मीडिया के गलियारों से खबर आ रही है कि नेशनल न्यूज चैनल भारत24 के इनपुट एडिटर परिवेश वात्सयायन ने इस्तीफा दे दिया है, अपने साथियों को चैनल के ग्रुप में लिखा कि ‘भूल चूक माफ,कुछ नया करने जा रहा हूं’, चैनल के एडिटर और प्रबंधन की तारीफ करते हुए उन्होंने साथियों से अलविदा कहा है, नीचे पढ़िए वो चिट्ठी जो परिवेश वात्सयायन ने अपने साथियों को लिखी है….

“साथियों,
भूल चुक माफ, कुछ नया करने जा रहा हूं..
पत्रकारिता में संस्थानों के साथ सेवा तो माध्यम है. एक से दूसरे संस्थानों में आना-जाना लगा रहता है .. चुनौतियों को स्वीकार करते हुए अपनी कार्यसेवा के दरम्यान अपना 100 फीसदी देना संस्थान के प्रति समर्पण है. जो मैंने हमेशा दिया.. और ये तब होता है जब आपकी टीम आपके साथ हर तरह की परिस्थिति में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हो. मेरे कार्यक्षेत्र में मेरी उर्जा मेरी छोटी सी असाइनमेंट की टीम रही. और मेरा जुनून मेरी जिद खबरों के असल खिलाड़ी दूर बैठे ब्यूरो चीफ जिला संवाददाता रहे.. जिनसे जब जो कहा फौरन मिला.
हां काम के दौरान जब भी किसी का मेरे शब्दों से दिल को चोट पहुंचा हो तो मैं हाथ जोड़कर माफी चाहूंगा. चैनल में आप जैसे बड़ी जिम्मेदारी संभालते हैं तो दवाब कामों का ज्यादा होता है. इस दरम्यान दिल नहीं दिमाग लड़ता है. इसलिए मेरी बातों को आप सभी दिल पे मत लेना. और हां दवाब में तो सबसे ज्यादा एक ही व्यक्ति भारत 24 में रहता है बावजूद चेहरे पर रत्ती भर भी नहीं दिखता. इसलिए “उमर सर” लोग यूं हीं नहीं बनते. बहुत धैर्य की जरूरत होती है. उमर सर ने तो ‘उमर भर‘ का रिश्ता दे दिया.
इस चैनल ने तो बहुत कुछ दिया लेकिन मुझे एक “आरिफ भाई” जैसा दोस्त दिया. तनाव में रहता तो पास आकर खड़े होकर समझाते मत लीजिए तनाव सब हो जाएगा. मैं कहता था” आरिफ भाई आज सुबह से रात तक रिपोर्टर रखना है तो जवाब मिलता हो जाएगा”.
इन शब्दों से मुझे राहत मिलती थी. अमित भाई ने हर मुश्किल हालात में साथ दिया खासकर शुरुआती दिनों को मैं कैसे भूल सकता हूं. और हां एक लड़के के बिना मेरी कहानी अधूरी है वो है असाइनमेंट का “शार्प शूटर इरफान” जो मेरे मिजाज के जैसा काम करता था. हर परिस्थिति मैं मेरे बगल में रहता. छोटा भाई बनकर ज्ञान भी देता था.
अंत में मेरे लिए इस संस्थान में JC मतलब Joyful Commitment था.. भारत 24 ज्वाइन करने से पहले जेसी सर काम के प्रतिबद्धता पर बहुत ज्यादा फोकस थे तो उनकी द्वारा दी गई जिम्मेदारी के निर्वहन में अनजाने में किसी को मेरे शब्दों से ठेस पहुंचा हो तो एक फिर से माफी चाहूंगा ..
आपके पास .. आपके “परिवेश” में ही रहूंगा.
बहुत आभार..
परिवेश वात्स्यायन”



विमल कुमार
July 11, 2024 at 1:51 pm
सर जी आप ने तो सही कहा जिला संवाददाता तो काम करते है पूरी मेहनत से लेकिन उनको उसका मेहताना नही दिया जाता ऐसा कब तक चलेगा