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टीवी

ट्रम्प-टैरिफ और साहेब की चुप्पी पर कोई टीवी चैनल डिबेट नहीं करेगा!

रवीश कुमार-

यह कांग्रेस पार्टी की सूची है। 31 जुलाई के टीवी डिबेट में जाने वाले कांग्रेस के प्रवक्ताओं के नाम। इससे पता चलता है कि कल शाम टीवी पर किस मुद्दे पर चर्चा हुई।

एक चैनल को छोड़ कर किसी चैनल ने भारतीयों के स्वाभिमान और रोज़गार को प्रभावित करने वाले ट्रंप की घोषणाओं पर बहस नहीं की। ट्रंप ने केवल टैरिफ़ का एलान नहीं किया था बल्कि भारत के बारे में अपमानित भाषा का भी उपयोग किया। सरकार इस पर बोल नहीं पाई।

टैरिफ़ पर बयान आया लेकिन रूस से कारोबार करने पर जुर्माना और एक दिन भारत को पाकिस्तान तेल बेचेगा जैसी बातों का कोई जवाब नहीं दिया गया। इस तरह गोदी मीडिया ने देश के साथ हुए एक बड़ी घटना को जनता से छिपा लिया। देश को रोज़ इसी तरह कई ज़रूरी मुद्दों के बारे में पता नहीं चलता है।


श्रीनिवास बीवी-

ये आज होने वाली TV DEBATES है.. लगभग सभी चैनलों को आदेश हुआ है, ट्रम्प-टैरिफ और साहेब की चुप्पी पर कोई बहस नहीं करेगा,

TV वालों को देश से ज्यादा भाजपा की चिंता है..


कृष्ण कांत-

ट्रंप ने धमकी दी तो ईरान से सस्ता तेल लेना बंद कर दिया। अब फिर ट्रंप ने धमकी दी तो रूस से तेल लेना बंद कर दिया, ऐसी खबर आ रही है।

बस घर के शेर हैं। विपक्ष को कुचलेंगे। जनता को डराएंगे। सबको पालतू बना लेंगे। छाती पीटकर धमकाएंगे।

बाहर से रोज हुरमत उतरवा कर, देश का नुकसान करवा कर आ जाते हैं।


श्याम मीरा सिंह-

इंडिया को इससे दुखी होने की ज़रूरत नहीं है। भारत और पाकिस्तान में अंतर है। वो चीन का, कभी अमेरिका का ग़ुलाम बन सकता है, हम एक स्वतंत्र देश हैं। हम किसी अमेरिका या अन्य किसी सुपरपावर का ग़ुलाम नहीं हो सकते।

हालाँकि इस बीच मोदी जी के कम पढ़े लिखे होने का फ़ायदा मित्र डोनाल्ड ने उठाया। अड़ानी के प्रेम में भी मोदी जी की टेंटियाँ डोनाल्ड के हाथ में आ गई थी। ये मोदी जी की निजी अक्षमता है। कोई ताकतवर नेता ऐसी गड़बड़ नहीं करता है।

मोदी की नाकामी के कारण ही अमेरिका ने सीजफ़ायर का क्रेडिट ले लिया। वहीं इंदिरा गांधी ने उस समय के अमेरिकी राष्ट्रपति को अच्छे से डील किया। वे लड़ीं, और भारत की आर्थिक स्वतंत्रता बचाए रखी। बस मोदी की अयोग्यता का फ़ायदा आगे भी अमेरिका ना उठा ले इसकी प्रार्थना करें। बाक़ी किसी देश के भिखारी राष्ट्रपति के कटोरा में स्वर्ण मुद्राएँ आ जाएँ तो इसका अफ़सोस ना करें कि हमारे कटोरे में भी स्वर्ण मुद्रा हो, स्वर्ण मुद्राओं की एक क़ीमत होती है।

ये दुर्भाग्य है कि हम आज इस स्थिति में खड़े हैं कि ट्रम्प हमारे सर पर नाच रहा है। ये हमारे नेता की हार है। हमारे देश की नहीं। हमारा देश बुलंद रहे, आर्थिक स्वतंत्रता बनी रहे। ऐसी प्रार्थना करें।

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