Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

मसला तो ये है की भाजपा का एक सहयोगी भाजपा के दूसरे सहयोगी को डॉन बताता है!

आभा शुक्ला-

भी कुछ दिन पहले धनंजय सिंह एक चिर प्रतिद्वंद्वी अभय सिंह ने धनंजय को उत्तर भारत का सबसे बड़ा डॉन बताया था. अभय सिंह जो की गोसाईगंज से सपा के विधायक रहे हैं, जिन्होंने एमएलसी चुनाव में खुले आम भाजपा का साथ दिया था.. बाद में इन्ही अभय सिंह की पत्नी/पिता ने भाजपा में शामिल होकर खुद को राष्ट्रवादी भी घोषित किया था.

यानी अभय सिंह भाजपा में रहते हुए भी अघोषित भाजपाई थे/हैं, मसला तो ये है की भाजपा का एक सहयोगी भाजपा के दूसरे सहयोगी को डॉन बताता है, अब भाजपा बताए की उसे क्या जरूरत आन पड़ी की उसे डॉन (भाजपा के सहयोगी नेता द्वारा घोषित) की जरूरत पड़ रही है?

वैसे आप आसान समझते हैं, अतीक/मुख्तार/शहाब होना?

तीनों नही रहे, जान दे दी लेकिन अधीनता स्वीकार नहीं की, राजपूताना इतिहास बताने वाले क्या इस वर्तमान को नही देख रहे…हमने तो सुना था कि,

“रघुकुल की यह रीति सदा चली आई, प्राण जाई पर वचन न जाई”

ये कैसी रीति है…? जहां प्राणों की रक्षा के लिए वचन को ताक पर रखा जा रहा है? और जिन पर इल्ज़ाम आता है गद्दारी का, वो सब अपनी जानें दे दे रहे हैं लेकिन दी हुई ज़बान से नही मुकर रहे हैं।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन