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उत्तर प्रदेश

UNESCO में गूंजा जौनपुर पत्रकार हत्याकांड, सुदर्शन न्यूज़ ने सिंगल खबर में झाड़ा पल्ला

पत्रकार की बाईक पर लगा सुदर्शन का बिल्ला जिसे संस्थान ने खबर से हटाकर छापा था

यूपी के जौनपुर में 13 मई 2024 को हुए पत्रकार आशुतोष श्रीवास्तव हत्याकांड की गूंज यूनेस्को यूनेस्को तक सुनाई दी. यूनेस्को की डायरेक्टर जनरल ऑड्रे अज़ोले ने हत्याकांड को लेकर एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए घटना की निंदा की है.

ऑड्रे अज़ोले ने अपने बयान में कहा है कि, “मैं आशुतोष की हत्या की निंदा करती हूं. पत्रकारों को सभी प्रकार के हमलों से बचाया जाना चाहिए, और अधिकारियों को उनके खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए संपूर्ण जोखिम का मूल्यांकन करना चाहिए.”

आगे कहा गया है कि आशुतोष समाचार चैनल सुदर्शन न्यूज़ के संवाददाता थे. अज्ञात हमलावरों ने उन्हें चार गोलियां मारीं. श्रीवास्तव ने अपनी हत्या से एक महीने पहले मिल रही धमकियों को लेकर पुलिस से सुरक्षा की गुहार भी लगाई थी.

लेकिन इस मामले में सुदर्शन न्यूज ने महज एक खबर छापकर खानापूर्ति कर दी है. सुदर्शन ने यह भी लिखा है कि आशुतोष इस चैनल को एक साल पहले ही छोड़ चुके थे. मौजूदा समय वे अपना यूट्यूब चैनल चला रहे थे. इसी हैसियत से सुदर्शन ने उन्हें पूर्व पत्रकार भी कहकर संबोधित किया है. नीचे देखें…

अब हो सकता है यह राष्ट्रवादी चैनल सरकार बहादुर के खिलाफ आवाज न उठाना चाहता हो, लेकिन यह कदम जरा भी ठीक नहीं है जो इसने मृतक पत्रकार को मौजूदा नहीं पूर्व पत्रकार कहकर संबोधित किया है. मतलब एक सुदर्शन ही मार्केट में बचा है जहां काम करने वाले पत्रकार हैं, छोड़ गए तो पूर्व पत्रकार हैं. इसके बाद निधन की खबर में चैनल ने राष्ट्रवादी पत्रकारिता के नाम पर चंदा भी मांग लिया है.

अमर उजाला ने भी 13 मई 2024 को पब्लिश अपनी खबर में इस बात को कोट किया है कि, मृतक सुदर्शन न्यूज चैनल का सहयोगी था. लेकिन हाथ लहराकर बात शुरू करने वाले राष्ट्रवादी सुरेश चव्हाणके नहीं मान रहे तो हो सकता है इसमें उनका अपना पर्सनल देशहित छुपा हो.

नीचे पढ़ें भड़ास में प्रकाशित खबर का स्क्रीनशॉट और उसके बाद मूल खबर भी है….

सुदर्शन न्यूज़ के पत्रकार की हत्या से पहले का देखें वीडियो, भाजपा नेता पर लगाया था आरोप!

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