विश्व कप मैचों के वेबसाइट्स पर प्रसारण पर रोक

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को अपने अंतरिम आदेश में 60 वेबसाइट्स, 14 रेडियो चैनल और तकरीबन 30 इंटरनेट और टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को आईसीसी विश्व कप -2019 के मैचों का प्रसारण करने से रोक दिया है। न्यायाधीश जे.आर. मिधा का यह आदेश चैनल-2 ग्रुप की उस अपील पर आया, जिसमें उन्होंने विश्व कप का ऑडियो प्रसारण और लाइव स्ट्रीम कर रहे तकरीबन 10-प्लेटफॉर्म जिनमें वेबसाइट्स भी शामिल हैं, पर रोक लगाने की अपील की थी।

चैनल-2 समूह के वकील जयंत मेहता और सुभालक्ष्मी सेन ने अदालत से कहा कि यह प्लेटफॉर्म चैनल-2 के अधिकृत नहीं और न ही चैनल ने इन्हें विश्व कप के ऑडियो और रेडियो प्रसारण का लाइसेंस दिया है। चैनल-2 ग्रुप के पास इस तरह के इस तरह के ऑडियो और रेडियो प्रसारण का अधिकार है। चैनल-2 समूह आईसीसी व्यवसायिक कॉरपोरेशन के साथ ऑडियो अधिकार में शामिल हुआ था।

दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में वादी की दलील को सही मानते हुए कहा कि बचाव पक्ष, उनके साझेदार, उनके अधिकारी, कर्मचारी, एजेंट्स और प्रतिनिधित्व, फ्रेंचाइजी और सभी को आईसीसी विश्व कप -2019 की ऑडियो और रेडियो कवरेज से रोका जाता है।हालांकि इस अंतरिम आदेश में शामिल कोई भी बचाव पक्ष किसी भी पार्टी से स्कोर बता सकता है वो भी 15 मिनट के अंतर के साथ।

इस मामले में कोर्ट ने इसी तरह के मामले में पहले आए फ़ैसले पर भरोसा किया। ये मामले हैं स्टार इंडिया लि.बनाम पियूष अग्रवाल, 2013 (54) पीटीसी 222 (दिल्ली) जिसमें कोर्ट ने ऐसी किसी भी संस्था को जिसके पास प्रसारण का लाइसेन्स नहीं है, मैच अलर्ट या अपडेट भेजने के लिए इवेंट के समाप्त होने के 15 मिनट बाद ऐसा करने का आदेश दिया। इस बारे में एक अन्य मामले स्टार इंडिया लि.बनाम ऐकुते इन्टरनेट सर्विसेज प्राइवेट लि.एससी (2013) का भी ज़िक्र किया गया। अंतरिम आदेश सुनाते हुए न्यायमूर्ति जेआर मिधा ने कहा कि अदालत एकतरफ़ा अंतरिम आदेश देकर संतुष्ट है जो मामले के तथ्यों को देखते हुए जाऊरी था। इस आदेश से हाईकोर्ट ने ऐसे किसी भी संस्थान को इस मैच के किसी भी माध्यम से ऑडीओ/रेडियो स्ट्रीमिंग या लाइव डिफ़र्ड अपडेट/रिपोर्टिंग करने पर सुनवाई की अगली तारीख़ तक के लिए रोक लगा दिया है अगर उसको इसका लाइसेन्स नहीं है। हाईकोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि सर्च इंजिन अपने सर्च रिज़ल्ट के पेज, वेबसाइट्स/यूआरएल जो कि वादी के कॉपीराइट को नुक़सान पहुँचाते हैं, को हटा लेंगे।

हाईकोर्ट ने सेंटर, वेबसाइट्स और रेडियो चैनलों से 4 सितंबर तक अपना जबाव दाखिल करने को कहा है। अदालत ने साथ ही सर्च इंजनों से इन यूआरएल को हटाने को कहा है जो विश्व कप (का गलत तरीके से प्रसारण कर रही थीं।इस मामले में अब चार सितंबर को आगे सुनवाई होगी। अपने हालिया अंतरिम आदेश में, न्यायाधीश ने गूगल जैसे सर्च इंजनों तथा एयरटेल और वोडाफोन जैसे इंटरनेट, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को उल्लंघन करने वाली उन वेबसाइटों से लिंक हटाने या इसे बंद करने का निर्देश दिया जहां क्रिकेट विश्वकप का ऑडियो कवरेज अनाधिकृत रूप से लोगों के लिए उपलब्ध कराया गया है।

हाईकोर्ट का कहना था कि इस मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए याचिकाकर्ता ‘चैनल 2 ग्रुप’ के हित में एकपक्षीय आदेश जारी करना ‘‘जरूरी” है। याचिकाकर्ता ने विश्वकप 2019 के आयोजक ‘आईसीसी बिजनिस कॉरपोरेशन’ के साथ ऑडियो अधिकार समझौता किया था।भारत में वर्ल्ड कप के सभी मैचों का वेब प्रसारण हॉट स्टार पर हो रहा है। अमेरिका में इसे विलो टीवी पर देखा जा सकता है।टीवी पर इसका लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स के चैनल्स पर हो रहा है।

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