कहीं ऐसा तो नहीं कि कोर्ट के इस फटकार के बाद अफ़सर लोग दारू पार्टी की तैयारी कर रहे हों!

रवीश कुमार-

एक बार आगरा में अच्छे शॉट की तलाश में ताज महल के पीछे की झाड़ियों में भटक रहा था। कहीं से एक आवाज़ आई जिसने मुझे पहचाना था। उनकी तरफ़ बढ़ा तो भर सूटकेस पतंग लेकर बैठे थे। दारू भी था।कहने लगे बिल्कुल ताज महल की दुर्दशा दिखाइये। सुप्रीम कोर्ट की फटकार लगती है तो बजट आ जाता है और फिर हम लोग उस बजट से अपना हिसाब निकाल लेते हैं। जब भी हम लोग हेडलाइन देखते हैं कि ताज को लेकर फटकार पड़ी है उस दिन ख़ुशी मनाते हैं कि पैसा मिलेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा में चालीस मंज़िला टावर गिराने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि प्राधिकरण के अधिकारियों और बिल्डरों ने नियमों की धज्जियाँ उड़ा कर लूट मचाई है। कहीं ऐसा तो नहीं कि कोर्ट के इस फटकार के बाद प्राधिकरण में पार्टी हो रही हो या सुपर टेक से जुड़े अफ़सर दारू की पार्टी की तैयारी कर रहे हों कि हमारा क्या, हमने तो नोट छाप लिया। बिल्डिंग गिरेगी बिल्डर की।

वैसे इन बिल्डरों को सुप्रीम कोर्ट ने काफ़ी कुछ ठीक तो किया है। इस तरह की धांधली बंद हुई है या नहीं, पता नहीं जो धांधली के शिकार हैं वो हिन्दू मुस्लिम नेशनल सिलेबस के मैसेज फार्वर्ड करने में लगे होंगे या जाति के नाम पर सीना फुला रहे होंगे।



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