UPA बनाम NDA

विजय शंकर सिंह-

बेरोज़गारी का यह आँकड़ा वर्ल्ड बैंक का है। भारत इस आंकड़े में 23.01% पर है। उससे नीचे तुर्की, 24.64% और इराक 25.16% है। हम सीरिया से भी बेरोजगारी आंकड़े में खराब स्थिति में है। 2014 का संकल्पपत्र याद कीजिए, वादा था, 2 करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष।


सौमित्र रॉय-

UPA बनाम NDA

पीएम नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के मंत्री अक्सर एक बात दोहराते हैं- बीते 70 साल में जो नहीं हुआ, वह हम कर रहे हैं।

70 साल तो छोड़िए, UPA के 10 साल और मोदी सरकार के 7 साल के विकास की आज तुलना हो ही जाए।

  1. RBI- UPA काल में सरकार ने RBI से सालाना 21313 करोड़ रुपये वसूले। NDA ने 110767 करोड़ वसूले। यानी 5 गुना से ज़्यादा।
  2. कर्ज़- 2021-22 में भारत पर 13586975 करोड़ का बकाया कर्ज़ है, यानी प्रति व्यक्ति 1 लाख रुपये। 2014 से पहले तक 67 साल में भारत पर 5587449 करोड़ का कर्ज था। यानी 7 साल में कर्ज 142% बढ़ गया। यानी 7999526 करोड़ कर्ज़ मोदी ने आकर बढ़ाया, जिसमे आयल बांड का कर्ज केवल 1.3 लाख करोड़ है। वित्त मंत्री बेवकूफ़ न बनाएं।
  3. वित्त वर्ष 2022 में इस कर्ज़ पर ब्याज सरकार को प्राप्त राजस्व का 52.4% होगा। यानी सरकार को मिलने वाले हर 1 रुपये का आधे से ज़्यादा ब्याज़ चुकाने में खर्च होगा। निर्मलाजी को इकोनॉमिक्स पढ़ना चाहिए।
  4. 2014 में भारत का वाणिज्यिक निर्यात 322 बिलियन डॉलर था जो 2020 में 276 बिलियन डॉलर हो गया।
  5. पिउ रिसर्च सेंटर ने विश्व बैंक के डेटा का विश्लेषण कर बताया है कि रोज़ाना 2 डॉलर या उससे कम कमाने वाले ग़रीब 60 से 134 मिलियन हो चुके हैं। 2006-2016 के बीच मनमोहन सरकार की नीतियों ने 27 करोड़ लोगों को ग़रीबी से उबारा था।
  6. 2019 में आयकर 4.69 लाख करोड़ और कॉरपोरेट टैक्स 4.59 लाख करोड़ आया। मोदी ने कॉरपोरेट टैक्स घटाकर 2 लाख करोड़ का नुकसान किया, जिसे पेट्रोलियम के दाम बढ़ाकर वसूला जा रहा है, जो 2021-22 में 4.5 लाख करोड़ के आसपास होगा।
  7. फिक्स्ड डिपाजिट पर 2014 तक 8.63% ब्याज था, जो अब 5.25% है और अगर इसे भी महंगाई दर से जोड़ें तो ब्याज नेगेटिव में आएगा।
  8. सार्वजनिक क्षेत्र की 65 इकाइयों का मार्किट कैप 13.97 लाख करोड़ है, जबकि अकेले रिलायंस का 15.34 लाख करोड़ है। मोदी ने इनका ही भला किया है।
  9. HDFC बैंक का मार्केट कैप सार्वजनिक क्षेत्र के सारे बैंकों से दोगुना है।

बावज़ूद इन सबके, देश की मुर्दा अवाम धर्म के नशे में है।

उनके लिए नीचे एक खास कार्टून बना है।

भड़ास की खबरें व्हाट्सअप पर पाएं, क्लिक करें-

https://chat.whatsapp.com/Bo65FK29FH48mCiiVHbYWi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *