अराजक रोडवेजकर्मियों ने लखनऊ के पत्रकार को मिल कर पीटा, मीडिया संगठन चुप्पी साधे हैं

लखनऊ से खबर है कि मान्यता प्राप्त पत्रकार शशि नाथ दुबे के ऊपर आलमबाग रोडवेज के कर्मचारियों ने हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया. शशि नाथ दुबे बिजनेस टाइम्स से राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं. वे टिकट बुक कराने के लिए आलमबाग बस स्टेशन पहुंचे और जयपुर जाने के लिए अपना रिजर्वेशन …

दैनिक जागरण जौनपुर के विज्ञापन प्रभारी शीतला प्रसाद मौर्य पर हमला

पत्रकार पर हुए हमले से पत्रकार संघ आक्रोशित… जौनपुर। जौनपुर पत्रकार संघ ने दैनिक जागरण के जिला विज्ञापन प्रभारी शीतला प्रसाद मौर्य पर हमले की निंदा कर आक्रोश व्यक्त किया है। संघ ने  दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्यवाही की मांग किया है। इस सम्बंध में आयोजित संघ की बैठक अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि कतिपय अराजक तत्वों ने रविवार की रात को श्री मौर्य को लाठी डंडे और लोहे के रॉड मारपीट कर घायल कर दिया था। पुलिस ने अभी तक घटना के दोषियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नही किया। जिससे पत्रकारों में आक्रोश है। बैठक का संचालन  महामंत्री डॉ मधुकर तिवारी ने किया।

भाजपाई गुंडों ने दो टीवी पत्रकारों के साथ ये क्या कर दिया.. सुनिए पूरी कहानी…

Chander Mauli Sharma :  शायद अब मैं हिमाचल कभी जाऊँ…. जी हां, हम और हमारी टीम लगातार पिछले एक महीनें से डीपीआर से आज्ञा लेकर चुनावी कवरेज पर थे. सब कुछ अच्छा जा रहा था हिमाचल को बेहद करीब से देखा, जैसा सुना वैसा लगा भी. पर शायद मैं किसी भ्रम में ही था, या शायद कोई बुरा सपना जो परसों रात टूट गया. हम पावंटा साहिब में राहूल की रैली कवर कर के नाहन के लिए निकलें, क्यूँकि वहा भी सीएम राजा वीरभद्र की रैली थी. बहुत अच्छा जा रहा था और हम निकलनें वाले थे कि स्थानिय लोगों से पता चला यहां रात को शराब बंटती हैं. एक गज़ब की स्टोरी हमारे सामने थी, और हम सुबह से उस स्टोरी पर काम करना शुरू भी कर चुके थे।

इन खबरों के कारण भड़ास संपादक यशवंत पर हमला किया भुप्पी और अनुराग त्रिपाठी ने!

साढ़े छह साल पुरानी ये वो खबरें है जिसको छापे जाने की पुरानी खुन्नस में शराब के नशे में डूबे आपराधिक मानसिकता वाले भूपेंद्र नारायण सिंह भुप्पी ने किया था भड़ास संपादक यशवंत सिंह पर प्रेस क्लब आफ इंडिया में हमला… इसमें सबसे आखिरी खबर में दूसरे हमलावर अनुराग त्रिपाठी द्वारा स्ट्रिंगरों को भेजे गए पत्र का स्क्रीनशाट है जिसके आखिर में उसका खुद का हस्ताक्षर है… ये दोनों महुआ में साथ-साथ थे और इनकी कारस्तानियों की खबरें भड़ास में छपा करती थीं… बाद में दोनों को निकाल दिया गया था…

यशवंत हजारों पीड़ितों को स्वर दे रहे हैं, भगवान उन्हें दीर्घायु दें

भड़ास के संपादक यशवंत सिंह पर हमले की खबर पढ़कर मन बहुत व्यथित हुआ। साथ ही इससे बहुत खिन्नता भी उपजी, आज के पत्रकारिता जगत के स्वरूप को लेकर। यशवंत सिंह पर हमला करने वाले निश्चित रूप से मानसिक रूप से दिवालिया हैं। यह बात भी तय है कि वे तर्क और सोचविहीन हैं।

पत्रकार कहे जाने वालों का यशवंत जैसे एक निर्भीक पत्रकार पर हमला बेहद शोचनीय है : अविकल थपलियाल

Avikal Thapliyal : कोहरा घना है… बेबाक और निडर पत्रकारों पर हमले का अंदेशा जिंदगी भर बना रहता है। भाई यशवंत को भी एक दिन ऐसे घृणित हमले का शिकार होना ही था। बीते वर्षों में हुई मुलाकात के दौरान मैंने यशवंत का ध्यान इस ओर खींचा भी था। लेकिन मुझे ऐसा लगता था कि कई बार फकीराना अंदाज में सभी को गरियाने वाले यशवंत किसी अपराधी या फिर विशेष विचारधारा से ताल्लुक रखने वाले हिंसक लोगों के कोप का भाजन बनेंगे। लेकिन पत्रकार कहलाये जाने वाले ही अपने बिरादर भाई यशवंत की नाक पर दिल्ली प्रेस क्लब में हमला कर देंगे, यह नहीं सोचा था।

हमलावर लोग कायर होते हैं, इसलिए हारना अंततः उन्हें ही होता है…

Anoop Gupta : पत्रकार यशवंत सिंह पर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के बाहर हमला किया गया और पुलिस की चुप्पी तो समझ आती है, प्रेस क्लब की चुप्पी के मायने क्या हैं। अगर यशवंत का विरोध करना ही है तो लिख कर कीजिये, बोल कर कीजिए, हमला करके क्या साबित किया जा रहा है। मेरा दोस्त है यशवंत, कई बार मेरे मत एक नहीं होते, ये जरूरी भी नहीं है लेकिन हम आज भी दोस्त हैं। चुनी हुई चुप्पियों और चुने हुए विरोध से बाहर निकलने की जरूरत है।

हे ईश्वर, हमलावर भुप्पी और अनुराग को क्षमा करना, वे नहीं जानते कि वे क्या कर रहे हैं..

Shrikant Asthana : प्रेस क्लब आफ इंडिया परिसर में यशवंत पर हमला हुए कई दिन बीत चुके हैं। अपराधियों की पहचान भी सबके सामने है। फिर भी न पुलिस कार्रवाई का कुछ पता है, न ही इनके संस्थानों की ओर से। क्या हम बड़ी दुर्घटनाओं पर ही चेतेंगे? कौन लोग इन अपराधियों को बचा रहे हैं? वैसे भी, कथित मेनस्ट्रीम मीडिया के बहुत सारे कर्ता-धर्ता तो चाहते ही हैं कि वे यशवंत की चटनी बना कर चाट जाएं। इस श्रेणी से ऊपर के मित्रों-शुभचिंतकों से जरूर आग्रह किया जा सकता है कि वे उचित कार्रवाई के लिए दबाव बनाएं। अपनी फक्कड़ी में यशवंत किसी को अनावश्यक भाव देता नहीं। लगभग ‘कबीर’ हो जाना उसे यह भी नहीं समझने देता कि यह 15वीं-16वीं शती का भारत नहीं है। First hand account of attack on Yashwant Singh : https://www.youtube.com/watch?v=MgGks6Tv2W4 I’m very thankful to friends who have shown deep concern about the incident and are likely to help create due pressure.

पत्रकारिता में ‘सुपारी किलर’ और ‘शार्प शूटर’ घुस आए हैं, इनकी रोकथाम न हुई तो सबके चश्मे टूटेंगे!

Rajiv Nayan Bahuguna : दिल्ली प्रेस क्लब ऑफ इंडिया परिसर में एक उद्दाम पत्रकार यशवंत सिंह को दो “पत्रकारों” द्वारा पीटा जाना कर्नाटक में पत्रकार मेध से कम चिंताजनक और भयावह नहीं है। दरअसल जब से पत्रकारिता में लिखने, पढ़ने और गुनने की अनिवार्यता समाप्त हुई है, तबसे तरह तरह के सुपारी किलर और शार्प शूटर इस पेशे में घुस आए हैं। वह न सिर्फ अपने कम्प्यूटर, मोबाइल और कैमरे से अपने शिकार को निशाना बनाते हैं, बल्कि हाथ, लात, चाकू और तमंचे का भी बेहिचक इस्तेमाल करते हैं।

यशवंत की गुरिल्ला छापामार पत्रकारिता और प्रेस क्लब में दो दलाल/भक्तनुमा पत्रकारों का हमला करना…

Anil Jain : गौरी लंकेश की हत्या के विरोध में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित सभा में कुछ वामपंथी नेताओं के आ जाने पर कुछ ‘राष्ट्रवादी’ पत्रकार मित्रों के पेट में काफी दर्द हुआ, जिसका इजहार करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रेस क्लब वामपंथियों और नक्सलियों का अड्डा बनता जा रहा है। लेकिन उसी सभा के दो दिन पहले प्रेस क्लब में न्यूज पोर्टल भडास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह पर हुए हमले को लेकर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों सहित किसी ने कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की। प्रेस क्लब के ‘नक्सलियों का अड्डा’ बन जाने की काल्पनिक चिंता में दुबले हुए पत्रकार मित्रों की संवेदना भी पता नहीं कहां चली गई दक्ष-आरम और ध्वज प्रणाम करने!

खबर छापे जाने की नाराजगी में फिर एक पत्रकार हुआ जानलेवा हमले का शिकार

हमले के शिकार लखनऊ के पत्रकार राजेंद्र.

लखनऊ से जानकारी मिली है कि खबर छापने की कीमत एक वरिष्ठ पत्रकार को चुकाना पड़ा है. आरटीओ आफिस में करप्शन की खबर छापे जाने से नाराज़ आरटीओ कर्मियों ने वरिष्ठ पत्रकार पर लाठी, डंडों और ईंट से जानलेवा हमला कर दिया. पीड़ित पत्रकार हैं राजेन्द्र राज्य मुख्यालय से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं. उन पर आरटीओ कार्यालय परिसर में हुआ हमला. पत्रकार राजेंद्र गंभीर रूप से घायल हैं. थाना सरोजनीनगर इलाके में है आरटीओ कार्यालय.

Probe police attack on journalists in Amaravati

Based on reports reaching here, the Mumbai Press Club demands an impartial inquiry into the arrest of Prashant Kamble, an award winning journalist, and Abhijit Tiwari, a local scribe. The two have alleged that they were beaten and arrested while reporting a suicide of a local girl in Chandur Railway in Amravati district early this week.

इलाहाबाद में वरिष्ठ पत्रकार पर जानलेवा हमला, स्टूडियो संचालक ने की मारपीट

दी पायनियर न्यूज़ पेपर इलाहाबाद के ब्यूरो चीफ और शहर के वरिष्ठतम पत्रकार अभिलाष नारायण को उनके तथाकथित मकान मालिक (स्टूडियो संचालक) राजीव वाष्णेय और उसकी पत्नी गीता ने मंगलवार रात बुरी तरह मारा पीटा। श्री अभिलाष नारायण के साथ ही उनकी पत्नी को मारा और उनसे बदतमीजी भी की। यही नहीं, कथित मालिक स्टूडियो संचालक ने श्री नारायण के कमरे में घुस कर मारा और दोनों को भद्दी भद्दी गालियां दी। उनसे अभद्र व्यवहार भी किया। उनके चेहरे पर कई बार किये। पत्थर से भी मारने का प्रयास किया।

भाजपा नेता को पत्रकारिता पसंद न आई तो पत्रकार पर कर दिया तलवार से हमला

ये भाजपा वाले जन्मजात मीडिया विरोधी होते हैं.. या तो पटा लेते हैं या फिर हमला कर देते हैं.. इन्हें डेमोक्रेसी कतई पसंद नहीं… मध्य प्रदेश में एक भाजपा नेता को पत्रकारिता पसंद न आई तो पत्रकार पर कर दिया तलवार से हमला.. मध्य प्रदेश में जगह जगह पत्रकार भाजपा नेताओं के हाथों पीटे जाते हैं… कइयों की जान तक ले ली गई..

घटना मध्य प्रदेश की. खबर छापे जाने से नाराज था बीजेपी का नेता.. पत्रकार को तलवार मारी… जबलपुर में भाजपा नेता और पार्षद पति ने पत्रकार आशीष विश्वकर्मा को घर बुलाकर तलवार से जानलेवा हमला किया. पत्रकार को गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है. बताया जा रहा है कि एक खबर छापे जाने से नाराज होकर भाजपा नेता ने जानलेवा हमला किया. स्थानीय हिंदी दैनिक के पत्रकार आशीष विश्वकर्मा पर शुक्रवार रात को भाजपा गढ़ा जोन अध्यक्ष और पार्षद रीना राजपूत के पति हृदयेश और उसके भाई नीरज ने घर बुलाकर जानलेवा हमला कर दिया.

आतंकवादी गरीब नहीं होते!

सुनील संवेदी

बांग्लादेश की राजधानी ढाका के सबसे सुरक्षित इलाके में आतंकी हमले के बाद दुनिया को आतंकवाद से बचाने और दोषी कौन पर बहस फिर शुरू हो गई। अब भारत की बारी पर भी चर्चायें हो रही हैं। इन सबमें शायद एक चीज पहली बार हुई है कि प्रिंट मीडिया से लेकर इलेक्ट्रानिक मीडिया, समाजशास्त्रियों से लेकर राजनीतिज्ञों ने इन आतंवादियों के ठाट-बाट पर कई दिनों तक अच्छी खासी चर्चा की। ढाका हमले में लिप्त आतंकवादी काफी धनिक परिवारों से थे। मतलब उन्होंने पैसे के लिए मानवता की हत्या कर खुद को मौत के मुंह में नहीं धकेला। इससे एक बात और साबित हुई कि गरीबी और अशिक्षा के चलते लोग आतंकवाद के रास्ते पर चल रहे हैं, ये सिद्धांत झूठा था। सिर्फ मुद्दे की दिशा बदलने के लिए इस सिद्धांत को गढ़ा गया था।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पत्रकार को शराब ठेकेदार और आबकारी विभाग के लोगों ने पीटा

बिलासपुर में शराब ठेकेदार के पंडों का आतंक…. पत्रकार भी सुरक्षित नहीं…… छत्तीसगढ़ प्रदेश में आतंक का पर्याय बन चुके शराब ठेकेदार के पंडों के हौसले इस कदर बुलन्द हैं कि पत्रकार की पिटाई करने में भी उन्हें कानून का रत्ती भर भी खौफ नहीं रह गया है। मिली जानकारी के अनुसार पंडो ने बुधवार सरकंडा बिलासपुर स्थित देशी शराब भट्टी में “पत्रिका” से संबद्ध एक पत्रकार संदीप के साथ अकारण झुमाझपटी और मारपीट की है। इसमें आबकारी उपनिरीक्षक नितिन शुक्ला भी संलिप्त था।

BHU में हॉस्टल मांगने वाले मेडिकल छात्र की सुरक्षाकर्मियों ने टांग तोड़ी (देखें वीडियो)

बीएचयू के PRO राजेश सिंह आधिकारिक बयान दे रहे हैं कि मेडिकल के बच्चों पर लाठीचार्ज हुआ ही नहीं है। लेकिन एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसमें सुरक्षीकर्मी एक छात्र को पीट रहे हैं और बाद में टांग टूटने से छात्र जमीन पर लेटकर बुरी तरह चिल्ला रहा है. इन दिनों B.H.U प्रशासन पूरी तरह छात्र विरोधी रवैया अपनाए हुए है. एक तरफ़ जहां वो मेडिकल छात्रों पे लाठियां भांज रही थी वहीं रात को जब BIRLA और LBS के छात्र आपस मे भिड़े हुए थे तब तक कोई PROCTORIAL नहीं आयी, जब तक बनारस प्रशासन ने मोर्चा नहीं सम्भाल लिया.

मुजफ्फरपुर में ‘JNU Speaks’ कार्यक्रम पर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने किया हमला, देखें वीडियो

बिहार के मुजफ्फरपुर से खबर है कि ‘जेएनयू स्पीक्स’ नामक कार्यक्रम पर भाजपा के छात्र विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया. इसके कार्यक्रम में शामिल कई लोगों को चोटें आई हैं. जेएनयू से जुड़ी रहीं महिलावादी और भाकपा माले नेता कविता कृष्णन ने इस बारे में जानकारी अपने फेसबुक वॉल पर दी है. उन्होंने बोलने के अधिकार पर लोकतांत्रिक तरीके से किए जा रहे कार्यक्रम पर हमला करने की संघी गुंडों की हरकत को बेहद शर्मनाक करार दिया. 

संजय दत्त के कार्यक्रम को कवर करने गए पत्रकारों की पिटाई

मुंबई : शीना वोरा मर्डर केस में हुई दुनिया भर की फजीहत झेल रही मुंबई पुलिस ने संजय दत्त के कार्यकम को कवर करने गए पत्रकारों की पिटाई की है। ताजा मामला सिद्धि विनायक मंदिर कैंपस की है, जहां मुंबई पुलिस ने आधे दर्जन पत्रकारों और कैमरामैनों पर लाठियां चलाई हैं। उन्हें गन्दी गन्दी गलियां दी हैं। यहां तक की अपनी वर्दी के रौब में आकर उन पर जोर-जबरदस्ती कर उनकी रोजी रोटी छीनने की कोशिश की है।

पत्रकार मालिनी सुब्रमण्यम पर जगदलपुर में हुए हमले की डीयूजे ने निंदा की

DUJ CONDEMNS ATTACK ON SCROLL.IN CONTRIBUTOR

The DUJ condemns the attack on the residence of Scroll.in contributor Malini Subramaniam in Jagdalpur, Chhattisgargh in the early hours of Sunday. From reports it is clear that the local police failed to act and nab the culprits. It is shocking that even a FIR on Ms. Subramaniam’s complaint has not been lodged till now.

दिल्ली में आरएसएस मुख्यालय पर छात्रों के प्रदर्शन को कवर कर रहे मीडियाकर्मियों पर पुलिस का हमला

January 31, 2016 : The Delhi Union of Journalists (DUJ) condemns the unprovoked and unjustifiable assault by the police on a photojournalist covering the students’ march to the RSS headquarters in Delhi on January 30. Photojournalist Jiji Pillai working for the Mathrubhumi news channel has suffered injuries.

बिहार के जहानाबाद में आईबीएन7 संवाददाता पर प्राणघातक हमला

जिला युवा राजद अध्यक्ष धर्मपाल यादव पर हमले का आरोप

बिहार में नई सरकार के गठन के बाद यूं तो अपराध में बढ़ोतरी हुई ही, अब पत्रकारों की भी जान सुरक्षित नहीं दिख रही। बुधवार को जहानाबाद नगर थाना क्षेत्र के टेनीबिगहा गांव में आईबीएन-7 के जिला संवाददाता मुकेश कुमार पर जानलेवा हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल मुकेश ने हमले का आरोप अपने गांव टेनीबिगहा के ही रहने जिला युवा राजद के अध्यक्ष धर्मपाल यादव और उसके एक करीबी अनिल यादव पर लगाते हुए नगर थाना में भादवि की धारा 307, 341 व 323 के तहत प्राथमिकी (32/16) दर्ज करायी है।

बलिया के तहसील बेल्थरा रोड के एसडीएम प्रवरशील बरनवाल पर वकीलों ने किया हमला (देखें वीडियो)

बलिया के तहसील बेल्थरा रोड के एसडीएम प्रवरशील बरनवाल पर वकीलों ने हमला कर दिया. बेल्थरा रोड तहसील के वकीलों का एसडीएम पर आरोप है कि एसडीएम साहब बिना पैसा लिए कोई काम नहीं करते. वकीलों का आरोप यह भी था कि हर केस पर एसडीएम साहब पैसा लेने के लिए एजेंट रखे हुए हैं. इस सबको लेकर आज वकील काफ़ी गुस्से में थे.

यूपी के देवरिया में एसओ ने पत्रकार के सिर पर रिवाल्वर की बट से मारा

खाकी की गुंडई का शिकार बना पत्रकार

उत्तर प्रदेश पुलिस की खुलेआम गुंडई एक बार फिर सामने आयी है. देवरिया जिले के खुखुन्दु थाने के एसओ अंशुमान यदुवन्शी ने एक पत्रकार पर कातिलाना हमला करते हुए उसे फर्जी मुकदमें में फसांने की धमकी दे डाली. इतना ही नहीं शिकायत करने गये लोगों पर जमकर लाठिया भी बरसाई. खुखुन्दु थाना क्षेत्र के पडरी गांव मे वारावफात का जुलूस निकलना था जो पत्रकार अरविन्द पाण्डेय के घर के सामने से होकर जाना था.

सहारा मीडिया की महिला पत्रकार रमणिका को अज्ञात युवक ने चाकू मारा

ये तस्वीर पत्रकार रमणिका राठी की है जिन्हें चाकू मारकर घायल कर दिया गया. वारदात नोएडा के सेक्टर-24 में हुई. रमणिका सहारा मीडिया के समय न्यूज नेटवर्क में कार्यरत हैं. महिला पत्रकार को एक युवक ने चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया. महिला पत्रकार दफ्तर से घर जाने के लिए निकली थीं. शुक्रवार शाम सेक्टर-24 कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर-12 में चाकू से हमले की वारदात हुई. उन्हें गंभीर हालत में सेक्टर-35 स्थित सुरभि अस्पताल में भर्ती कराया गया.

यूपी पुलिस रातों रात इतनी बहादुर हो गई कि उसको पत्रकारों को दौड़ा दौड़ा कर पीटना भी आ गया! …आखिर क्यों!!

उत्तर प्रदेश पुलिस ने आगरा में कई पत्रकारों को जमकर लाठियों से पीटा और उनको घायल कर दिया। बताया जाता है कि उनके कैमरे तक तोड़ दिय गये। पत्रकार असली थे या नक़ली..? दलाल थे या ईमानदार..? कवरेज कर रहे थे या ब्लैकमेल…? हो सकता है कुछ लोगों के मन में इस दखद समय में इसी तरह के विचार आ रहे हों! हो सकता है कि कुछ प्रेस क्लबों में शराब के नशे मे धुत कुछ कथित क़लम के सिपाही सरकार को गिराने से लेकर एक एक को देख लेने का प्लान भी बना भी चुके हों!

यशवंत पर हमले की कहानी, उन्हीं की जुबानी ( देखें सुनें संबंधित आडियो, वीडियो और तस्वीरें )

बिना वाइपर की बस… यह तस्वीर तबकी है जब बारिश थोड़ी कम हो गई थी.

दिल्ली को अलविदा कहने के बाद आजकल भ्रमण पर ज्यादा रहता हूं. इसी कड़ी में बनारस गया. वहां से रोडवेज बस के जरिए गाजीपुर जा रहा था. मेरे चाचाजी को हार्ट अटैक हुआ था, जिसके बाद उनकी ओपन हार्ट सर्जरी होनी है. उन्हीं को देखने के लिए गाजीपुर जा रहा था. शिवगंगा ट्रेन से बनारस उतरा और रोडवेज की बस पकड़ कर गाजीपुर जाने लगा. मौसम भीगा भीगा था. बारिश लगातार हो रही थी. बस चलने लगी. बिना वाइपर की बस धीमी गति से रेंगते हुए बढ़ रही थी. ड्राइवर कुछ ज्यादा ही सजग था क्योंकि लगातार बारिश से बस का शीशा पानीमय हुआ जा रहा था और उसे शीशे के पार सड़क पर देखने के लिए कुछ ज्यादा ही मशक्कत करनी पड़ रही थी.

अमर उजाला के आगरा आफिस पर नारायण साईं समर्थकों का हमला, पत्रकार का गला दबाया

आगरा। दुष्कर्म मामले में जेल में बंद आसाराम के बेटे नारायण साईं के करीब दो दर्जन समर्थकों ने मंगलवार शाम अमर उजाला कार्यालय पर हमला किया। तोड़फोड़ और मारपीट कर रहे इन लोगों के खिलाफ जब कर्मचारी एकजुट हुए तो अन्य भाग निकले लेकिन दो पकड़े गए। इन्हें सिकंदरा थाने की पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। नारायण साईं समर्थक अमर उजाला में गत 20 सितंबर को छपी खबर पर प्रतिक्रिया जताने आए थे। बड़ी संख्या में लोगों को देख जब गार्ड ने रोका तो उनसे हाथापाई करते हुए सभी स्वागत कक्ष तक आ गए। मुख्य उप संपादक चंद्र मोहन शर्मा ने फिर भी पूरे संयम से उनकी बात सुनी।

झांसी महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने पत्रकार को बंधक बना पीटा

उत्तर प्रदेश के झांसी में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में समाचार संकलन करने और अपने पत्रकार साथी का उपचार कराने पहुंचे पत्रकारों के साथ जूनियर डॉक्टरों ने अभद्रता करनी शुरू कर दी. जब उन्होंने इसका विरोध किया तो वे पत्रकारों को पकड़ने लगे. इसी दौरान एक पत्रकार अपनी जान बचाकर मेडिकल कॉलेज से भागकर बाहर आया जबकि दूसरे पत्रकार को डॉक्टरों ने पकड़ लिया और कमरे में बन्धक बनाकर बेरहमी से पिटाई की, यह देख भागे पत्रकार ने इसकी सूचना सम्बधित थाने की पुलिस व मेडिकल प्रशासनिक अधिकारियों को दी, जिस पर उन्होनें किसी प्रकार बन्धक बने पत्रकार को बचाया.

शिल्‍पा शेट्टी ने रिपोर्टर को मारने के लिए माइक उठाया… देखें तस्वीरें

बॉलीवुड एक्‍ट्रेस और राजस्‍थान रॉयल्‍स की मालकिन शिल्‍पा शेट्टी को एक प्रोडक्‍ट लॉन्‍च के दौरान एक रिपोर्टर पर इतना गुस्‍सा आ गया कि उन्‍होनें उसे मारने के लिए माइक उठा लिया। दरअसल आईपीएल से राजस्‍थान रॉयल्‍स टीम के सस्‍पेंशन के बाद से कोई भी उनसे आईपीएल के बारे में पूछ लेता है तो उनका पारा हाई हो जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ इस प्रेस मीट के दौरान। वास्‍तव में शिल्‍पा ने गुस्‍से में रिपोर्टर को माइक मारने के लिए तो उठाया लेकिन फिर इस घटना को हंसी-हंसी में किया गया काम दिखाते हुए टाल दिया।

लखनऊ के नाराज पत्रकार आज काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे

: मीडिया कार्यालय पर हमले के विरोध में हुई बैठक में लिया गया फैसला : सभी हमलावरों की शीघ्र गिरफ्तारी व उनपर रासुका लगाने की मांग : विधानभवन में बैठक कर पत्रकारों ने जताई नाराजगी :

लखनऊ : हिंदुस्तान व हिंदुस्तान टाइम्स अखबार के दफ्तर में घुसकर तोड़फोड़ और वहां कार्यरत मीडिय़ा कर्मियों पर कातिलाना हमले के खिलाफ एकजुट हुए पत्रकारों ने आज दिनांक 20 अगस्त को काली पट्टी बांधकर कार्य करने का एलान किया है। विधानभवन स्थित प्रेस रूम में कल हुई पत्रकारों की बैठक में इस जघन्य हमले की कड़ी निंदा करते हुए, सरकार से यह मांग की गई वह सभी आरोपियों को अविलंभ गिरफ्तार कर उनपर रासुका के तहत कार्रवाई करे। बैठक में यह तय किया गया कि घटना के विरोध में कल विधानसभा व विधानपरिषद की कवरेज के दौरान पत्रकार अपने हाथों पर काली पट्टी बांधेंगे।

हिंदुस्तान अखबार के दफ्तर पर हमला करने वाले चार गिरफ्तार, पार्षद फरार

लखनऊ : दैनिक हिंदुस्तान के कार्यालय पर धावा बोलने वाले पार्षद और उसके गुंडे हमालवारों में से पुलिस ने चार को गिरफ्तार कर लिया है। हमले का मुख्य आरोपी पार्षद भी अभी तक गिरफ्त में नहीं आया है। मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार एमए खान ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा है कि जिन लोगों ने अखबार के दफ्तर पर हमला किया है उनके खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की जाएगी।

हिन्दुस्तान के पत्रकारों पर हमला करने वालो पर गैंगेस्टर एक्ट लगाया जाय : हेमंत तिवारी

लखनऊ : हिंदुस्तान अखबार के कार्यालय पर अराजक तत्वों द्वारा हमले की उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति ने कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है. समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने घटना की जानकारी होते ही डीजीपी से बात की और कड़ी कार्यवाई की मांग की.    

जागरण कार्यालय में घुसकर मंत्री के लठैतों ने की तोड़फोड़, चपरासी को पीटा, जान लेने की धमकी

शामली (मुजफ्फरनगर) के कैराना कस्बे में दैनिक जागरण कार्यालय में घुसकर समाजवादी पार्टी के दर्जा प्राप्त मंत्री के गुंडों ने तोड़फोड़ की। हमले वजह मंत्री के खिलाफ खबर छापना बताया जा रहा है। 

लखनऊ में दैनिक हिंदुस्तान के दफ्तर पर भीड़ के साथ सभासद का हमला, कई घायल, फोर्स तैनात

लखनऊ : दबंग सत्ताधारियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब पत्रकार ही नहीं, प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान भी उनके निशाने पर आ गए हैं। लखनऊ में गोमतीनगर स्थित दैनिक हिन्दुस्तान के कार्यालय पर सभासद के भाई ने अपने समर्थकों के साथ हमला कर दिया। हमले में एचआर हेड आशीष मित्तल का सिर फट गया। कई अन्य कर्मियों को भी चोटें आई हैं। 

बदायूं में पत्रकार पर हमला, कैमरा और मोबाइल तोड़ डाला

बदायूं में कबरेज के दौरान पत्रकार सुनील मिश्रा पर उपद्रवियों ने जानलेवा हमला कर दिया, कैमरा  और मोबाइल तोड़ डाला। सुनील मिश्रा दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान, साधना न्यूज, न्यूज नेशन सहित कई संस्थानों में काम कर चुके है।

पुणे में पत्रकारों पर हिंसक भीड़ का हमला, चार घायल

पुणे (महाराष्ट्र) : कामशेत में एक मनसे कार्यकर्ता के मर्डर की रिपोर्टिंग करने गये प्रिन्ट तथा इलेक्टॉनिक मिडिया के रिपोर्टर्स की जमकर पिटाई की गई. हमले में चार पत्रकार घायल हो गये। पत्रकार संगठनों ने घटना पर रोष जताते हुए दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है। 

रीवा में खबरों से गुस्साए भाजपा नेता ‘बंसल न्यूज’ के रिपोर्टर पर किया हमला

मध्यप्रदेश के रीवा जिले में बंसल न्यूज के रिपोर्टर अरविंद शर्मा को खबरें न चलाने की हिदायत देते हुए एक भाजपा नेता ने धमकाया और फिर हमला कर दिया. रिपोर्टर अरविंद शर्मा से अनुसार वे स्थानीय शिल्पी प्लाजा के पास खडे थे तभी बीजेपी के जिला पूर्व उपाध्यक्ष राजगोपालचारी मिश्र अपने साथी गुड्डू उपाध्याय और एक अन्य के साथ आकर गाली—गलौज करने लगे. बोले कि सोशल मीडिया में उनके खिलाफ खबर लिखना बंद करो नहीं तो मार डालूंगा. अरविंद के अनुसार जब राजगोपालाचारी धमका रहे थे तब उन्होंने शराब पी हुई थी.

यूपी में एक और पत्रकार पुलिस की साजिश का शिकार, पीजीआई में भर्ती

सहारनपुर (उ.प्र.) : एसओ के खिलाफ खबर लिखना पत्रकार को इतना मंहगा पड़ गया कि उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। दुष्कर्म का मुकदमा कायम होने के बावजूद थानाध्यक्ष ने आरोपी को छोड़ दिया था। पीड़ित पत्रकार की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, उल्टे धमकाया कि नतीजा भुगतने के लिए तैयार रहना। पुलिस के इशारे पर कस्बे के एक नेता ने पत्रकार पर अटैक कर दिया। उनके दो दांत टूट गए, जबड़े में फ्रैक्चर हो गया, आंख घायल हो गई, खून की दो उल्टियां हुईं। वह पीजीआई में भर्ती हैं।  

पत्रकारों पर हमले रोकने के लिए क़ानूनी प्रावधान जरूरी : प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया

नई दिल्ली : पत्रकारों पर लगातार बढ़ रहे हमलों पर अब प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने गंभीर रुख अपनाया है। पीसीआई की तरफ से गठित एक सब-कमेटी ने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर कानून बनाने की सिफारिश की है। किसी भी पत्रकार पर हमले को एक संज्ञेय अपराध मानने और कठोर दंड प्रावधान को जरूरी माना गया है। कमेटी के सिफारिशों को पीसीआई ने मंजूर कर लिया है। यह सब कमेटी 2011 में स्थापित की गई थी, जिसने 11 राज्यों मे जाकर शीर्ष सरकारी अधिकारियों और पत्रकार संघों से चर्चा की। इसकी रिपोर्ट के मुताबिक, 1990 से 2015 के बीच भारत मे 80 पत्रकारों की हत्या हुई। सब कमेटी ने कहा है कि पीसीआई को सभी राज्यों को उच्च शक्ति वाली समितियां बनाने का निर्देश देना चाहिए। जिनमें पत्रकारों की संस्थाओं का प्रतिनिधित्व हो और वे पत्रकारों पर हमलों के इन सभी मामलों पर हो रही जांच पर निगरानी रखें।

बंगाल में बड़े ग्रुप के पत्रकार पर जानलेवा हमला, बाकी मीडिया में खबर नहीं

बंगाल में एक बड़े मीडिया ग्रुप के पत्रकार पर जानलेवा हमला. बाकी मीडिया में खबर नहीं. यह सिलसिला जारी रहा तो छोटे अखबारों के पनवाड़ी पत्रकारों के बाद अब बड़े अखबारों के पत्रकारों पर भी हमले होंगे और हम खामोश तमाशबीन बने रहेंगे. देशभर में पत्रकारों की सामत आयी हुई है. पत्रकार बिरादरी को अपने स्वजनों की परवाह कितनी है, उसका खुलासा करने की भी जरुरत नहीं है. पत्रकारों पर हमले का विरोध राजनीतिक मोर्चे से हो रहा है और पत्रकार खामोश है.

सहारा में हड़ताल जारी, वाराणसी के संपादक पिटते-पिटते बचे, लखनऊ में धमकियां

नोएडा राष्ट्रीय सहारा में तीसरे दिन रविवार को भी मीडिया कर्मियों एवं अन्य विभागों के कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। इसके साथ ही लखनऊ, देहरादून, वाराणसी, पटना आदि यूनिटों से भी रविवार रात को कार्यबहिष्कार जारी रहा। वाराणसी से सूचना है कि वहां के संपादक स्नेह रंजन को कर्मचारियों ने दौड़ा लिया। वह पिटते-पिटते बचे। लखनऊ में संपादक मनोज तोमर ने कुटिल चाल चलते हुए कुछ मीडिया कर्मियों को बारी बारी से अपने चेंबर में बुलाकर धमकाया और फुसलाया मगर संपादकीय विभाग के कर्मी काम करने पर सहमत नहीं हुए। तोमर ने धमकाने के अंदाज में उनकी कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर ओपी श्रीवास्तव से फोन पर बात कराई लेकिन बात बनी नहीं।  

लखनऊ के पत्रकार अनूप गुप्ता पर कोर्ट के भीतर पुलिस कस्टडी के दौरान हमला

Rakesh Srivastava : वरिष्ठ पत्रकार और ‘दृष्टांत’ मासिक पत्रिका के सम्पादक अनूप गुप्ता के खिलाफ तथाकथित भ्रष्ट नौकरशाहों का एक गिरोह लामबंद हो चुका है। इन कथित भ्रष्ट अधिकारियों के काकस ने प्रथम तो अनूप गुप्ता के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया। उसके बाद न्याय के मंदिर न्यायपालिका में भी सेंध लगाकर आनन-फानन में वारंट भी जारी करवा दिया। इसके बाद श्री गुप्ता पर कोर्ट के भीतर कुछ अराजक तत्वों ने पुलिस कस्टडी में हमला किया।

रोते क्यों हो दुनिया के पहरेदारों

भारत में कुछ स्वयंभू हितैषी और संगठनों को छोड़ दें, तो ना तो पत्रकारों का कोई अधिकृत संगठन है और ना ही उनके हितों की रक्षा करने वाली कोई संस्था। लेकिन पत्रकारों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाने वाली अमेरिकी संस्था कमिटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट ने पिछले दिनों एक सूची जारी की थी। इसमें उन देशों को शामिल किया गया है जहां हाल फिलहाल में या तो पत्रकारों पर हमले बढ़ गए हैं या नियमित होते रहते हैं। सूची में शामिल पहले 15 देशों में भारत भी मौजूद है। भारत 11वें स्थान पर है। जबकि पहले भारत 14वें स्थान पर था। इससे साफ जाहिर हो जाता है कि भारत में पत्रकारों पर हमले बढ़े हैं। ये बेहद अफसोसनाक स्थिति है। जो मीडिया, देश-दुनिया का ठेका लिए बैठा है, खुद वो असुरक्षित होते जा रहा है। मीडिया में काम करने वालों में हमेशा असुरक्षा की भावना बनी रह रही है।

मथुरा में पत्रकार को लोहे की रॉड से पीट पीटकर अधमरा किया

मथुरा की आनंद पुरी कॉलोनी (कृष्णा नगर) में सड़क के किनारे गंदगी फेंकने का विरोध करने पर शनिवार शाम कुछ लोगों ने पत्रकार अरुण चतुर्वेदी पर हमला कर दिया। वह गंभीर रूप से घायल हो गए। 

अब असम में पत्रकार पर हुआ हमला, आतंकियों ने मारी गोली

गुवाहाटी : असम के उदालगुड़ी जिले में एक दैनिक समाचार पत्र के लिए काम कर रहे पत्रकार को गुरुवार को आतंकवादियों के एक समूह ने गोली मार दी। पुलिस ने शुक्रवार को मामले की जानकारी दी। 35 वर्षीय प्रशांत कुमार को कुछ हथियारबंद लोगों ने जिले के खैराबाड़ी इलाके से गुरुवार की शाम अपहृत कर लिया और उन्हें गोली मार दी। पुलिस ने कहा कि आतंकवादियों की पहचान नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट के शांति वार्ता विरोधी धड़े के सदस्यों के रूप में हुई है। पीड़ित पत्रकार ‘असमिया प्रतिदिन’ नाम के समाचार पत्र के साथ काम करता है।

अब पीलीभीत में चैनल के रिपोर्टर पर अटैक, बहाने से बुलाकर पीटा

पीलीभीत में एक चैनल में कार्यरत पत्रकार को धोखे से बुलाकर छह लोगों ने जमकर मारापीटा। घायल को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पत्रकार ने घायल अवस्था में पहुंच कर कोतवाली में सूचना दी। सूचना के आधार पर थाना पुलिस ने घटना की एनसीआर दर्ज कर ली है। 

यूपी में जंगलराज : शाहजहांपुर के बाद कानपुर में पत्रकार पर जानलेवा हमला

शाहजहांपुर में पत्रकार की जलाकर की गई हत्या की आग अभी शांत भी नहीं हुई थी कि कानपुर के नौबस्ता इलाके में एक प्रिंट मीडिया के पत्रकार दीपक मिश्रा को गोली मार दी गई. घटना में दीपक को दो गोली लगी. उन्हें गंभीर हालत में हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. दीपक दैनिक मेरा सच अखबार में काम करते थे. आपरेशन के बाद उनकी हालत स्थिर बनी हुई है. दीपक ने क्षेत्र के कुछ जुएबाज दबंगों की पुलिस से शिकायत की थी और उनके अड्डे की पहचान बताई थी. एसएसपी शलभ माथुर ने देर रात अस्पताल पहुंचकर घायल का हाल जाना और दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया. एसएचओ नौबस्ता ने घटनास्थल का जायजा ले उच्च अधिकारियों को अवगत कराया.

आसाराम कांड के गवाह पर हमले की दस दिन पहले से जानकारी थी !

आसाराम मामले के पानीपत निवासी गवाह महेंद्र चावला पर हुए हमले की कुछ लोगों को दस दिन पहले से ही जानकारी थी और उन्हें हमला करने वालों के नाम भी मालूम थे. यह बात इंदौर निवासी आसाराम के पूर्व सहयोगी और अब उनके खिलाफ प्रमुख गवाह सतीश वाधवानी की एक व्यक्ति से फोन पर बात की रिकॉर्डिंग से सामने आई है.

Scribe assaulted, media body demands protection law

A scribe of a local television channel was allegedly assaulted in Ganeshguri area of Assam on Tuesday night. According to the FIR lodged by the scribe at Dispur police station, he was attacked by some unruly youths when he was on official duty along with his colleague. The police detained one person who allegedly assaulted the journalist and tried to break the camera of the news channel.

अमेठी में एक और पत्रकार पर हुआ जानलेवा हमला

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के उत्तर पश्चिमी छोर पर बसे शुकुलबाजार के तेजतर्रार और संघर्षशील पत्रकार साथी सुरजीत यादव पर दबंग ग्राम प्रधान भगौती प्रसाद दूबे और परिजनों ने गांव में ही प्राणघातक हमला बोल दिया। दबंगों ने पत्रकार परिवार को गांव में घेरकर जमकर पीटा। बताया जा रहा है कि पत्रकार सुरजीत अपनी ग्राम पंचायत में हो रही मनमानी और लूट खसोट की पोल खोलते रहते थे। सुरजीत गांव प्रधान की आंख में चुभने लगे।

दरोगा के सीने में गोली मारी, सिपाही पर भी हमला

आगरा : बदमाशों ने दारोगा सुधीर कुमार को गोली मारकर घायल कर दिया और सिपाही पर पत्थरों लाठियों से हमला कर घायल कर दिया। घायल दारोगा और सिपाही थाना निबहोरा में तैनात हैं और मुकद्दमों में वांछित अपराधी विनोद पर गैर जमानती वारंट तामील करने आज रात उसके गांव शाहवीर गए थे। 

मोहाली की अदालत परिसर में फोटो जर्नलिस्ट पर हमला

मोहाली (पंजाब) : मोहाली कोर्ट परिसर में तेजाब कांड के दो आरोपियों ने फोटो जर्नलिस्ट पर हमला कर दिया। हिंदी अखबार के इस फोटो जर्नलिस्ट पर हुए हमले के बाद मामले की शिकायत थाना मटौर में की गई है। कोर्ट परिसर में ये हमला आरोपियों ने पुलिस से हाथ छुड़वा कर किया।

चावला कांड में फोकस आसाराम एंगल पर : एसपी पानीपत

आसाराम मामले के पानीपत निवासी गवाह महेंद्र चावला ने अपने ऊपर हुए हमले के बाद आज मुज़फ्फरनगर के गवाह अखिल गुप्ता की हत्या मामले में न्याय दिलाने में मदद कर रहे आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर से फोन पर संपर्क किया.

ऐसे आरोपों के दौर में मीडिया की न बचाव-मुद्रा अच्छी, न हमलवार : ओम थानवी

नेताओं की गाली पड़ते ही मीडिया गोलबंद अर्थात एक हो जाता है। मनमोहन सिंह ने मीडिया पर कपट का आरोप लगाया था, मोदी ने बाजारू कहा, केजरीवाल ने सुपारीदार, वीके सिंह और अन्य अनेक नेता भी भद्दी उपमाएं इस्तेमाल कर चुके हैं। भद्दे प्रयोगों का निश्चय ही प्रतिकार होना चाहिए।

गैस एजेन्सी के मालिक ने किया पत्रकार पर हमला, जान-माल की धमकी

देवरिया : एक समाचार के प्रकाशन से नाराज होकर देवरिया गैस एजेन्सी के मालिक बालकृष्ण सिंह उर्फ रामू सिंह ने अपने तथाकथित रिश्तेदार रीतेश मोहन श्रीवास्तव तथा अन्य गुण्डों से पत्रकार ओपी श्रीवास्तव पर कचहरी चैराहे के पास हमला करा दिया। जान माल की धमकी दी गई। पीड़िता पत्रकार ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों से कर दी है।

लखनऊ में साधना न्यूज के लाइव शो पर हमले के बाद की कुछ तस्वीरें

लखनऊ में साधना न्यूज के लाइव शो पर हमले के बाद की कुछ तस्वीरें यहां पेश हैं. मंत्री गायत्री प्रजापति के गुर्गों ने इस लाइव प्रसारण के दौरान हमला किया और पत्रकारों को पीटने के साथ साथ कैमरा ओवी वैन आदि तोड़ डाले. पूरे मामले में सरकार चुप्पी साधे हुए है. यूपी में मीडियावालों पर जगह जगह लगातार हमले हो रहे हैं. ये हमले ज्यादातर सत्ताधारी नेताओं मंत्रियों अफसरों के संरक्षण में हो रहे हैं इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई भी नहीं हो रही है.

लाइव शो पर हमला : साधना न्यूज के इन मीडियाकर्मियों की हुई लखनऊ में पिटाई

भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे गायत्री प्रसाद प्रजापति की लोकायुक्त जांच चल रही है. इसी सिलसिले में दोपहर करीब साढ़े तीन बजे साधना न्यूज चैनल की टीम लाइव कवरेज करने उनके आवास पर गई थी. टीम में दिल्ली से आये पत्रकार अमित सिंह के साथ ही राजधानी के अमरेंद्र, अकील सिद्दीकी, कैमरामैन रोहित श्रीवास्तव और तकनीशियन धनंजय शामिल थे. मंत्री के गेट के सामने कैमरा लगाकर टीम लाइव कवरेज कर रही थी तभी मंत्री का करीबी विकास वर्मा बाहर आ गया. नजारा देखकर वह भीतर चला गया. कुछ देर बाद वह फिर बाहर आया और कैमरे हटाने को कहा.

लखनऊ में करप्शन पर लाइव दिखा रहे साधना न्यूज चैनल के पत्रकारों और ओवी वैन पर करप्ट मंत्री के गुर्गों ने किया हमला

उत्तर प्रदेश में जंगल राज तो लंबे समय से कायम है लेकिन अब जंगल राज कायम करने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि राजधानी लखनऊ में पत्रकारों पर हमले किए जा रहे हैं, वह भी तब जब लाइव शो चल रहा हो. यूपी सरकार में भ्रष्टाचार के आरोपी कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के गुर्गों ने गुरुवार को कवरेज के दौरान साधना न्यूज चैनल के पत्रकारों पर जानलेवा हमला कर दिया और कैमरे समेत ओवी वैन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया.

अलीगढ़ में डॉक्टर परिवार पर पत्रकारों का हमला, कई घायल

अलीगढ़ : इंडिया टीवी, एबीपी न्यूज़, न्यूज़ नेशन और टाइम्स नाऊ के लिए अकेले काम कर रहे पत्रकार प्रदीप सारस्वत और उनके पांच कथित पत्रकार साथियों ने दबंगई में प्रतिष्ठित डॉक्टर और उनके परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। एसएसपी के आदेश पर थाना सिविल लाइन में दोषी मीडियाकर्मियों के खिलाफ मुक़द्दमा दर्ज हो गया है। बताया गया है कि सारा विवाद दरवाजे पर गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुआ। मारपीट में दूसरे पक्ष के अरुण, प्रदीप, श्रवण भी चुटैल हुए हैं। दूसरे पक्ष ने भी पुलिस को तहरीर दी है। 

बस्ती में भाजपा सांसद का न्यूज चैनलों पर अटैक

बस्ती (उ.प्र.) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नौ महीने के कार्यकाल का दबाव उनके सांसदों पर दिखने लगा है। अब जनता हिसाब चाहती है। हिसाब देने के चक्कर में इस जिले के सांसद इन दिनों गड़बड़ा गए हैं। सांसद हरीश द्विवेदी भरे मंच से घोषणा करते हुए जनता से अपील करते हैं कि जो चैनल मेरे खिलाफ खबर दिखाए, उसे देखना छोड़ दीजिए। इस पर केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा कहते हैं कि मीडिया नहीं रहेगा तो देश से लोकतंत्र समाप्त हो जाएगा। 

कोतवाल की थाने में पिटाई, जांच के नाम पर लीपापोती, अब आईपीएस अमिताभ ठाकुर का भरोसा

देवरिया : पुलिस विभाग का एक अधिकारी अपने मातहतों द्वारा कोतवाली थाने में ही बुरी तरीके से पिटा जाता है, लेकिन उच्चाधिकारी जांच के नाम पर मामले को मैनेज कराने में जुटे हुए हैं। इस घटना को हुए एक सप्ताह से अधिक का समय हो रहा है। आला अफसर अब तक पिटाई करने वाले दोषियों को चिन्हित ही नहीं कर पाये हैं। कार्यवाही करने की बात तो काफी दूर की है। लोगों का कहना है कि इससे तो यही प्रतीत होता है कि पुलिस के आला अधिकारी कोतवाल को पिटवाना चाहते थे?

रेप पीड़िता के समर्थकों पर एम्स कर्मियों और छात्रों का लाठियों और ब्लेड से हमला, महिलाओं के कपड़े फाड़े, एसपी ने भी गालियां दीं

दिल्ली : आईसीएमआर की बलात्कार पीड़ित छात्रा अपने समर्थकों के साथ गत दिवस जब एम्स के डायरेक्टर डॉ.ऍम.सी मिश्र से मिलने पहुंचीं तो ऑफिस के कर्मचारियों ने उनसे पहले बदतमीज़ी की। मना करने पर हमलावर हो गए। कर्मचारियों और एम्स के चार-पांच छात्रों ने उनसे गाली-गलौज के बाद साने वाली बिल्डिंग से दो-ढाई सौ छात्रों को और लेकर उन पर हमला कर दिया। महिला प्रदर्शनकारियों को भी नहीं बख्शा। सबकी मार पिटाई की। दो महिला प्रदर्शनकारियों के कपड़े फाड़ दिए। कुछ के हाथ में सर्जरिकल ब्लेड मार दिए तो कुछ को लाठियों से पीटा।

राष्ट्रीय सहारा गोरखपुर के न्यूज एडिटर हरीश पाठक को हार्ट अटैक

राष्ट्रीय सहारा पटना के पूर्व संपादक एवं वर्तमान में गोरखपुर सहारा के समाचार संपादक हरीश पाठक को हार्ट अटैक के बाद इलाज के लिए मुंबई ले जाया जा रहा है। लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर वह इस समय रविवार सुबह कई घंटे से मुंबई रवाना होने के लिए फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं। 

आगरा में फोटो जर्नलिस्ट पर पुलिस अटैक, गाली-गलौज कर न्यूज कवरेज से रोका

आगरा में न्यूज कवरेज के दौरान फोटो जर्नलिस्ट अरुण गुप्ता पर अटैक करता पुलिस कर्मी आगरा : आगरा सदर थाने के चौकी इन्फेंट्री लाइन के चिता मोबाइल के पुलिस कर्मियों ने जान जागरण के पत्रकार अरुण गुप्ता के साथ अभद्रता और मारपीट की। उन्हें न्यूज़ कवर करने से रोका। इसकी वजह पूछने पर सुमित राठी …

उत्तराखंड में दो पत्रकारों पर जानलेवा हमला, दिल्ली में प्रदर्शन

उत्तराखंड के रामनगर में दो पत्रकारों पर जानलेवा हमला किया गया है। हमले में स्वतंत्र पत्रकार और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के महासचिव प्रभात ध्यानी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्रभात को हद्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नागरिक पत्रिका के संपादक मुनीष कुमार और स्वतंत्र पत्रकार प्रभात ध्यानी रामनगर कस्बे से 20 किमी दूर ग्रामीणों के बुलावे पर वीरपुर लच्छी गांव गए थे। गांव में बुक्सा जनजाति के लोग रहते हैं।

न्यूज चैनल के रिपोर्टर पर अटैक, हमलावरों ने माइक और कैमरा तोड़ा

बहराइच : कुछ लोगों ने खबर प्रसारित कर दिए जाने से खुन्नस मानते हुए एक न्यूज चैनल के रिपोर्टर जगदंबा सिंह पर हमला कर उनका कैमरा और माइक भी तोड़ दिया। हमले में रिपोर्टर को काफी चोटें आई हैं। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

एचटी की एडिटर सुनीता एरन के पति की हार्ट अटैक से मृत्यु

लखनऊ : इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट उत्तर प्रदेश के चेयरमैन एवं हिंदुस्तान टाइम्स लखनऊ की संपादक सुनीता एरन के पति कंचन एरन की आज हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह 62 वर्ष के थे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एरन परिवार में पहुंच कर परिजनों को ढांढस बंधाने के साथ ही मृतात्मा की शांति की …

दोनो सदनों में गूंजा टीवी चैनल पर हमले का मामला

नयी दिल्ली  : ‘मंगल सूत्र’ की जरूरत पर सवाल उठाती एक बहस के प्रोमो दिखाने के लिए चेन्नई में एक तमिल टीवी चैनल के कार्यालय पर हमले का मामला शुक्रवार को संसद में उठा। लोकसभा में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल ने यह मुद्दा उठाते हुए इस पर चिंता जाहिर की और आरोप लगाया कि इस हमले के पीछे किसी कट्टरपंथी हिंदू संगठन का हाथ है। 

लखनऊ में पत्रकारों को पीटने वाले वकीलों का कुछ नहीं बिगड़ा

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में इन दिनों पत्रकारों की स्थिति काफी दयनीय हो गई है। हफ्ते भर पहले पत्रकारों की खुलेआम पिटाई हो रही है। मगर मीडिया और शासन-प्रशासन की निरंकुशता के चलते अराजकतत्वों पर कार्यवाई नहीं की जा रही है। पत्रकार अक्सर जनहित की रक्षा करने वाले राजनीतिक दलों और सामजिक क्षेत्र में कार्य करने वाले संगठनों के अराजकतावादी तत्वों का शिकार हो रहे है। मगर उनकी पीड़ा को सुनने वाला कोई नहीं है। गौरतलब हो कि लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र के वृन्दावन कालोनी सेक्टर 5 ई 76 अम्मा कालोनी में रहने वाले 35 वर्षीय वकील निखिलेन्द्र कुमार गुप्ता जो पत्रकार परिषद के अध्यक्ष थे।

शराबी पत्रकारों ने ट्रक डाईवर को जमकर पीटा और कोतवाली में हंगामा काटा

घटना जनपद बुलन्दशहर की है जहां कुछ शराबी पत्रकारों ने एक ट्रक डाईवर को शराब के नशे में जमकर मारा। डाईवर का कसूर सिर्फ इतना था कि उसका ट्रक एक बाइक सवार से हल्के से लग गया था बाइक सवार तो बेचारा कुछ नहीं बोला लेकिन शराबी पत्रकारों ने मामले को तूल दे दिया। यह हादसा बुलन्दशहर के कलैक्ट्रेट चौराहे का है जहां एक ट्रक से एक बाइक सवार में एक हल्की सी टक्कर लग गयी, बाइक सवार ने ट्रक डाईवर से हर्जाना देने को कहा ट्रक डाईवर हर्जाना देने को तैयार भी था लेकिन सामने स्थित कल्पना रेस्टोंरेट में शराब पी रहे दो टीवी पत्रकार बाहर आ जाते है और ट्रक डाईवर को बेतहाशा पीटना शुरू कर देते है।

धनबाद पत्रकार पिटाई प्रकरण : पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल सीएम रघुवर से मिला, डीआइजी करेंगे जांच

नववर्ष के दिन धनबाद जिला के तोपचांची स्थित वाटर बोर्ड डैम पर पत्रकारों की पिटाई की घटना की उच्चस्तरीय जांच होगी. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बोकारो प्रक्षेत्र के डीआइजी देव बिहारी शर्मा को पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश दिये हैं. उन्होंने जांच प्रतिवेदन एक सप्ताह के अंदर प्रस्तुत करने को कहा है. रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन के कार्यालय कक्ष में मिलने गये तोपचांची प्रखंड के पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल को उन्होंने आश्वासन दिया कि पत्रकारों की प्रतिष्ठा धूमिल नहीं होने दी जायेगी.

भारत के एक मुस्लिम नेता ने पत्रकारों-कार्टूनिस्टों की हत्या और आतंकी हमले को जायज ठहराया, ईनाम देने की घोषणा की

डेनमार्क के कार्टूनिस्ट और पत्रकारों की निर्मम हत्या का विरोध पूरी दुनिया कर रही है और पूरी दुनिया आतंक के विरोध में एकजुट होने का प्रयास कर रही है लेकिन भारत में बहुजन समाज पार्टी के एक नेता हाजी याकूब कुरैशी ने पेरिस में शार्ली एब्दो मैगजीन के दफ्तर पर हुए हमले का न सिर्फ समर्थन किया बल्कि यहां तक कह दिया कि अगर हमला करने वाले दावा करें तो उन्हें 51 करोड़ रूपये का इनाम दिया जायेगा.

शहीद पत्रकारों और कार्टूनिस्टों को श्रद्धांजलि देने के बाद मैग्जीन शार्ली एब्डो के समर्थन में एकजुटता दिखा रहे ‘एजेंसी फ्रांस प्रेस’ (फ्रांसीसी नेशनल न्यूज एजेंसी) के हांगकांग स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के मीडियाकर्मी.

पैगंबर मोहम्मह और अबु बकर बगदादी का कार्टून छापने वाली मैग्जीन के आफिस पर आतंकी हमला

पेरिस में ‘शार्ली एब्दो’ नामक एक व्यंग्य मैग्जीन के आफिस पर आतंकियों ने हमला कर दिया. कुल ग्यारह लोगों के मरने की खबर है. मरने वालों में दो पुलिसवाले भी शामिल हैं. मैग्जीन के कार्यालय पर एके-47 धारी नकाबपोश लोगों के एक समूह ने हमला किया. ‘शार्ली एब्दो’ नामक व्यंग्यात्मक मैगजीन में साल 2012 में पैगंबर मोहम्मद का कार्टून छपा था. हाल ही में मैग्जीन ने आतंकी संगठन आईएस के चीफ अबु बकर अल-बगदादी का भी कार्टून छापा था.

भिंड में खिसियानी पुलिस ने पत्रकारों पर भड़ास निकाली, कैमरा तोड़ने का प्रयास

भिंड पुलिस का शर्मनाक और बेरहम चेहरा एक बार फिर सामने आया है… गोहद थाना क्षेत्र के विजसेन के पूरा में चोर पकड़ने गई पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया और दो इंसास रायफल लूटने के बाद फरार हो गए… इस घटना के बाद पुलिस पूरी तरह से बौखला गई….  बौखलाहट में पुलिस पूरी तरह दबंगई पर उतर आई…. पुलिस को जब आरोपी नहीं मिले तो पुलिस आरोपियों के छोटे-छोटे बच्चे और उनकी पत्नी व माँ सहित पांच लोगों को उठाकर मालनपुर थाने ले आई….

हमीरपुर के पत्रकारों को गालियां देते हुए पत्थर लेकर दौड़ाया इस अधिकारी ने (देखें वीडियो)

पत्रकार माधड़xxx … जी हां, कुछ ऐसी ही गंदी गंदी गालियां देता है ये अधिकारी. नाम है इनका महेश वर्मा. यूपी के हमीरपुर जिले में तैनात हैं. लघु सिंचाई विभाग में खंड लेखाधिकारी हैं. आफिस के टाइम अलाव तापने और अपने चेंबर से गायब रहने की सूचना पाकर जब कुछ पत्रकार पहुंचे तो इन्होंने अपना आपा खो दिया. पत्थर, ईंट लेकर दौड़ाने मारने लगे, हाथ लात सब चलाने लगे. ये सब कुछ सीन वीडियो में कैद है. वीडियो में देख सकते हैं कि अधिकारी ने साफ साफ पत्रकारों पर आरोप लगाया कि ये लोग आए दिन पैसे मांगते रहते हैं, उगाही करते रहते हैं.

कानपुर के पत्रकार ओम बाबू मिश्रा पर हमला

कानपुर से खबर है कि प्रेस क्लब के कोषाध्यक्ष पत्रकार ओम बाबू मिश्रा पर कुछ अज्ञात अपराधियो ने हमला कर दिया। मामला गोविंदनगर थाना क्षेत्र का है। प्रेस क्लब पदाधिकारी के साथ वारदात की जानकारी मिलते ही शाहर के दर्जनों पत्रकार थाने पहुंचे। पत्रकारों में भारी आक्रोश है। आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने …

भाजपा शासित गोवा में हिंदी में बात करने पर पिटे पत्रकार ने सुबूत के तौर पर घटना की रिकार्डिंग पेश की

यह राष्ट्रीय शर्म की खबर है. जो भाजपा हिंदी भाषा को लेकर जाने क्या क्या दावे करती फिरती है, उसी के राज में हिंदी भाषा में बात करने पर एक पत्रकार पीट दिया गया. जी हां. वाकया पणजी का है. गोवा में यह शर्मनाक वाकया पत्रकार मुकेश कुमार के साथ हुआ. गोवा के एक स्थानीय चैनल में काम करने वाले मुकेश कुमार को राजभाषा हिंदी में बात करना महंगा पड़ गया. हिंदी में बात करने पर गोवा पुलिस ने उनके साथ मारपीट की.

विष्णु नागर पर हमला, सिर में चोट

Pankaj Singh : मेरे मित्र कवि श्री विष्णु नागर पर कल रात के अँधेरे में हमला हुआ। सिर में चोट है। पट़पड़गंज के मैक्स अस्पताल में इलाज चल रहा है। During his walk in late evening my friend, poet Shri Vishnu Nagar was attacked yesterday by some unknown assailant. He suffered head injury and is …

दिल्ली की मर्दानी पुलिस पर सरेआम हमला, मीडिया वालों को भी गालियां दी गई (देखें वीडियो)

Kumar Sauvir : गैंग्स ऑफ़ वासेपुर का एक मशहूर डॉयलाग है:- यह तुम से नहीं हो पायेगा बेटा। दिल्ली के कनाट प्लेस में कुछ ऐसा ही मामला हुआ जहाँ शराब में धुत्त दिल्ली के बड़े रसूखदार रईसजादों ने हंगामा किया। दिल्ली की मर्दानी पुलिस पर सरेआम हमला बोला, भद्दी गालियाँ दीं, जान से मारने और वर्दी उतार लेने की धमकी दीं। एक चैनेल के रिपोर्टर और विडियो कर्मी को भी गालियां दी गई।

एन. राम को पुरस्कार, दिवंगत शिवम को पांच लाख की मदद, रिपोर्टर गौरव अरोड़ा पर हमला

तिरूवनंतपुरम से खबर है कि वरिष्ठ पत्रकार और द हिंदू अखबार के पूर्व एडिटर इन चीफ एन राम को पत्रकारिता क्षेत्र में बेहतरीन योगदान के लिए एन रामचंद्रन फाउंडेशन अवार्ड के लिए चुना गया है. नामी मलयाली पत्रकार एन रामचंद्रन की याद में पुरस्कार की शुरुआत की गयी है. इस साल उनका निधन हो गया था.  फाउंडेशन की विज्ञप्ति में बताया गया है कि पुरस्कार के तहत 50,000 रूपये एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा. यहां पर 25 नवंबर को एक समारोह में राम को देश के पूर्व प्रधान न्यायाधीश एम एन वेंकटचलैया पुरस्कार देंगे.

हिसार लाठीचार्ज में घायल पत्रकार मुआवजे के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे

नई दिल्ली: हिसार के बरवाला में सतलोक आश्रम से रामपाल की गिरफ्तारी से जुड़ी पुलिसिया कार्रवाई में घायल हुए पत्रकार विकास चंद्रा की हालत इतनी खराब हो गई है कि उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इस घटना में घायल अन्य चार पत्रकार ने घटना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। पत्रकारों ने मामले की जांच कराने और मुआवजे देने के लिए यह अपील की है।

हरियाणा का एक भी जिला ऐसा नहीं जहां पत्रकारों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज न हुए हों

Kumar Sanjay Tyagi : हरियाणा में पुलिस बर्बरता की सही मायनों में शुरुआत ओपी चौटाला के शासन काल में हुई थी। जो भी पत्रकार चौटाला की निगाह में तिरछा चला, पुलिस के माध्‍यम से उसकी चाल सीधी करा दी गई। इससे पुलिस के भी समझ में पत्रकारों की औकात आ गई। सरकार और नेताओं के पुलिस के दुरूपयोग के सिलसिले के बाद हर‍ियाणा की पुलिस बेकाबू और बर्बर होती चली गई। हरियाणा का एक भी जिला ऐसा नहीं है जहां पत्रकारों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज न हुए हों।

बेचारे हिसार वाले ‘मीडिया मीठू’… वे अब भी सहला सेंक रहे हैं अपना-अपना अगवाड़ा-पिछवाड़ा…

Yashwant Singh : पहले वो पुलिस के पक्ष में बोलते दिखाते रहे क्योंकि पुलिस ने उन्हें पुचकारा था, अपने घेरे में रखते हुए आगे बढ़ाकर बबवा को बुरा बुरा कहलवाया दिखाया था… जब पुलिस को लगा कि भक्तों-समर्थकों को लतिया धकिया मार पीट तोड़ कर अंदर घुसने और बबवा को पकड़ कर आपरेशन अंजाम तक पहुंचाने का वक्त आ गया है तो सबसे पहले पुचकार के मारे तोते की तरह पुचुर पुचुर बोल दिखा रहे ‘मीडिया मीठूओं’ को लतियाना लठियाना भगाना शुरू किया ताकि उनके आगे के लतियाने लठियाने भगाने के सघन कार्यक्रम के दृश्य-सीन कैमरे में कैद न किए जा सकें… ये सब प्री-प्लान स्ट्रेटजी थी. सत्ताधारी राजनीतिज्ञों से एप्रूव्ड.

हिसार में पुलिस ने दो दर्जन मीडियाकर्मियों को बर्बर तरीके से पीटा और कैमरा तोड़ा

संत रामपाल प्रकरण कवर करने हरियाणा के हिसार पहुंचे दर्जनों मीडियाकर्मियों को हरियाणा पुलिस ने बुरी तरह पीटा. कई चैनलों के रिपोर्टरों और कैमरामैनों को गंभीर चोटें आई हैं. पुलिस द्वारा आजतक के रिपोर्टर और कैमरामैन को पीटते हुए दृश्य न्यूज चैनलों पर दिखाए जा रहे हैं. ब्राडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन (बीईए) ने मीडिया पर जान-बूझकर किए गए अटैक की कड़ी निंदा की है और दोषियों तो दंडित करने की मांग की है. बीईए महासचिव और वरिष्ठ पत्रकार एनके सिंह ने कहा है कि पुलिस ने राजनीतिक आकाओं के इशारे के बाद मीडिया पर हमला किया है ताकि पुलिस कार्रवाई को मीडिया कवर न कर सके और मौकै से मीडिया के लोगों को भगाया जा सके. ओबी वैन से लेकर मोबाइल, कैमरा तक तोड़े क्षतिग्रस्त किए गए हैं. करीब दो दर्जन पत्रकारों और कैमरामैनों को चुन चुन कर पुलिस ने निशाना बनाया है.

‘हमारा महानगर’ अखबार के मालिक आरएन सिंह की पिटाई

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना को वोट देना उत्तर भारतीय संघ के अध्यक्ष आरएन सिंह उर्फ रामनिवास सिंह को भारी पड़ गया है. शिवसेना को वोट देने के मुद्दे पर गुस्साए कुछ लोगों ने सिंह की जमकर पिटाई कर दी और फरार हो गए. आरएन सिंह ‘हमारा महानगर’ अखबार के मालिक भी हैं.

सत्तर सेकेंड का सीन

यह एक्शन सीन कुल सत्तर सेकेंड का रहा. इसमें सब कुछ था. सवाल पूछती हुई एक रिपोर्टर थी. उसका कैमरा था. सामने रॉबर्ट वाड्रा खड़े थे. उनके साथ उनके सुरक्षा गार्ड खडे थे. यह एक होटल का गलियारा था जहां पूरा सीन एक ही टेक में शूट हुआ. कहते हैं कि रिपोर्टर कई घंटे से उनका इंतजार करती रही और ज्यों ही राबर्ट वाड्रा जिम से कसरत करके निकले त्यों ही रिपोर्टर ने माइक लेकर पूछना शुरू कर दिया कि हरियाणा वाली जमीन के प्रकरण के बारे में उन्हें क्या कहना है? वाड्रा पहले रिपोर्टर को देखते रहे, फिर तीन बार क्रोध में भरकर कहा: ‘आर यू सीरियस?’ फिर एएनआई की उस रिपोर्टर के हाथ में ठहरे गनमाइक को जोर का मुक्का मारा. गनीमत रही कि रिपोर्टर का गनमाइक उसके हाथ छूट कर नीचे नहीं गिरा. उसके बाद वाड्रा आगे बढ गए और एक आवाज आती रही कि डिलीट कर दो…

मुंबई में महिला पत्रकार को घसीटकर डंडों से पीटा, एक आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र राज्य से खबर है कि मुंबई के पनवेल मे आज एक लोकल चैनल की रिपोर्टर चेतना वावेकर पर जानलेवा हमला किया गया. चेतना अपने घर से ड्यूटी पर जा रही थीं.  उसी वक्त एक युवक ने उनकी गाड़ी रोक दी. उनके बाल पकड़कर उन्हें बाहर खींच लिया और उन्हें बेरहमी से पीटा गया. बाद में आरोपी का एक दोस्त वहां पर पहुचा. दोनों ने मिलकर चेतना को डंडों से पीटा.

शेर की तस्वीर ले रहे प्रेस फोटोग्राफर योगेश भोजानी पर शेर ने किया हमला

गुजरात में राजकोट जिले के गोंडल तालुका के बिलड़ी गांव में कल एक शेर ने उसकी तस्वीर उतार रहे एक स्थानीय प्रेस फोटोग्राफर तथा उनके पत्रकार मित्र पर हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि स्थानीय प्रेस फोटोग्राफर योगेश भोजानी (40) तथा उनके पत्रकार मित्र चंद्रेश पंडया एक शेर द्वारा एक स्थानीय किसान के बैल को शिकार बनाए जाने की सूचना पर वहां पहुंचे थे।

दिल्ली के त्रिलोकपुरी में थानाध्यक्ष ने पत्रकार राजेश सरोहा को पीटा

त्रिलोकपुरी दंगे के दौरान पुलिसिया ज्यादाती की कहानी बाहर न आए इसके लिए पूर्वी जिला पुलिस अब पत्रकारों पर भी हमला करने से नहीं चूक रही है. ऐसे ही एक मामले में मंगलवार को विवेक विहार थानाध्यक्ष ने अपनी टीम के साथ एक अखबार के वरिष्ठ संवाददाता राजेश सरोहा पर लाठियों से जमकर प्रहार किए. घायल पत्रकार ने किसी तरह मौके से हटकर डीसीपी को फोन किया और जान बचाई. सरोहा का कहना है कि वे दिन में करीब 12.30 बजे दंगा प्रभावित इलाके की स्थिति को देखने के लिए त्रिलोकपुरी ब्लॉक 5 और 6 से होते हुए ब्लॉक 11 पहुंचे थे.

बनारस में टीवी पत्रकार नितिन को पीएसी वाले ने पीटा

Avanindr singh Aman : शनिवार की देर शाम मूर्ति विसर्जन के दौरान बनारस के दशाश्वमेघ के डेढ़सीपुल के समीप ऋषि सेठ अपनी पत्नी और बच्चे संग बाइक से घर जा रहे। भीड़ अधिक होने के कारण डेढ़सीपुल के करीब किनारे बाइक खड़ी कर मूर्ति देखने लगे। इसी बीच पी.ए.सी. का जवान राजाराम यादव वहा पंहुचा और भद्दी-भद्दी गालियां बकनी शुरू कर दी। आरोप है कि ऋषि को तीन-चार थप्पड़ भी जड़ दिया। जब KTV के पत्रकार नितिन ने विरोध किया तो पी.ए.सी. के जवान ने उससे परिचय पूछा।

सरपंच पति ज्ञानसिंह ने पत्रकार राकेश अगरवार को पीटा

सिवनी (मध्य प्रदेश) : 10 अक्टूबर को  ग्राम पंचायत धारनाकलां में गांधी जी की खण्डित मूर्ति एवं बाजार की सफाई से संबंधित समाचार राजएक्सप्रेस, नई दुनिया, पत्रिका एवं युगश्रेष्ठ में प्रकाशित हुआ था। इसे पढ़कर धारनाकला विकासखंड बरघाट सरपंच पति ज्ञानसिंह बोपचे द्वारा पत्रकार राकेश अगरवार को जान से मारने की धमकी दी।  समग्र स्वच्छता अभियान के अंतर्गत राकेश अगरवार द्वारा स्वयं के घर में शौचालय बनवाने हेतु ग्राम पंचायत जाकर ग्राम पंचायत सचिव से शौचालय निर्माण के फार्म एवं प्रक्रिया की जानकारी मांगी गई किन्तु वहां उपस्थित सरपंच पति आवेश में आकर उत्तेजित होकर जानकारी प्रदान करने से इनकार कर दिया एवं गाली गलोच कर दो झापड़ भी जड़ दिया।

सुब्रत रॉय को हमले का डर, सुरक्षित जेल में शिफ्ट किए गए

नई दिल्ली। तिहाड़ जेल में बंद सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय इन दिनों काफी डरे हुए हैं। उन्होंने जेल प्रशासन से कहा है कि उन्हें डर है कि कहीं कोई उन पर जानलेवा हमला न कर दे। उनके इसी डर को देखते हुए उन्हें जेल नंबर-3 से जेल नंबर-1 में शिफ्ट किया गया है। वहां उनकी सुरक्षा का रिव्यू करके सिक्युरिटी दी गई है।

गलती राजदीप सरदेसाई की है, खुद पहले गाली दी और खुद पहले हमला किया (देखें नया वीडियो)

Yashwant Singh : इतना बड़ा फ्रॉड निकलेगा राजदीप सरदेसाई, मुझे अंदाजा नहीं था. नया वीडियो साबित कर रहा है कि पहले गाली राजदीप सरदेसाई ने दी और पहले हमला भी राजदीप सरदेसाई ने किया. लेकिन कांग्रेसी और अंबानी परस्त इस पत्रकार ने घटनाक्रम के वीडियो को अपने हिसाब से संपादित कर केवल वो हिस्सा रिलीज कराया जिसमें उन (राजदीप) पर एनआरआई हमला करते हुए दिख रहा है. इसे देखकर मुझे भी लगा कि किसी पत्रकार पर कोई कैसे भला हमला कर सकता है, वो भी अमेरिका जैसी जगह में. पर अब जब दूसरा पक्ष सामने आ रहा है, पूरा वीडियो सामने आ रहा है तो पता चल रहा है कि राजदीप ने खुद सब तमाशा क्रिएट किया, गाली-हमले की शुरुआत करके.

राजदीप हाथापाई प्रकरण पर पत्रकारों के बीच भी ध्रुवीकरण : कोई पक्ष में तो कोई विपक्ष में

Ashish Maharishi : देश में जब से Narendra Modi की भगवा सरकार बनी है, तब से हिंदुत्‍व के ठेकेदारों की गुंडागर्दी बढ़ गई है। देश ही नहीं बल्कि भारत के बाहर भी ये ताकतें सिर उठा रही हैं। Rajdeep Sardesai को पहले गाली देना और फिर हमला करना यह बताता है कि भगवा आतंक एक बार फिर देश में सिर उठाने के लिए बेताब है। याद कीजिए 1992 और 2002, जब इन ताकतों ने पूरी दुनिया में हमारे देश को बदनाम कर दिया था। संघ से शिक्षा दीक्षा पाकर ये ताकत हर जगह फैल चुकी हैं। झुग्‍गी झोपड़ी से लेकर न्‍यूज रूम तक ये फैले हुए हैं। इनका विरोध जितना कीजिए, कम है। राम और हिंदू धर्म के ये ठेकेदार न सिर्फ इंसानियत के दुश्‍मन हैं, बल्‍कि हिंदुत्‍व के भी दुश्‍मन हैं। गांधी के ये हत्‍यारे अब गांधी और विवेकानंद को बेच रहे हैं। दोस्‍तों, पत्रकार Rajdeep Sardesai पर हमले का खुले या छिपे तरीके से समर्थन करने वालों को मित्र सूची से हटा रहा हूं। मित्र सूची में सांप्रदायिक लोग नहीं चाहिए। यदि आप पत्रकार पर हमले का समर्थन करते हैं तो अपने आप मेरी सूची से हट जाएं। वरना मुझे हटाना पड़ेगा।

न्यूयार्क में राजदीप सरदेसाई को सरेआम थप्पड़ मारा, मीडिया जगत स्तब्ध

नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान आज वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई को एक व्यक्ति ने सरेआम थप्पड़ मार दिया. आरोप है कि थप्पड़ मारने वाला युवक मोदी समर्थक था और वह खुद को प्रखर राष्ट्रवादी बता रहा था. राजदीप ने अपने साथ हुई बदसलूकी पर कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. राजदीप सरदेसाई इन दिनों टीवी टुडे ग्रुप से जुड़े हुए हैं और मोदी दौरे का कवरेज करने अमेरिका पहुंचे हैं. नीचे तस्वीर में देखें, बाईं तरफ खड़े राजदीप के चेहरे पर दाईं तरफ से एक युवक ने घूंसा चेहरे पर मार रखा है.

मधेपुरा में दैनिक हिंदुस्तान के पत्रकार अभिमन्यु सिंह पर जानलेवा हमला

बिहार के मधेपुरा में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और जान पर खेलकर खबरें लाने वाले पत्रकारों पर भी अब जानलेवा हमले हो रहे हैं. पुलिसिया कार्यवाही कहीं से संतोषजनक नहीं है. मधेपुरा जिले के पुरैनी थानाक्षेत्र में एक पत्रकार पर जानलेवा हमला हुआ है. घटना में दैनिक हिंदुस्तान अखबार के पत्रकार पर कुल्हाड़ी से वार किया गया है, जिसमें वे बुरी तरह जख्मी हो गए हैं.

यूपी के सीतापुर में एक पत्रकार ने साथी पत्रकार को गोली मारी, हालत गंभीर

सीतापुर से खबर है कि भास्‍कर न्‍यूज के पत्रकार को गोली मार दी गई है. गोली मारने का आरोपी भी पत्रकार है. मामला आपसी रंजिश का बताया जा रहा है. घायल पत्रकार की हालत गंभीर है. फिलहाल उसे जिला अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. मौके पर पुलिस के आला आफिसर पहुंच गए हैं. जिले के पत्रकार भी सूचना मिलने पर जिला अस्‍पताल पहुंच रहे हैं.