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पीएमओ को लेटर लिखने पर ‘जनसंदेश टाइम्स’ पत्रकार विनायक राजहंस को पीएफ राशि देने को मजबूर हुआ

Vinayak Rajhans : पिछले करीब दो साल से अपने पीएफ की राशि को पाने के लिए मेरा संघर्ष रंग लाया. मेरे पूर्व नियोक्ता ‘जनसंदेश टाइम्स’ और पीएफ ऑफिस लखनऊ की उदासीनता के चलते इनके खूब चक्कर लगाने पड़े. मेरे पीएफ खाते में पैसे ही नहीं जमा किए गए थे जबकि वेतन से काटा गया था.

Vinayak Rajhans : पिछले करीब दो साल से अपने पीएफ की राशि को पाने के लिए मेरा संघर्ष रंग लाया. मेरे पूर्व नियोक्ता ‘जनसंदेश टाइम्स’ और पीएफ ऑफिस लखनऊ की उदासीनता के चलते इनके खूब चक्कर लगाने पड़े. मेरे पीएफ खाते में पैसे ही नहीं जमा किए गए थे जबकि वेतन से काटा गया था.

इस संबंध में मुझे अंतिम उम्मीद के तौर पर ‘प्रधानमंत्री कार्यालय’ को लिखना पड़ा. अंततः पीएमओ के हस्तक्षेप से मेरे दावे का निस्तारण हुआ. इस संघर्ष में लगातार मेरे साथ रहे मेरे तत्कालीन सहकर्मी Shyamal Tripathi और Shivani Sudirgh. बाकी लोग शायद संघर्ष या फिर पहल करने से डरते रहे.

रायबरेली निवासी पत्रकार विनायक राजहंस के एफबी वॉल से.

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  1. s k tripathi

    May 29, 2016 at 2:21 pm

    http://iwatchindia.com/23171/23171.htm

    माननीय प्रधानमंत्री महोदय

    भारत सरकार

    आशय: पीएफ क्लेम के सन्दर्भ में

    मान्यवर

    मैं पेशे से एक पत्रकार हूँ. मैंने वर्ष 2011 में लखनऊ स्थित एक समाचार पत्र ‘ जनसन्देश टाइम्स’ में बतौर वरिष्ठ उप संपादक ज्वाइन किया था. उस संस्थान में मैंने जुलाई 2013 तक अपनी सेवा दी. इस दौरान मार्च 2011 से जब तक मैंने संस्थान में कार्य करता रहा तब तक संस्थान ने मेरे वेतन से पीएफ काटा, लेकिन मेरे पीएफ खाते में जमा नहीं किया. नौकरी छोड़ने के बाद जब मैंने पीएफ ऑफिस लखनऊ में क्लेम करना चाहा तो उन्होंने कहा कि आपके खाते में राशि ही नहीं है. मैंने फिर कम्पनी से संपर्क किया तो वे टालमटोल करते रहे. आजिज आकर मैंने पीएफ ऑफिस लखनऊ में इसकी शिकायत की. इसके बाद कुछ कार्रवाई हुई और वहां के एक इंस्पेक्टर ने बताया कि बहुत जल्द आपके पीएफ दावे का निस्तारण हो जाएगा. मैंने दावा सम्बन्धी प्रपत्र सम्बंधित कम्पनी को दे भी दिया है लेकिन संस्थान मेरे द्वारा दिये दावा सम्बन्धी प्रपत्र पर सिग्नेचर तक नहीं कर रहा है. इस बावत जब मैंने पीएफ ऑफिस को बताया तो उनका रवैया भी बेहद टाल मटोल का रहा.

    बार बार पीएफ ऑफिस का चक्कर लगवाया जा रहा है. पीएफ कार्यालय की कार्य शैली के चलते ही जनसंदेश टाइम्स संस्थान हमारे दावा सम्बन्धी प्रपत्र पर सिग्नेचर तक नहीं कर रहा है. आज दिनांक 4 मई 2016 जब मैंने पीएफ ऑफिस कार्यरत एक अधिकारी से फ़ोन पर बात की तो उन्होंने बेहद गलत तरीके से बात करते हुए मुझसे कहने लगे आप चाहे जहां कुछ कहना करना हो अर्थात पीएमओ ऑफिस या कही और जिससे शिकायत करना हो कर लो हम जनसंदेश टाइम्स संसथान पर कोई दबाव नहीं बनायेंगे, इतना ही नहीं उन अधिकारी महोदय ने ये तक कह डाला की बार बार पीएफ कार्यलय आओगे या बार बार दूरभाष पर इंक्वायरी करोगे तो ये ठीक नहीं होगा।

    महोदय आज पीएफ कार्यालय के अधिकारी द्वारा इस तरह कहना की ‘ठीक नहीं होगा’ इससे मैं काफी डर गया हू. मुझे डर है की मेरे खिलाफ कोई फ़र्ज़ी कारर्वाई न कर दें. महोदय मैं बहुत गरीब और इज्जतदार ब्यक्ति हू. जिस तरह पीएफ कार्यालय के अधिकारी मुझे धमाका रहे है उसके चलते मेरे मानसिक संतुलन पर अषर पर रहा है. महोदय कृपया मेरी मदद करें। मैंने इस संदर्भा में पहले भी पीएमओ में अपनी बात रखी थी लेकिन उसपर कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई. पीएफ अधिकारी द्वारा ‘ठीक नहीं होगा’ की धमकी के बाद मैं बहुत डरा हुआ हू। ………… माननीय प्रधानमंत्री महोदय अब बस आप से ही आखिरी उम्मीद है अगर आप से कोई मदद नहीं मिली तो मेरे पास आत्महत्या करने के सिवा और कोई रास्ता नहीं बचेगा।

    मान्यवर, आपसे करबद्ध निवेदन है कि इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्रवाई करने की महान कृपा करें ताकि मुझे मेरा अधिकार मिल सके और मैं मानसिक यंत्रणा एवं भय से मुक्ति पा सकूँ.

    पीएफ खाता संख्या- UP/LKO/51768/57

    UAN- 100450222336

    Date :-04/05/2016

    एक भारतीय नागरिक

    श्यामल कुमार त्रिपाठी

    c/256 इंदिरा नगर

    जनपद- लखनऊ ( उत्तर प्रदेश)

    मोबाइल- 9984999919 एव 7388791111

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