मनीष दुबे-
पत्रकारों को भी नेताओं वाला चस्का लग गया सा दिखाई दे रहा है. खासकर 2014 के बाद वाले नेताओं का. हालांकि, नेता बनने में कोई बुराई नहीं है. कई पत्रकार नेतागिरी में चमक गए. लेकिन नेतागिरी फर्जीगिरी की दम पर नहीं करनी चाहिए, वो भी पत्रकारिता का हाथ थामकर तो बिल्कुल नहीं. ये एक ऐसा पेशा है जिसमें एक न एक दिन छल से बनाया गया ढोल फट-फूट ही जाता है.
मामला कानपुर देहात के पत्रकार विकास धीमान से जुड़ा हुआ है. विकास धीमान पर देहात पुलिस ने एक खबर को लेकर थाना अकबरपुर में मुकदमा लिखवा दिया गया था. बाद में इस मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लग गई. मुकदमे में लगी इसी FR पर कई पत्रकार और संगठन अपना-अपना दावा ठोंक कर श्रेय ले रहे हैं कि यह उनकी मेहनत का परिणाम है. जबकि इस पर विकास धीमान कुछ और ही कहते हैं.

भड़ास4मीडिया से हुई बातचीत में विकास धीमान कहते हैं, “मैं खुद कन्फ्यूज हूं. बहुत से लोग श्रेय ले रहे हैं. बहरहाल, मैं एक ही बात कहना चाहता हूं और वो ये कि मेरे लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक मेरा संस्थान (एबीपी न्यूज) खड़ा रहा. मेरे ऊपर कोई मुकदमा तो था नहीं, न मैं क्रिमिनल हूं. रिपोर्ट भेजी संस्थान ने बाकायदा चलाई. उन्होंने नीचे से ऊपर तक सभी अधिकारियों, मंत्रियों से बात कर मेरा खुले तौर पर सपोर्ट किया. इस मुकदमे में लगी फाइनल रिपोर्ट का श्रेय मैं मेरे संस्थान को दूंगा.”
उन्होंने ये भी कहा कि, “हां ये ठीक है कि उस वक्त कई लोगों के फोन आए. उन्होंने मुझे सांत्वना दी, लेकिन श्रेय लेने की बात मजेदार नहीं है. अब किसी से कुछ कह भी तो नहीं सकते हैं!”
बहरहाल, विकास धीमान का मुकदमा खत्म कराने का श्रेय लेने वालों की खबरें तक छप चुकी हैं. बाकायदा प्रिंट से लेकर डिजिटल तक लोग बड़ी-बड़ी तस्वीरें चिपकवाए हैं. ये तस्वीरें और फोटो जिन संस्थानों में छपी हैं उन कथित पीत खबरों को हम यहां नहीं रखना चाहते. फिलहाल, सबूत के तौर पर एक कतरन नीचे लगाई गई है. देखें..

नीचे देखें पुलिस द्वारा लगाई गई फाइनल रिपोर्ट की कॉपी और उसके बाद मुकदमा होने की खबर…

एबीपी न्यूज़ के पत्रकार पर कानपुर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, देखें FIR कॉपी



Pawan
July 26, 2024 at 9:37 pm
इस मामले में मेरे पास पूरे तथ्य हैं कि यह किसके प्रयास से संभव हुआ और SP पर दबाव के चलते मामले में FR लगी।
PAWAN AGRAHARI
July 31, 2024 at 9:24 am
हमारे पास मौजूद तथ्य के अनुसार आदरणीय पंवार जी की ही मदद से पत्रकार को दर्ज एफआईआर से निजात मिली है।