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न्यूज़ चैनलों की टीआरपी को लेकर केरल हाईकोर्ट में नया बखेड़ा

टीवी न्यूज चैनलों की TRP को लेकर अब नया बखेड़ा उठ खड़ा हुआ है। केरल हाईकोर्ट ने फिलहाल बिना “लैंडिंग पेज डेटा” के न्यूज चैनलों की TRP जारी करने पर रोक लगा दी है। यह आदेश ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन (AIDCF) की याचिका पर आया है।

AIDCF ने कोर्ट में कहा था कि TRP मापने के नए नियमों में बदलाव सही तरीके से नहीं किया गया। इसी को चुनौती देते हुए फेडरेशन ने केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस की बेंच में हुई। कोर्ट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से इस मामले में जवाब मांगा है।

हालांकि, कोर्ट ने केंद्र सरकार की नई TRP पॉलिसी पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई है, लेकिन यह साफ कर दिया है कि फिलहाल बिना लैंडिंग पेज डेटा के न्यूज चैनलों की रेटिंग जारी नहीं की जा सकती।

दरअसल, Broadcast Audience Research Council यानी BARC ने 11 जून से न्यूज चैनलों की साप्ताहिक TRP दोबारा जारी करने की घोषणा की थी। BARC का कहना था कि शुरुआती दौर में लैंडिंग पेज इम्प्रेशंस को TRP में शामिल नहीं किया जाएगा। इसी फैसले पर विवाद शुरू हो गया।

लैंडिंग पेज का मतलब उस चैनल से है, जो टीवी ऑन करते ही सबसे पहले स्क्रीन पर दिखाई देता है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दर्शकों की असली पसंद का सही पता नहीं चलता और TRP आंकड़े प्रभावित हो सकते हैं।

वहीं कुछ ब्रॉडकास्टर्स का कहना है कि लैंडिंग पेज चैनलों के प्रमोशन का सामान्य तरीका है और इसे हटाने से छोटे या नए चैनलों की पहुंच कम हो सकती है।

मीडिया इंडस्ट्री के लिए यह मामला काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि TRP का सीधा असर विज्ञापनों, चैनलों की कमाई और मार्केट में उनकी स्थिति पर पड़ता है। अब सभी की नजर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और केंद्र सरकार के जवाब पर टिकी है।

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