टेलिकाम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने अमेजन प्राइम, जियो सिनेमा, नेटफ्लिक्स सहित सभी ओटीटी प्लेटफार्म को अच्छी खबर दी है. जिसके मुताबिक अब एन सभी ओटीटी प्लेटफार्म को रेगुलेट करने की कोई जरूरत नहीं है.
ट्राई ने राष्ट्रीय प्रसारण नीति-2024 के निर्माण के लिए इनपुट जारी करते हुए कहा है कि इन सभी ओटीटी प्लेटफार्म को रेगुलेट करने की कोई आवश्यकता नहीं है. ट्राई ने अपने रिकमंडेशन में आगे कहा कि ओटीटी एक उभरता हुआ क्षेत्र है जिसमें इकोनॉमी डेवलपमेंट में मदद करने की बहुत सारी संभावनाएं हैं.
संचार नियामक ने आगे कहा कि ओटीटी सेक्टर को सुव्यवस्थित करके इसे व्यापार करने के लिए बढ़ावा देने पर फोकस करना चाहिए. ईओडीबी को बढ़ावा देने के तरीकों में से एक बुनियादी ढांचे का दर्जा देना है. नियामक ने दस साल के लिए एक रोडमैप साझा करते हुए डेटा संचालित गवर्नेंस के जरिए ग्रोथ ओरिएंटेड पॉलिसी और रेगुलेशन स्थापित करने की बात कही.
इसके अलावा ट्राई ने नेशनल ब्राडकॉस्ट पॉलिसी (एनबीपी) के लिए एक विजन भी शेयर किया, जिससे उपभोक्ताओं की विविध जरूरतों को पूरा करते हुए ब्राडकॉस्ट सेक्टर के सतत विकास के लिए एक प्रतिस्पर्धी, सस्ता और हर जगह उपलब्ध इको सिस्टम को बढ़ावा दिया जा सके. इसका मकसद लचीला स्वदेशी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करना, उभरती टेक्नोलॉजी को अपनाना तथा दूसरों के बीच रोजगार पैदा करना मकसद है.
ट्राई की ओर से जारी की गई एनबीपी 2024 का मकसद लोकल और ग्लोबल लेवल पर इंडियन कंटेंट के प्रसार को बढ़ावा देकर टेलीविजन और ओटीटी टेलिकास्ट सर्विस के लिए क्वालिटी कंटेंट को बढ़ावा देना है.
बता दें कि ट्राई ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को टेलीविजन, रेडियो और ओटीटी प्रसारण सेवाओं के लिए पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए रेटिंग सिस्टम बनाने की भी सिफारिश की है. राष्ट्रीय प्रसारण नीति- 2024 को बनाने के लिए इनपुट पर अपनी सिफारिशों में, ट्राई ने यह सुझाव दिया कि भारत में मौजूदा ऑडियंस मेजरमेंट सिस्टम को अपग्रेड करने की जरूरत है.



