र मोदी और भाजपा चाहते हों कि युद्ध हो जाए और मानते होंगे कि इससे चुनाव नहीं होगा या चुनाव में फायदा होगा पर अभी से कोई अखबार शीर्षक के जरिए कहे कि समझदारी से चुनिए – मुझे ज्यादा लगा। पर टेलीग्राफ का शीर्षक आज भी सलाह देने वाला है। द टेलीग्राफ का आज का शीर्षक है, प्रे फॉर सेनर कौनसेल यानी प्रार्थना कीजिए कि समझदारी पूर्ण सलाह मिले। और यह वाकई प्रार्थना करने वाली स्थिति है। वैसे, यह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान का हिस्सा है।

अखबार ने इसके बाद उनकी पूरी बात छापी है जो एक वाक्य में है। हिन्दी में यह कुछ इस तरह होगा, “मैं उम्मीद करता हूं कि दोनों देशों के नेतृत्व के बीच समझदारी पूर्ण सलाह लागू होगी … हमारे देश आपस में खुद को नष्ट करने के उन्मादी होड़ में हैं और भारत व पाकिस्तान दोनों इसकी चपेट में हैं।” यहां तीन मूर्ति भवन में आयोजित एक सम्मान समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री ने यह बात कही। डॉ. सिंह को ‘पीवी नरसिम्हा राव नेशनल लीडरशिप एंड लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें यह पुरस्कार सौंपा।

अखबार ने इसके साथ श्रीनगर के एसएचएमएस अस्पताल की छत पर सफेद में लाल रंग से रेडक्रॉस का निशान बनाने की तस्वीर छापी है और सूत्रों के हवाले से लिखा है कि अस्पताल में चिकित्सकों को अनौपचारिक ढंग से कहा गया है कि चिकित्सा प्रतिष्ठानों की छत पर यह निशान पेंट करा दिया जाए ताकि उनपर हमला न किया जाए या वे हमले से बच सकें। अखबार ने इमरान खान के टेलीविजन संदेश को भी विस्तार से छापा है जिसका शीर्षक है, इमरान ने पूछा क्या हम वाकई ऐसी गलत गणना करने का जोखिम उठा सकते हैं? कहने की जरूरत नहीं है कि मुख्य खबर और शीर्षक भारतीय लड़ाकू पायलट को पाकिस्तान द्वारा कब्जे में लिए जाने की ही है।

हिन्दुस्तान टाइम्स ने जेट्स डाउन्ड, टेंशन अप (जेट उतारे गए, तनाव बढ़ा) खबर में लिखा है कि दोनों देशों ने दावा किया कि उनके विमान उतार लिए गए। दो लाइन के तीन उपशीर्षक हैं। इनमें एक में कहा गया है कि भारतीय पायलट पाकिस्तान के कब्जे में है। खबर के साथ बॉक्स में कल के घटनाक्रम का विवरण है। इसमें विंग कमांडर अभिनंदन की फोटो है। अखबार ने पहले पन्ने पर इमरान खान की अपील छापी है। शीर्षक है, “हमें अब बेहतर समझ और अक्लमंदी के साथ काम करना चाहिए : इमरान”। इसके ठीक नीचे दो कॉलम में ही विपक्ष का साझा बयान है, भाजपा सेना के बलिदान का राजनीतिकरण कर रही है।

इंडियन एक्सप्रेस का मुख्य शीर्षक है, “डे आफ्टर स्लीपलेस नाइट” यानी बिना नीन्द वाली रात के बाद का दिन। इससे ऊपर या पहले फ्लैग शीर्षक है, प्रधानमंत्री तीन सेवा प्रमुखों से मिले। इसके बाद आप अंदाजा लगाइए, स्लीपलेस नाइट किसकी। उपशीर्षक है, भारतीय वायु सेना का पायलट पाकिस्तान के कब्जे में, भारत ने तुरंत वापस भेजने को कहा, सैनिक ठिकानों को निशाना बनाने के लिए पीएएफ की निन्दा की। अखबार में इमरान खान का संदेश और विपक्ष का साझा बयान पहले पन्ने पर है और श्रीनगर के अस्पताल पर क्रॉस का चिन्ह पेंट किए जाने की फोटो भी है।

टाइम्स ऑफ इंडिया में लीड का शीर्षक है, हवा में तनाव। इमरान खान के संदेश की खबर टॉप पर है। इसका शीर्षक है, इमरान के भाषण से सरकार बेपरवाह, तनाव बढ़ सकता है। इसके साथ एक बॉक्स में इमरान खान की फोटो है और उनके बयान का हिस्सा है और साथ में भारत का जवाब। विंग कमांडर अभिनंदन के पाकिस्तान में होने की खबर अखबार ने चार कॉलम में छापी है। हालांकि, विपक्ष का साझा बयान पहले पन्ने पर नहीं है।

द हिन्दू का शीर्षक भी कल की ही तरह सीधा सपाट है, भारतीय वायु सेना का विमान मार गिराया गया, पाकिस्तान सेना ने पायलट को कब्जे में लिया। चार उपशीर्षकों में एक है, पीएएफ विमान ने जम्मू और कश्मीर में चार जगहों पर बम गिराए। अखबार ने इमरान खान की अपील को मुख्य खबर के साथ ही छापा है। शीर्षक है, इमरान ने बातचीत की अपील की। मुख्य खबर के साथ ही विपक्ष का साझा बयान भी है। शीर्षक है, विपक्ष ने कहा, जबरदस्त राजनीतिकरण।

वरिष्ठ पत्रकार और अनुवादक संजय कुमार सिंह की रिपोर्ट। संपर्क : anuvaad@hotmail.com



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