मैं बाथरूम में उल्टियां कर रही थी, मेरे ट्यूयर ने मुझ पर सेक्सुअल एसॉल्ट किया!

छात्रा ने ट्यूटर द्वारा यौन शोषण की कहानी सोशल मीडिया पर सुनाई तो सक्रिय हुई पुलिस, प्रयागराज में सामने आयी घृणित और शर्मशार करनेवाली दरिंदगी

जेपी सिंह

‘मुझे याद है मुझे हमेशा बड़ों की इज़्ज़त करना सिखाया गया। ‘बड़े हैं’ यह कहकर यह उन्हें गैर जरूरी सम्मान दिया जाता है। हमारे माता पिता ने हमें अजनबियों से कुछ भी लेने से मना किया, जिन लड़कों से हम मिलते थे, उनसे सावधान रहने को कहा, लेकिन जिस व्यक्ति ने मेरा बचपन छीन लिया वह व्यक्ति वो था जिस पर मेरे माता पिता ने मुझे पढ़ाने के लिए भरोसा किया। मैं गणित में हमेशा से कमजोर थी और मुझे अच्छा ग्रेड चाहिए था, इसके लिए वह आया था- सफेद पूरी बाँह की शर्ट, फॉर्मल पैंट, अजीब सी मुस्कान और चोरों वाली चालढाल। उसने बारह साल की बच्ची का कई तरह से ब्रेन वाश करना शुरू किया। अगर आप ‘ग्रूमिंग’ टर्म जानते हों तो यह उसका क्लासिक केस है। यह आदमी पचास साल का प्रौढ़ था, मतलब ऐसा जिस पर आप उसकी उम्र के नाते भी सहज भरोसा कर लेंगे। आगे घटना ऐसे बढ़ी कि मैं बाथरूम में उल्टियाँ कर रही थी क्योंकि उसने मेरे ऊपर इस तरह सेक्सुअल एसॉल्ट किया था कि मैं उस घटना को दोहराना भी नहीं चाहती। यह सब वह दो महीने तक करता रहा, जब तक कि किसी घटनावश उसे ट्यूशन से हटा नहीं दिया गया। मेरी कहानी जटिल, उलझी हुई और खून में सनी हुई है। इसमें खून से दस्तखत किए हुए पत्र हैं, बाइबिल पर हाथ रखकर खाई हुई कसमें हैं और किसी को बताने पर आत्महत्या की धमकियाँ हैं। उसका नाम सुनील दुआ है जिसने अपने गन्दे स्पर्श और घिनौनी नजरों से मेरा बचपन बरबाद किया। यहाँ तक कि अब मैं किसी लड़के को नहीं चूम सकती क्योंकि मेरे सामने उसका गन्दा चेहरा आ जाता है। अब मेरे लिए चुम्बन किसी कविता की तरह सुंदर नहीं हो सकता, हो ही नहीं सकता। इन बातों को पाँच साल बीत चुके हैं। लेकिन मैं आज भी बेहद यन्त्रणा में हूँ। मैं उन छोटी बच्चियों के प्रति जिम्मेदारी महसूस करती हूँ जो आगे इस व्यक्ति के घिनौनेपन का शिकार बन सकती हैं। अगर मेरी इस बात से किसी को लगता है कि मैं अटेंशन सीकर हूँ तो वह मुझे तुरन्त अमित्र और ब्लॉक कर दें। दोषी व्यक्ति आज भी अशोक नगर और जार्ज टाउन में क्लास ले रहा है, एलचिको जा रहा है, सामान्य जिंदगी जी रहा है, जैसे कि ज़्यादातर यौन हमलावर करते हैं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूँ कि उसे सजा मिले। मैंने सालों तक अपना मुँह बन्द रखा। लेकिन अब समय आ गया है। दोस्तो, मैं अपनी बेड़ियों को तोड़ूँ और आपके सामने वह क्रोध ज़ाहिर होने दूँ जो मैंने अब तक दबा रखा था।’

-शैली (बदला हुआ नाम)


यह एक टीनएज की किशोरी की दास्ताँ है जिसका यौन शोषण उसके कामांध और शातिर प्राइवेट टयूटर ने किया। प्रयागराज नगर में घिनौना और सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुरु छात्र के रिश्ते को शर्मसार करने वाली यह घटना ससबे पॉश इलाके सिविल लाइंस की है। ट्यूशन पढ़ाने वाले एक टीचर ने अपनी नाबालिग स्टूडेंट को ही हवस का शिकार बना लिया और लगभग 5 सालों से उसका यौन शोषण करता रहा। पर अब छात्रा ने अपनी आपबीती फेसबुक पर लिखी और पूरा दर्द दोस्तों से साझा किया तो मामला पुलिस तक पहुंच गया।

परिजनों की दखल के बाद आरोपी टीचर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश की जा रही है। मामला हाई सोसायटी से जुड़ा होने के कारण पुलिस एक्शन में है और आरोपी की कॉल डीटेल आदि भी निकलवाई जा रही है। छात्रा ने हाल ही में 12वीं कक्षा की परीक्षा दी है।

सातवीं क्लास में बनाया था निशाना

पुलिस के अनुसार सिविल लाइंस इलाके की रहने वाली छात्रा घर के पास ही शहर के बड़े व प्रतिष्ठित कॉलेज में जब कक्षा 7 में पढ़ाई कर रही थी तब उसकी पढ़ाई को अच्छी करने के लिये माता-पिता ने घर पर ट्यूटर लगा दिया। माता-पिता अपनी अपनी व्यस्तता के चलते घर के बाहर रहते और इस दरमियान ही टीचर छात्रा को पढ़ाने आता। छात्रा को अकेला पाकर धीरे-धीरे टीचर ने उसका शारीरिक उत्पीड़न शुरू किया और उसके साथ गंदी हरकत करने लगा। टीचर छात्रा को डराने धमकाने से लेकर हर तरह से चुप रखने को बाध्य कर देता। छात्रा क्लास दर क्लास बड़ी होती चली गयी, लेकिन टीचर उसका शरीर नोंचता रहा। यह क्रम पिछले 5 साल से लगातार चल रहा था और बदनामी, डर आदि के चलते छात्रा चुपा रही। लेकिन दो दिन पहले उसने हिम्मत दिखाई और फेसबुक पर अपनी पूरी आपबीती पोस्ट कर दी। छात्रा की पोस्ट पर देखते ही देखते ही लोगों के हजारों कमेंट आये और हजारों लोगों को अपने साथ खड़ा देकर छात्रा का साहस बढ़ा। तब तक छात्रा के फेसबुक से पिता व मां को भी पूरा घटनाक्रम पता चल गया।

दर्ज हुआ मुकदमा

मां बाप छात्रा को लेकर परिजन सिविल लाइंस थाने पहुंचे और सुनील दुआ नामक टीचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी, लेकिन वह पकड़ा नहीं जा सका। अब उसका मोबाइल नंबर ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस ने संभावना व्यक्त की है कि फेसबुक से ही टीचर को पूरी बात पता चल गयी है, इसलिये वह फरार है। फिलहाल इस घटना से एक बार फिर यह साफ हो गया है कि बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।

माहिलाओ के साथ हर दिन कुछ न कुछ बड़ी घटनाये सामने आती है। कुछ खबरें ऐसी होती हैं, जिन पर भरोसा करना नामुमकिन सरीखा होता है। ज्यादातर ऐसी खबरें रिश्तों को शर्मसार करने वाली होती हैं, जिनके बारे में जानकर सबका सिर शर्म से झुक जाता है। इस खौफनाक मामले ने लोगो को होश उड़ा दिया है कि आखिर विश्वास करें तो किस पर।

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Bhadas4media ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಬುಧವಾರ, ಏಪ್ರಿಲ್ 17, 2019
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