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उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट और अफ़सरों की लूट!

गन्ना विकास और मार्केटिंग के नाम पर अफसरों ने मचाई लूट, मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट की मुंडेरवा चीनी मिल का ठेका सुरक्षा एजेंसी, ठेकेदारों से साठ गांठ कर सरकार को अफसर लगा रहे करोड़ों का चुना

राकेश यादव-

लखनऊ। उत्तर प्रदेश चीनी निगम की मिलों में गन्ना विकास और गन्ना मार्केटिंग के नाम पर करोड़ों के गोलमाल का खेल चल रहा है। निगम के अफसरों ने कमाई के चलते मिलों में गन्ना विकास और मार्केटिंग का ठेका सुरक्षा एजेंसी को दे रखा है। करोड़ों के गोलमाल को पुष्टि शासन स्तर पर हुई जांच में भी हुई है। जांच रिपोर्ट के बाद निगम के आला अफसरों ने दोषी अधिकारियों को सजा देने के बजाए संविदा पर नियुक्ति का तोहफा दिया है।
मामला चीनी निगम की मुंडेरवा और पिपराइच चीनी मिल का है। लंबे समय से बंद पड़ी इन चीनी मिलों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चालू किया गया। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट की मुंडेरावा चीनी मिल को रमाला की तर्ज पर अत्याधुनिक मिल बनाने के नाम पर पहले ही करोड़ों रुपए के वारे न्यारे किए गए। अब इन चीनी मिलों में गन्ना विकास और गन्ना मार्केटिंग के नाम पर करोड़ों का खेल चल रहा है।


सूत्रों का कहना है कि बीते दिनों चीनी मिलों में गन्ना विकास और मार्केटिंग में हो रहे खेल की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की। मुख्यमंत्री ने शिकायत की जांच की जिम्मेदारी प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद को सौंपी। प्रमुख सचिव गृह ने प्रमुख सचिव गन्ना विकास को शिकायत भेजकर मामले की जांच कराए जाने का निर्देश दिया। प्रमुख सचिन गन्ना ने मामले की जांच शासन स्तर पर गठित दो सदस्यीय कमेटी को सौंपकर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत का निर्देश दिया।


सूत्रों का कहना है कि कमेटी ने पिछले दिनों नौ पन्नो की एक रिपोर्ट शासन को सौंपी है। इस रिपोर्ट में चीनी मिलों में गन्ना विकास और मार्केटिंग के मामले में अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए इनके खिलाफ कार्यवाही किए जाने की संस्तुति की। इस संस्तुति के गन्ना विभाग के आला अफसरों ने दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाए उसको सेवानिवृति के दिन बाद ही संविदा पर नियुक्ति कर दिया गया। यह मामला चीनी मिल अधिकारियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। चर्चा है कि निगम में कमा कर देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। यही वजह है कि चीनी संघ और निगम में आधा दर्जन से अधिक सेवानिवृत अधिकारियों को लंबे समय से संविदा पर कमाऊ पोस्टों पर बैठा रखा गया है।

एमडी ने माना सुरक्षा एजेंसी को दिया गया ठेका

चीनी निगम की मिलों में गन्ना विकास और गन्ना मार्केटिंग के नाम पर चल रहे गोलमाल के संबंध जब निगम के कार्यवाहक प्रबंध निदेशक रमाकांत पांडे से बात हुई। श्री पांडे ने गन्ना विकास और मार्केटिंग का काम सुरक्षा एजेंसी को दिए जाने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि वह कंपनी सिर्फ इन्ही मिलों पर नहीं कई अन्य पर भी काम कर रही है। शासन स्तर पर हुई जांच में निगम के एक अफसर के दोषी पाए जाने के सवाल पर उन्होंने इसे शासन का मामला बताते हुए चुप्पी साध ली। रिटायर अफसरों की संविदा पर नियुक्ति पर उन्होंने कहा अधिकारी कम है, चीनी मिलों को बंद नहीं किया जा सकता। इसलिए इनसे काम लिया जा रहा है।

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