यूपी के गोण्डा में एक महिला पत्रकार ने पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. महिला का कहना है कि पुलिस ने उसका पक्ष अनसुना करते हुए उसपर एकतरफा मुकदमा दायर कर दिया गया है.
दरअसल, गोण्डा से एक लोकल हिंदी दैनिक अखबार निकालने वाली महिला संपादक खबर की खोज में सीएमस अस्पताल पहुंची थीं. वहां लोगों ने बताया कि कुछ आशा बहुएं अस्पताल में बिना ड्रेस मरीजों से पैसा लेकर नंबर बढ़ाती हैं. महिला पत्रकार ने कुछ आसा बहुओं की तस्वीर खींची. इतने में एक आशा बहु ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया.
वहां मोजूद कुछ लोगों ने महिला पत्रकार का मोबाइल छीने जाने का विरोध किया तो आशा बहु झगड़े पर उतर आई. घटना 10 जून 2024 को सुबह 11 बजे की है.
इसके बाद महिला पत्रकार की तरफ से नगर कोतवाल समेत अन्य अधिकारियों को शिकायत दी गई. लेकिन उन सभी ने महिला की शिकायत दर्ज नहीं की, बल्कि उल्टा रात में ग्यारह बजे आशा बहू को बुलाकर महिला पत्रकार पर 323/504/506/354 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया गया.
मामले में महिला पत्रकार की तरफ से कोई सुनवाई नहीं की जा रही है. महिला का कहना है कि उसे पुलिस मीडिया सेल के ग्रुप से भी रिमूव करवा दिया गया है.
महिला पत्रकार कहती है, मेरा कप्तान गोंडा से विनम्र निवेदन है कि इंस्पेक्टर राजेश सिंह पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा कायम हो, और कई मुकदमे माननीय न्यायालय में विचाराधीन है उस पर आपने क्या एक्शन लिया जानना चाहती है गोंडा की जनता, गोंडा की सच्चाई। क्या योगीराज में यही महिला सशक्तिकरण है? जब महिला पत्रकार सुरक्षित नहीं आम महिला कैसे सुरक्षित रह सकती है?
वहीं, इस मामले में इनपुट है कि, जनपद के तमाम पत्रकार संगठनों ने पूर्ण रूप से रणनीति तय कर ली है.. यदि समय रहते शासन प्रशासन नहीं जागा तो प्रदेश के तमाम पत्रकार संगठन मिलकर एक बहुत बड़ा देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे जिसका जिम्मेदार गोंडा एसपी मुख्य रूप से होंगे।
नीचे देखें महिला पत्रकार पर दर्ज हुई एफआईआर कॉपी…




