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यूपी में एक और पत्रकार पुलिस की साजिश का शिकार, पीजीआई में भर्ती

सहारनपुर (उ.प्र.) : एसओ के खिलाफ खबर लिखना पत्रकार को इतना मंहगा पड़ गया कि उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। दुष्कर्म का मुकदमा कायम होने के बावजूद थानाध्यक्ष ने आरोपी को छोड़ दिया था। पीड़ित पत्रकार की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, उल्टे धमकाया कि नतीजा भुगतने के लिए तैयार रहना। पुलिस के इशारे पर कस्बे के एक नेता ने पत्रकार पर अटैक कर दिया। उनके दो दांत टूट गए, जबड़े में फ्रैक्चर हो गया, आंख घायल हो गई, खून की दो उल्टियां हुईं। वह पीजीआई में भर्ती हैं।  

सहारनपुर (उ.प्र.) : एसओ के खिलाफ खबर लिखना पत्रकार को इतना मंहगा पड़ गया कि उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। दुष्कर्म का मुकदमा कायम होने के बावजूद थानाध्यक्ष ने आरोपी को छोड़ दिया था। पीड़ित पत्रकार की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, उल्टे धमकाया कि नतीजा भुगतने के लिए तैयार रहना। पुलिस के इशारे पर कस्बे के एक नेता ने पत्रकार पर अटैक कर दिया। उनके दो दांत टूट गए, जबड़े में फ्रैक्चर हो गया, आंख घायल हो गई, खून की दो उल्टियां हुईं। वह पीजीआई में भर्ती हैं।  

प्रदेश में पत्रकारों के खिलाफ लगातार पुलिस का रवैया वहशियाना बना हुआ है। जिले में एक और पत्रकार पुलिसिया साजिश का शिकार हो गया। पिछले महीने 13 जून को सहारनपुर के कसबा नानौता में छेड़छाड़ की घटना हुई थी। दैनिक हिंदुस्तान के रिपोर्टर अरविन्द सिसोदिया ने घटना की खबर छाप दी। 18 जून के अंक में खबर छपी। 20 जून को इसकी रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। नानौता थानाध्यक्ष ने आरोपी को छोड़ दिया। जब ये भी समाचार प्रकाशित हो गया तो एसओ ने उसी दिन सिसोदिया को देख लेने की धमकी दी। 

उसके बाद कसबे के ही एक कथित नेता ने सिसोदिया के साथ मारपीट की। काफी गंभीर चोटें आई हैं। वह इस समय पीजीआई में भर्ती हैं। पहले तो यह कथित नेता समझौते के प्रयास करता रहा, लेकिन बाद में जैसे ही इसकी मुलाकात एसओ से हुई तो पूरी कहानी ही बदलती चली गई।

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