
संजय कुमार सिंह-.
लोग कहते हैं विपक्ष को मिलकर भाजपा को हराना चाहिए। मुझे लगता है भाजपा को नहीं उसके मातृ-पितृ और तमाम बच्चा संगठनों को हराना और बेअसर करना चाहिए। इसके लिए जरूरी नहीं है कि खुद प्रधानमंत्री बना जाए या ऐसी इच्छा रखी जाए। राहुल गांधी आज प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जता दें कल से कहा जाने लगेगा कि इसीलिए सब कर रहे हैं। ये अलग बात है कि ऐसा नहीं किया है फिर भी पूरा जोर लगाकर पप्पू साबित करने की कोशिश चल रही है लेकिन उसमें पोल भी खुल रही है।
सभी दल अगर खुद जीतने या भाजपा को हराने की तरह भाजपा और नरेन्द्र मोदी की पोल ऐसे ही खोलें तो देश का ज्यादा भला होगा। अरविन्द केजरीवाल ने जो कहा उसे किशोर अजवानी भले पर्सनल होना कह रहे हैं (केजरीवाल ने उसे भी कायदे से हैंडल किया, मैं कहता कि उन्हें भी बुलाकर मेरे खिलाफ बुलवा लेना) लेकिन जनता को यह क्यों नहीं बताया जाना चाहिए कि पढ़ा लिखा समझदार आदमी नोटबंदी नहीं करता।
वैसे भी नरेन्द्र मोदी यही तो दावा करते रहे थे कि इंदिरा गांधी ने हिम्मत नहीं की, मैंने कर दिया। पर ऐसा हिम्मत करने वाला किसी दिन बादलों के पीछे से पाकिस्तान या चीन पर बम गिरा आए तो मुफ्त में युद्ध नहीं हो जाएगा? जनता को क्यों नहीं बताना चाहिए और सब मिलकर यही काम करें जो ज्यादा प्रभावी होगा देश का भला होगा। जो जीतेगा वह सरकार बना लेगा। वह बाद की बात है। कम से कम पढ़ा-लिखा आदमी तो पीएम बनेगा। मोर के आंसू की खबर तो नहीं बनेगी।
भाई Yashwant Singh ने मुझे लिख भेजा है, न्यूज़18 इंडिया के चौपाल में अरविंद केजरीवाल का यह इंटरव्यू ज़ोरदार है।एक बार ज़रूर देखिए। इंटरव्यू का सेकंड हाफ मस्ट वॉच है। नरेंद्र मोदी को बिना पढ़ा लिखा आदमी कहने का दुस्साहस अरविंद केजरीवाल ने तो कर दिखाया। न्यूज़18 इंडिया को अब मोदी जी के सम्मान में राजीव शुक्ला वाला पुराना इंटरव्यू दिखा कर उन्हें पढ़ा लिखा साबित करना पड़ रहा है। सम्भव है अदृश्य दबावों के चलते केजरीवाल का ये इंटरव्यू भी ग़ायब हो जाए! इसलिए देख डालिए…
समय कम खर्चना चाहें तो बाद वाला हिस्सा पहले देख लें।
https://www.youtube.com/live/J7FTW-dQnrM?feature=share


