नई दिल्ली, 15 मई 2025 : भारत के प्रतिष्ठित अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने 15 मई के अपने संपादकीय में भाजपा के मंत्री विजय शाह को बर्खास्त करने की मांग करते हुए सरकार से स्पष्ट संदेश देने की अपील की है। यह संपादकीय पुलवामा जैसे आतंकी हमले के बाद चले ऑपरेशन सिंदूर और उसमें शामिल कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर मंत्री द्वारा दिए गए अपमानजनक बयान पर केंद्रित है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के बाद देश को संबोधित करते हुए एकता और सामूहिक संकल्प की बात की थी, लेकिन उसके 24 घंटे के भीतर ही मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने एक जनसभा में पाकिस्तान को सबक सिखाने की बात करते हुए अपमानजनक ढंग से कहा कि “आतंकवादियों की बहन को इस्तेमाल कर के सिखाया गया।” उनका इशारा ऑपरेशन सिंदूर में प्रमुख भूमिका निभाने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी की ओर था।
संपादकीय में इसे न केवल “घृणास्पद और खतरनाक” बताया गया है बल्कि यह भी लिखा गया है कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस पर संज्ञान लेकर मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने का सही कदम उठाया है। संपादकीय का कड़ा रुख यही है: “सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह ऐसे नफरत भरे भाषणों के साथ नहीं है — मंत्री को बर्खास्त करो।”
संपादकीय में यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया के “अब्यूज़ मशीन” में सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को भी निशाना बनाया गया — जैसे विदेश सचिव विक्रम मिसरी और उनकी बेटी को। ऐसे हालात में सरकार के लिए यह और भी ज़रूरी हो जाता है कि वह अपने ही नेताओं पर कार्रवाई कर मिसाल कायम करे।
लेख का अंतिम संदेश तीखा और स्पष्ट है — “TV स्टूडियोज़ के शोर से दूर रहकर, देश को रणनीतिक लाभ और कूटनीतिक सफलता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।” अगर देश को वास्तव में आतंकवाद से लड़ना है, तो यह लड़ाई भीतर की नफरत से भी होनी चाहिए।
इंडियन एक्सप्रेस का यह साहसिक संपादकीय एक नजीर है — जब पत्रकारिता सत्ता के सामने झुके नहीं, बल्कि उसे जवाबदेह बनाए। अब देखना यह है कि प्रधानमंत्री और भाजपा इस स्पष्ट संदेश पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
ज़माने बाद साहसिक संपादकीय देखा। सीधा मंत्री को बर्खास्त करने का फ़रमान। एक्सप्रेस सम्पादकीय! – रवीश कुमार


