ऑस्कर की दौड़ में पहुंची भारतीय दलित महिला पत्रकारों के अखबार ‘ख़बर लहरिया’ पर बनी फिल्म

राजकुमार गुप्ता-

‘राइटिंग विद फायर’ को बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फीचर कैटेगरी में मिली जगह

भारतीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘राइटिंग विद फायर’ को बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फीचर कैटेगरी के तहत ऑस्कर के लिए नॉमिनेट किया गया है। ऑस्कर नामांकन पाने वाली यह पहली भारतीय डॉक्यूमेंट्री फीचर बन गई है। इस भारतीय डॉक्यूमेंट्री को द वाशिंगटन पोस्ट ने सबसे प्रेरक पत्रकारिता फिल्म बताया है, जबकि द न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी इसे सराहा है। ऑस्कर की दौड़ में पहुंची भारत की दलित महिला पत्रकारों की मीडिया संस्था ‘ख़बर लहरिया’ पर आधारित डॉक्यूमेंट्री इस समाचार पत्र ‘खबर लहरिया’ के उदय की कहानी है।

बिहार के सीतामढ़ी और यूपी के बांदा जिले में हाशिए पर रहने वाले समुदायों की महिलाओं द्वारा संचालित सामुदायिक समाचार पत्र खबर लहरिया की प्रेरक कहानी का दस्तावेज है ‘राइटिंग विथ फायर’।

दलित फ़ाउंडेशन के डिप्टी डायरेक्टर प्रदीप मोरे ने खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि ‘खबर लहरिया’ नामक अख़बार दलित महिलाओं द्वारा 20 साल पहले बुंदेलखंड क्षेत्र में पहली बार शुरू किया गया था। इस समूह को दलित फाउंडेशन ने फेलोशिप के माध्यम से आर्थिक रूप से मदद दी।

आस्कर के अंतिम नामांकन से विजेताओं की घोषणा 27 मार्च, 2022 को की जाएगी। यह ऑस्कर पुरस्कार विश्व का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण माना जाता है जो हर साल प्रमुख फिल्मों को कई कैटगरीज में दिया जाता है।



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