Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

ट्रम्प से डरे मोदीजी कुआलालंपुर भी नहीं जाएँगे, सरेंडर का नया सुबूत देखें

मुकेश कुमार-

प्रधानमंत्री मोदी ट्रम्प से किस कदर डरे हुए हैं इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि वे अब कुआलालंपुर भी नहीं जाएंगे।
और वे कुआलालंपुर इसलिए नहीं जाएंगे क्योंकि वहां ट्रम्प होंगे और वे उनका सामना नहीं कर सकते।

वे ट्रम्प से लगातार भाग रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के सम्मेलन में नहीं गए, फिर मिस्र में हुए ग़ज़ा सम्मेलन में भी नहीं गए और अब कुआलालंपुर भी नहीं जा रहे।

मोदी जी का डर ये है कि ट्रम्प फरवरी जैसी बेइज़्ज़ती न कर दें। पत्रकारों से ये न कह दें कि मोदी जी ने रूस से तेल न खरीदने का वादा उनसे किया है।

उनके ये भी कहने का ख़तरा है कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में युद्ध विराम भारत को धमकाकर करवाया।

फिर वहाँ शाहबाज़ शरीफ़ भी होंगे। क्या पता ट्रम्प दोनों को साथ बुलाकर कश्मीर की मध्यस्थता न शुरू कर दें।

56 इंची सीना वाले का इस तरह से भागना दयनीय है। मोदी की दयनीयता पूरी भारत की दयनीयता बनती जा रही है। उन्हें छाती चौड़ी करके और आँख में आँखें डालकर ट्रम्प का सामना करना चाहिए।

मगर वे ऐसा करने के बजाय भाग रहे हैं….भागे जा रहे हैं….लेकिन कब तक भागेंगे…क्या वे बिहार चुनाव के निपटने तक ये अपमान झेलते रहेंगे और उसके बाद टैरिफ पर समझौता करके ट्रम्प को खुश कर देंगे…..

शायद यही होने वाला है। किसानों और डेयरी क्षेत्र के हितों की बलि चढ़ाकर वे ट्र्म्प को खुश करेंगे और फिर दोनों पप्पी-झप्पी का खेल शुरू कर देंगे।

भारत जैसे विशाल और शक्तिशाली राष्ट्र को मोदी जी ने कहाँ से कहाँ पहुंचा दिया है।


CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
1 Comment

1 Comment

  1. Alok shukla

    October 23, 2025 at 10:10 pm

    इस देश में काँग्रेस ट्रम्प की प्रवक्ता के रूप में काम करती प्रतीत होती है, चलो वो विपक्षी पार्टी, चल सकता है लेकिन क्या समाचार लेखक भी विपक्ष के नेता हैं, इस समाचार के अनुसार जब इटली में जी 7 मे मोदी के पहुंचने के पहले ट्रम्प निकल गए थे तब क्या ट्रम्प ने मोदी के सामने आत्म समर्पण कर दिया था? जिस ट्रम्प की ट्रेडिंग डील पर युद्ध रुकवाने का दावा था और मोदी डर गए तब फिर 50% tariff
    क्यों? डर गए इसीलिए रुस से तेल खरीद रहा हैं देश? मोदी डर गए इसीलिए अफगानिस्तान के bagram पर तिरंगा फहरा दिया गया? अफगानिस्तान द्वारा पाक के खिलाफ मोर्चा खुलवा दिया मोदी ने? क्या डर गए इसलिए रूस चीन और भारत की तिकड़ी बनाई ? इसके बाद ट्रम्प ने मोदी की तारीफ करते हुए जो ट्वीट किया था तो क्या ट्रम्प डर गए?) कूटनीति कभी पैर पीछे तो कभी आगे किए जाते हैं उसे विपक्षी नेता कुछ भी कहे, समाचार को उससे प्रभावित नहीं होना चाहिए वैसे आपके अनुसार अपने राहुल बाबा जैसे मोदी को बिहार चुनाव को छोड़कर विदेश जाना चाहिए था और उस ट्रम्प से मिलना चाहिए जो भारत के प्रति आए दिन कुछ भी उल julul बोलते हैं.. आचार्य चाणक्य ने कहा था कि मुर्ख व्यक्ति से जितना दूर रहे उतना अच्छा… और चाणक्य से बड़ा कूट नीति का ज्ञान किसी को नहीं था

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन