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सुख-दुख

दुनिया को अलविदा कह गए बड़े दिल वाले वरिष्ठ पत्रकार नरेश मोहन जी!

महेश शर्मा-

श्रद्धांजलि। नरेश मोहन जी के निधन की सूचना मिली। लखनऊ वाला दृश्य आंखों के सामने घूम गया। उन्हें मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। उन्होंने मुझे हिंदुस्तान की लखनऊ लॉन्चिंग के दौरान नौकरी दी थी। इंटरव्यू अच्छा था। अपनी कलम से LKO लिखकर लखनऊ लोकल में रिपोर्टिंग सेक्शन में तैनाती दी। पर दुर्भाग्य था कि स्थानीय संपादक सुनील दुबे जी ने उनसे कहा कि इनसे आउट स्टेशन का काम लेंगे और मुझे सीतापुर भेज दिया।

वहां एक महीने बाद छोड़कर वापस कानपुर अमर उजाला आ गया। छोटे जिले में मन नहीं लग रहा था। मित्र अनूप और राजेश को कानपुर में रखा था। मैं व्यक्तिगत तौर पर उनसे प्रभावित था। दूसरा मौका ट्रिब्यून में मिलने वाला था। संतोष तिवारी जी संपादक हो गये थे। दिल्ली में एक वरिष्ठ पत्रकार ने संतोष जी से मुलाकात कराई और रिकमेंड किया। नरेश मोहन जी की प्लानिंग लखनऊ में ट्रिब्यून का ब्यूरो चलाने की थी। यह बात संतोष जी ने मुझे खुद बताई थी। मुझे यह भी पता चला कि नरेश जी और ट्रिब्यून के तत्कालीन प्रधान संपादक राज चेंगपा (अब इंडिया टुडे) ट्रिब्यून का कायाकल्प करने में जुटे हैं। मेरा प्रपोजल बना भी, पर संतोष जी के आकस्मिक निधन ने निराश कर दिया।

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ओडिशा से इंडिया टुडे के लिए कार्य करने के दौरान कॉन्क्लेव के आयोजन में राज सर से मुलाकात हो जाती थी। भुवनेश्वर में लंच के दौरान एक बातचीत में नरेश जी का जिक्र आया। मैं यह सन्देश देना चाहता था कि मीडिया स्टालवार्ट्स के थोड़ा बहुत संपर्क में मैं भी हूँ। बहरहाल देश में मीडिया के चौतरफा विकास में नरेश मोहन जी के योगदान को कभी भी हल्का नहीं आंका जाएगा। न जाने कितने पत्रकारों को उन्होंने नौकरियां दी। महाप्रभु जगन्नाथ नरेश मोहन जी को अपने चरणों में स्थान दें।

अनूप बाजपेयी-

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ओह, हिन्दुस्तान में जब दिल्ली में मेरा इंटरव्यू हुआ तो सामने शोभना भरतिया जी थीं। एक समय ऐसा आया जब उनके हमसे सवाल जवाब कुछ ज्यादा हो गए तब नरेश मोहन जी ने खुद कुछ आसान सवाल पूछे और साक्षात्कार को इति श्री पर पहुंचाया। बड़े दिल और खुले दिमाग के थे। हां, सफेद कपड़े उन्हें बहुत प्रिय थे। इस समाचार ने बहुत दुख पहुंचाया। एक सुंदर व्यक्तित्व का अंत। ॐ शान्ति शान्ति शान्ति।

संजीव मिश्रा-

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अत्यंत दुःखद खबर, हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के पूर्व एक्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट और एचटी ग्रुप में काम करने वाले पत्रकारों, कर्मचारियों के बेहद प्रिय नरेश मोहन जी नहीं रहे। उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि।

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