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जानिये मुम्बई के किस समाचार पत्र में कितने कर्मचारी काम करते हैं

मिड डे में काम करते हैं सबसे ज्यादा 432 कर्मचारी, प्रातःकाल तथा आपला महानगर निकलता है सिर्फ 8 कर्मचारियों से, आर टीआई से हुआ खुलासा

मजीठिया वेज बोर्ड को लागू करने की सख्ती के बाद मुम्बई के समाचार पत्रों में कर्मचारियों की संख्या को लेकर खूब उलटफेर हो रहा है। यहाँ श्रम आयुक्त कार्यालय द्वारा किये गए सर्वे का ताजा आंकड़ा तो यही संकेत दे रहे हैं। जानिये मुम्बई के कौन से समाचार पत्र में कितने कर्मचारी काम करते हैं और उनमे कितने परमानेंट और कितने ठेका पर काम करने वाले कर्मचारी हैं। ये सारी सूचना मुम्बई के निर्भीक पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट शशिकांत सिंह ने आरटीआई के जरिये हासिल किया है।

मिड डे में काम करते हैं सबसे ज्यादा 432 कर्मचारी, प्रातःकाल तथा आपला महानगर निकलता है सिर्फ 8 कर्मचारियों से, आर टीआई से हुआ खुलासा

मजीठिया वेज बोर्ड को लागू करने की सख्ती के बाद मुम्बई के समाचार पत्रों में कर्मचारियों की संख्या को लेकर खूब उलटफेर हो रहा है। यहाँ श्रम आयुक्त कार्यालय द्वारा किये गए सर्वे का ताजा आंकड़ा तो यही संकेत दे रहे हैं। जानिये मुम्बई के कौन से समाचार पत्र में कितने कर्मचारी काम करते हैं और उनमे कितने परमानेंट और कितने ठेका पर काम करने वाले कर्मचारी हैं। ये सारी सूचना मुम्बई के निर्भीक पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट शशिकांत सिंह ने आरटीआई के जरिये हासिल किया है।

बिजनेस स्टैंडर्ड में कुल 145 कर्मचारी हैं जिसमें पत्रकार कटेगरी में 63 और प्रशासनिक स्तर पर 82 कर्मचारी हैं। इसी तरह मेसर्स बॉम्बे समाचार में 153 कर्मचारी हैं जिसमें पत्रकार कटेगरी में 26 और प्रशासनिक कटेगरी में 32 तथा फैक्ट्री कर्मी की श्रेणी में 101 कर्मचारी हैं। श्री अम्बिका प्रिंटर्स एंड पब्लिकेशन्स में 250 कर्मचारी हैं जिसमे परमानेंट 124 और कान्ट्रेक्ट बेस पर 126 कर्मचारी हैं।  मिड डे में पत्रकार कटेगरी में 111 और प्रशासनिक में 270 तथा फैक्ट्री में 51 कर्मी हैं। कुल मिलाकर इस समाचार पत्र में 432 कर्मचारी काम करते हैं। मेसर्स राने प्रकाशन में कुल 104 कर्मचारी हैं जिसमें पत्रकार कटेगरी में 35,प्रशासनिक में 54 और फैक्ट्री में 18 कर्मचारी हैं।

प्रबोधन प्रकाशन में 234 कर्मचारी हैं जिसमे पत्रकार कटेगरी में 102, प्रशासनिक में 106 तथा फैक्ट्री में 26 लोग हैं। मी मराठी में 234 कर्मचारी हैं जिसमे पत्रकार कटेगरी में 100, प्रशासनिक में 20 कर्मचारी हैं। उर्दू टाइम्स में 19 कर्मचारी काम करते हैं। इसी तरह गुजरात समाचार में 100 और सौराष्ट्र ट्रस्ट में 111 कर्मचारी हैं। आपला महानगर में सबसे कम सिर्फ 8 कर्मचारी काम करते हैं। डिलिगेट्स मीडिया में 190 कर्मचारी काम करते हैं। नवाकाल में 48 कर्मचारी हैं जिसमे परमानेंट सिर्फ 7 हैं बाकी 41 कर्मचारी ठेका पर हैं।

बेनमेट कोलमेन में सिर्फ 159 कर्मचारियों के बारे बताया गया है हालांकि प्रबंधन ने कर्मचारियों की सूची श्रम विभाग को उपलब्ध नहीं करायी है। दैनिक इंकलाब में 259 कर्मचारी हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स लिमिटेड में 388 कर्मचारी हैं। इंडियन नेशनल प्रेस में 98 कर्मचारी हैं जिसमे पत्रकार कटेगरी में 7, प्रशासनिक में 16, फैक्ट्री में 22 और कान्ट्रेक्ट पर 53 कर्मचारी हैं। इसी तरह प्रातःकाल में सिर्फ 8 कर्मचारी हैं।

नवाकाल है मुम्बई का नंबर वन मराठी दैनिक, दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र टाइम्स, लोकसत्ता तीसरे, मुंबई चौफेर चौथे और लोकमत 6वें स्थान पर

मुम्बई से प्राकाशित मराठी दैनिकों में नवाकाल मुंबई का सबसे ज्यादा सर्कुलेशन वाला समाचार पत्र है। इस समाचार पत्र का सर्कुलेशन 2 लाख 95 हजार 634 है और महाराष्ट्र सरकार का सरकारी विज्ञापन रेट नवाकाल में 52 रुपये हैं। मुम्बई के निर्भीक पत्रकार और आर टी आई कार्यकर्ता शशिकांत सिंह ने आर टी आई के जरिये ये जानकारी निकाली है। मजे की बात ये है कि इस नंबर वन मराठी दैनिक के मालिकान ने माननीय सुप्रीमकोर्ट का आदेश नहीं माना और मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश को आर्थिक कारण का हवाला देकर मानने से इंकार कर दिया। नवाकाल में कुल 48 कर्मचारी हैं जिसमे सिर्फ 7 कर्मचारी परमानेन्ट है और 41 कर्मचारी कान्ट्रेक्ट पर हैं। इस समाचार पत्र के कार्यालय में मजीठिया जाँच टीम 16 जून को पहुची तो प्रबंधन ने कागजात दिखाने से ही मना कर दिया।

सर्कुलेशन के मामले में दूसरे नंबर पर है महाराष्ट्र टाइम्स जिसका मुम्बई में सर्कुलेशन है 2 लाख 70 हजार 780 और महाराष्ट्र सरकार का विज्ञापन रेट है 50 रूपये। मराठी दैनिकों में तीसरे स्थान पर है लोकसत्ता जिसका सर्कुलेशन है 2 लाख 68  हजार 539 और सरकारी विज्ञापन रेट है 40 रुपये। मुम्बई चौफेर चौथे स्थान पर है। इसका सर्कुलेशन है 2 लाख 51 हजार 503 और सरकारी विज्ञापन रेट है 46 रुपये जो लोकसत्ता से ज्यादा है। प्रहार पांचवे नंबर पर है जिसका सर्कुलेशन है 1 लाख 32 हजार और सरकारी विज्ञापन रेट है 27 रूपये।

लोकमत का सर्कुलेशन 1 लाख 26 हजार 334 है और छठवें स्थान वाले इस न्यूज पेपर का सरकारी विज्ञापन रेट है 33 रुपये। सातवें नंबर पर है आपला वार्ताहर जिसका सर्कुलेशन 1 लाख 25 हजार 997 है और इसका सरकारी विज्ञापन रेट 35 रुपये है। संध्याकाळ का सर्कुलेशन 1 लाख 6 हजार 419 है और महाराष्ट्र सत्कार का सरकारी विज्ञापन रेट है 32 रुपये। इसी तरह पुढारी का सर्कुलेशन 1 लाख 3 हजार 354 है और सरकारी विज्ञापन रेट 30 रुपये है। शिवसेना का मुखपत्र सामना सर्कुलेशन के मामले में 11वें स्थान पर है। इसका सर्कुलेशन 1 लाख 1 हजार 537 है और महाराष्ट्र सरकार का सरकारी विज्ञापन रेट है 30 रुपये। 10 वें नंबर पर है सकाळ जिसका मुम्बई में सर्कुलेशन 1 लाख 2 हजार 913 है और सरकारी विज्ञापन रेट है 30 रुपये। 12वें स्थान पर है संध्यानन्द जिसका मुम्बई में सर्कुलेशन है सिर्फ 63020 और सरकारी विज्ञापन रेट है 20 रुपये। ये सभी समाचार पत्र a ग्रेड में आते हैं।

पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट शशिकांत सिंह से संपर्क 9322411335 के जरिए किया जा सकता है.

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