अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि उनकी प्रशासन चार विभिन्न समूहों के साथ टिकटॉक की बिक्री के संबंध में बातचीत कर रही हैं, और सभी विकल्प खुले हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रम्प टिकटॉक की अमेरिकी इकाई की बिक्री के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत हैं।
यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के चलते उठाया गया है, जिसके तहत बाइटडांस, टिकटॉक की मूल कंपनी, को अपनी अमेरिकी इकाई को बेचने या प्रतिबंध का सामना करने के लिए कहा गया है। इससे पहले, जनवरी 2025 में, राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे टिकटॉक पर प्रतिबंध को 75 दिनों के लिए टाल दिया गया था, ताकि बिक्री के लिए अधिक समय मिल सके।
ट्रम्प ने यह भी सुझाव दिया है कि संयुक्त राज्य सरकार को टिकटॉक के अमेरिकी व्यवसाय में आधा स्वामित्व लेना चाहिए, यदि ऐप को चालू रखना है, और चेतावनी दी है कि यदि बीजिंग टिकटॉक के साथ अमेरिकी सौदे को मंजूरी देने में विफल रहता है तो वह चीन पर शुल्क लगा सकते हैं।
इन प्रयासों के बावजूद, टिकटॉक और बाइटडांस ने अभी तक इस संबंध में कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। विश्लेषकों का मानना है कि टिकटॉक की मूल्यांकन $50 बिलियन तक हो सकती है, जिससे यह एक अत्यंत आकर्षक अधिग्रहण लक्ष्य बन गया है।
इन सबके बीच, टिकटॉक के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, और संभावित खरीदार अपनी रणनीतियों पर विचार कर रहे हैं। इन चर्चाओं का परिणाम न केवल टिकटॉक की अमेरिकी उपस्थिति को प्रभावित करेगा, बल्कि व्यापक सोशल मीडिया परिदृश्य को भी आकार देगा।
ट्रम्प के इन प्रयासों से स्पष्ट है कि वह टिकटॉक की बिक्री के पक्ष में सक्रिय रूप से पैरवी कर रहे हैं, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को संबोधित किया जा सके और ऐप को अमेरिकी बाजार में बनाए रखा जा सके।
है क्या टिकटॉक?
TikTok एक शॉर्ट-फॉर्म वीडियो प्लेटफॉर्म है, जिसे चीनी कंपनी ByteDance ने विकसित किया है। इसे 2016 में चीन में “Douyin” के नाम से लॉन्च किया गया था और 2018 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर TikTok के रूप में पेश किया गया।
TikTok विवाद और प्रतिबंध
- राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताएँ – अमेरिका और अन्य कई देशों ने आरोप लगाया कि TikTok का डेटा चीनी सरकार के साथ साझा किया जा सकता है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
- प्रतिबंध और बिक्री का दबाव – अमेरिका, भारत और कुछ अन्य देशों में TikTok पर प्रतिबंध लगाया गया या उस पर निगरानी बढ़ाई गई। भारत ने 2020 में इसे डेटा सुरक्षा और गोपनीयता चिंताओं के कारण बैन कर दिया।
- अमेरिका में मौजूदा विवाद – अमेरिका ने ByteDance को TikTok की अमेरिकी इकाई बेचने का आदेश दिया है, अन्यथा उस पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस बिक्री के लिए सक्रिय रूप से पैरवी कर रहे हैं।
TikTok वर्तमान में 50 बिलियन डॉलर तक के संभावित मूल्यांकन के साथ चर्चा में बना हुआ है और इसकी बिक्री को लेकर चार समूहों से बातचीत चल रही है।



