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उत्तर प्रदेश

बुजुर्ग पिता को निर्दयी अस्पताल प्रबंधन ने खींचकर बेड से हटाया, अब अदालत लेगा जवाब

ग़ाजीपुर निवासी उमेश श्रीवास्तव के पिता के साथ अस्पताल में हुई अभद्रता को लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जाँच के आदेश दिए हैं. अदालत ने इस सिलसिले में थाना करण्डा के थानेदार को विवेचना कर आगामी 27 जुलाई तक जाँच आख्या पेश करने का निर्देश जारी किया है.

बता दें कि उमेश श्रीवास्तव के 92 वर्षीय पिता की तबियत बिगड़ने पर जिला अस्पताल ग़ाजीपुर ले जाया गया था. 21 जून 2023 को रात करीब 10 बजे उमेश अपने पिता के साथ वार्ड में मौजूद थे, तभी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ माजिद, मेडिकल कॉलेज के उप-प्रधानाचार्य डॉ नीरज, स्टाफ आसिफ व अन्य चार से पांच लोग कमरे में पहुंचे और धमकाते हुए बेड खाली करने को कहा. उन्होंने कहा कि इसमें अफजाल अंसारी को भर्ती करना है.

उमेश श्रीवास्तव ने खूब मिननतें की, कहा कि उनके पिता वृद्ध हैं, शिफ्ट करने में दिक्कत होगी. उन्हें कम्प्लीट आराम के लिए कहा गया है. बावजूद इसके अस्पताल प्रबंधन ने गाली-गलोज व अभद्रता करते हुए उमेश श्रीवास्तव के पिता खींचकर बेड से हटा दिया.

उमेश जी ने जब इसका विरोध किया तो डॉ माजिद, नीरज और आसिफ द्वारा मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट में फंसाकर जेल में सड़ा देने और ज्यादा हीरो बनने पर जान से मारने की धमकी दी. इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई जिसमें उमेश का मोबाइल गिरकर टूट गया. अस्पताल के वार्ड में मौजूद अन्य तीमारदारों द्वारा बीच बचाव तथा अस्पताल प्रबंध के विरोध करने के बाद मामला सहज हो सका.

इसके बाद उमेश श्रीवास्तव ने अदालत की शरण ली. जहां से मामले की विवेचना कर थानेदार को जाँच रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया गया है…

देखें अदालती पत्रावली….

इससे पहले इस मामले में यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने भी फोन किया किया था, पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… भड़ासी टेस्ट में पास हुए बृजेश पाठक

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