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टाइम्स नाऊ की भावना किशोर की गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ सुधीर चौधरी ने उठाई आवाज़!

सुधीर चौधरी-

मैं #PunjabPolice द्वारा पत्रकार @BhawanaKishore की गिरफ़्तारी का कड़ा विरोध करता हूँ।#SupremeCourt को इसका स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। प्रेस की आज़ादी का मुद्दा उठाने वाले लोगों को अरविंद केजरीवाल से भी सवाल पूछना चाहिए। केजरीवाल 2 राज्यों में सत्ता में हैं, उनका गोदी मीडिया चुप क्यों है? ये पुलिस का दुरुपयोग है।

सुधीर के ट्वीट पर कुछ प्रतिक्रियाएँ देखें-

सर्वेश मिश्रा-

बड़ी बेशर्मी है, किसी महिला के ऊपर गाड़ी चढ़ाओ और उसे जातिसूचक गाली दो फिर मुकदमा दर्ज हो तो प्रेस की आज़ादी को बीच मे ला दो।। दो दिन पहले पत्रकार @sakshijoshii जी के साथ दिल्ली पुलिस ने सरेआम बतमीजी की एक बार भी प्रेस की आज़ादी नही याद आयी ।

अरविंद झा-

बेटी का नाम है भावना किशोर ये इस वक्त लुधियाना सेंट्रल जेल में क़ैद है। इसका गुनाह सिर्फ़ इतना है कि एक पत्रकार होने के नाते दिल्ली के CM से उनके अवैध बंगले के बारे में सवाल पूछ लिया। @TimesNow की पत्रकार @BhawanaKishore के लिए देश के हर चैनल और पत्रकार को बोलना ही होगा।


इसी मुद्दे पर एन यू जे – आई की प्रेस रिलीज़ देखें-

भावना की गिरफ्तारी से सच का मुंह बंद नहीं किया जा सकता : एन यू जे – आई

नई दिल्ली। 6 मई 2023। पिछले दिनों से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी निवास में हुए कार्यों का समाचार दिखा रहे टाइम्स नऊ टीवी चैनल के पत्रकार को पंजाब में बंदी बनाना कायराना हरकत है। इस प्रकार बदले की भावना से कार्यवाही करके न तो सच को दबाया जा सकता है और ना ही मीडिया का मुंह बंद किया जा सकता है। यदि समाचार की सत्यता में कोई कमी है तो केजरीवाल सरकार की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया जा सकता है। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (इंडिया) इस प्रकार पत्रकारों के दमन को की निंदा करते हुए मांग करती है कि पत्रकार भावना किशोर को तत्काल रिहा किया जाए। केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से हम तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हैं।

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (इंडिया) के अध्यक्ष अशोक मलिक और महासचिव सुरेश शर्मा ने यहां जारी एक बयान में महिला पत्रकार को बंदी बनाए जाने पर पंजाब सरकार की कड़ी आलोचना की है। एन यू जे – आई का मानना है कि समाचार प्रकाशित करने या प्रसारित करने की स्थिति में यदि तथ्यों में कोई कमी या स्पष्टता नहीं है तब प्रभावित पक्ष उसका स्पष्टीकरण जारी कर सकता है। इस प्रकार रिपोर्टर्स को बंदी बनाकर दमन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। एन यू जे – आई पंजाब सरकार से मांग करती है कि वह टाइम्स नाउ की पत्रकार को तत्काल रिहा करें और अपने इस कृत्य के लिए खेद प्रकट करें। केंद्रीय गृह मंत्रालय से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की हम अपील करते हैं। केंद्रीय गृहमंत्री से अमित शाह दमन का शिकार हुई पत्रकार को तत्काल सामने लाने और रिहा कराने में मदद करें।

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (इंडिया) इस बात पर अपनी गंभीर चिंता प्रकट करते हैं कि राजनीति में मीडिया के प्रति सम्मान और सहिष्णुता लगातार कम होता जा रहा है। स्वतंत्र, निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता लोकतंत्र की जरूरत है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को निष्पक्ष काम करने की स्वतंत्रता में कोई भी दल या सरकार बाधक नहीं बनना चाहिए। पंजाब की सरकार दिल्ली के मुख्यमंत्री और अपनी पार्टी के सुप्रीमो के शीश महल संबंधित खबर से बदले की भावना तक पहुंची है। यह कृत्य निंदनीय है। मीडिया जगत इस मामले में एकजुट हो हम ऐसी अपील भी करते हैं।

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2 Comments

2 Comments

  1. Bimal Kishor

    May 6, 2023 at 2:07 pm

    All media houses should raise voices against the unlawful action of Punjab Police and Punjab’s AAP Government.

  2. Aamir Kirmani

    May 6, 2023 at 7:36 pm

    सुधीर चौधरी को उन सभी पत्रकारों के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, जिन्हें भाजपा, कांग्रेस, केजरीवाल या अन्य किसी भी सरकार ने सताया है।
    क्या भाजपा सरकार के द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न पर सुधीर भाई कुछ बोलेंगे
    मैंने तो आज तक कोई ऐसा बयान नहीं देखा, जब ऑल्ट न्यूज़ के ज़ुबैर बंद हुए थे, उस समय भी उन्हें उत्पीड़न नही दिखा ?
    नवाज़ देवबंदी का एक शेर याद आ गया
    उसके क़त्ल पे मैं भी चुप था,
    मेरा नंबर अब आया
    मेरे क़त्ल पर आप भी चुप हैं
    अगला नंबर आपका है…

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