ग्रेसफुल मीडिया के मालिक विश्व रंजन पुरोहित की फांसी पर लटकी मिली लाश… राजधानी रायपुर के राजेंद्र नगर थाना इलाके से एक दुखद आत्महत्या की घटना सामने आई है। इसमें ग्रेसफुल मीडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिक विश्व रंजन पुरोहित की लाश उनके ही कमरे में फांसी के फंदे पर लटकी मिली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू की। राजेंद्र नगर थाना प्रभारी उप निरीक्षक लखेश ने बताया कि काफी दिनों से विश्व रंजन पुरोहित मानसिक तनाव में थे। शुक्रवार देर शाम उनके कमरे में उनकी लाश फांसी के फंदे पर पाई गई।
प्रभात सिंह-
विश्वरंजन पुरोहित द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना छत्तीसगढ़ के मीडिया जगत के लिए एक अत्यंत दुखद और गंभीर विषय रही है। उनके इस चरम कदम के पीछे की मुख्य वजहों को लेकर स्थानीय मीडिया में चर्चा रही है।

विज्ञापनों के भुगतान में देरी: यह आरोप लग रहे हैं कि उनके द्वारा किए गए कार्यों और प्रकाशित विज्ञापनों के बिलों का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ था। सरकारी विभागों या संबंधित एजेंसी द्वारा विज्ञापन के पैसे रोके जाने के कारण वे गंभीर आर्थिक तंगी का सामना कर रहे थे।
कुणाल शुक्ला-
विनायक एडवरटाइजिंग को छत्तीसगढ़ जनसंपर्क ने अप्रैल 2024 से लेकर दिसंबर 2024 तक 7 करोड़ 62 लाख का भुगतान किया है।

वहीं एक ऐसा भी आदमी था जिसका करोड़ों का भुगतान जनसंपर्क ने रोक दिया जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली।वैसे मेरी माँग ये है कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होना चाहिए।और जिसने ऐसा कुकृत्य किया है उसे जेल की सलाखों के पीछे जाना चाहिए।
ना कहीं कोई चर्चा ना मीडिया में कोई खबर…
राजधानी रायपुर का एक युवा व्यवसायी 10 जनवरी को इसलिए फाँसी पर झूल गया क्योंकि एक आईएएस ने उसका 14 करोड़ रुपए का भुगतान पिछले छह माह से सिर्फ़ इसलिए अटका रखा था क्योंकि वह चालीस प्रतिशत कमीशन देने की स्थिति में नहीं था। पूरे मामले का दुखद पहलू यह है कि इस युवा व्यवसायी के दो और छह साल के दो बच्चे हैं जिनके सर से अब पिता का साया उठ चुका है। आईएएस ने व्यवसायी का सारा व्यवसाय जप्त करवा कर अपने चहेते और स्वजातीय व्यापारी को दिलवा दिया है।
विष्णु देव साय के सुशासन एवं राम राज्य में ब्राह्मणों का इतना प्रताड़ित क्यों किया जा रहा है कि वह आत्महत्या कर रहे हैं?? पहले प्रदीप उपाध्याय और अब रंजन पुरोहित!
-प्रीति उपाध्याय


