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उत्तर प्रदेश

खबर छापे जाने की नाराजगी में फिर एक पत्रकार हुआ जानलेवा हमले का शिकार

हमले के शिकार लखनऊ के पत्रकार राजेंद्र.

लखनऊ से जानकारी मिली है कि खबर छापने की कीमत एक वरिष्ठ पत्रकार को चुकाना पड़ा है. आरटीओ आफिस में करप्शन की खबर छापे जाने से नाराज़ आरटीओ कर्मियों ने वरिष्ठ पत्रकार पर लाठी, डंडों और ईंट से जानलेवा हमला कर दिया. पीड़ित पत्रकार हैं राजेन्द्र राज्य मुख्यालय से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं. उन पर आरटीओ कार्यालय परिसर में हुआ हमला. पत्रकार राजेंद्र गंभीर रूप से घायल हैं. थाना सरोजनीनगर इलाके में है आरटीओ कार्यालय.

हमले के शिकार लखनऊ के पत्रकार राजेंद्र.

लखनऊ से जानकारी मिली है कि खबर छापने की कीमत एक वरिष्ठ पत्रकार को चुकाना पड़ा है. आरटीओ आफिस में करप्शन की खबर छापे जाने से नाराज़ आरटीओ कर्मियों ने वरिष्ठ पत्रकार पर लाठी, डंडों और ईंट से जानलेवा हमला कर दिया. पीड़ित पत्रकार हैं राजेन्द्र राज्य मुख्यालय से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं. उन पर आरटीओ कार्यालय परिसर में हुआ हमला. पत्रकार राजेंद्र गंभीर रूप से घायल हैं. थाना सरोजनीनगर इलाके में है आरटीओ कार्यालय.

ज्ञात हो कि दिल्ली के प्रेस क्लब आफ इंडिया में भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह पर हमला दो उन लोगों ने किया जो खुद के बारे में भड़ास पर छपी पोलखोल खबरों से नाराज थे. ये दोनों हमलावर पहले पत्रकार थे लेकिन इनकी दलाली-ब्लैकमेलिंग की घटनाओं के भड़ास पर खुलासे के बाद उन्हें अब काफी समय से नौकरी नहीं मिल रही है.

मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के उपाघ्यक्ष संजय शर्मा ने कहा- ”हमको उम्मीद है एफआईआर होने के बाद पत्रकार पर हमला करने वाले आरटीओ को सरकार तत्काल गिरफ़्तार करायेगी और उनको मुख्यालय से अटैच करेगी”।

उत्तर प्रदेश राज्य मुख्यालय के मान्यता प्राप्त पत्रकार राजेंद्र पर आरटीओ कार्यालय में हुए हमले की निंदा करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त पत्रकार सुधीर कुमार सिंह ने आरोपी कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने की मांग की. साथ ही पत्रकार की सुरक्षा के साथ हमलावर कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही किए जाने की मांग की है.

बिहार प्रेस मेंस यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष एस.एन.श्याम ने कहा- ”लखनऊ में पत्रकार राजेंद्र पर प्राणघातक हमला. हमलावरों के पीछे पड़िए योगी सरकार. मोदी जी, बनाइये पत्रकार सुरक्षा कानून. कब तक बहेगा पत्रकारों का खून”.

फेसबुक पर Shashank Srivastava लिखते हैं : ”योगी जी जरा ध्यान इधर भी। रामराज में पत्रकार को अधिकारी बना रहे है अपना शिकार। क्या भाजपा सरकार में अब सच लिखने का ये परिणाम होगा। राजधानी में सच लिखना एक और वरिष्ठ पत्रकार को पड़ा भारी। सत्ता के मद में चूर आरटीओ ने खबर लिखने वाले प्रहरी मीमांसा के संपादक राजेंद्र पर अपने गुर्गों द्वारा करवाया हमला। लोकतंत्र में अब सच कहने की यही कीमत चुकानी होगी क्या।”

युवा पत्रकार Nishant Chaurasiya फेसबुक पर लिखते हैं : ”फिर मारा गया पत्रकार… राजधानी लखनऊ में… शुक्र है जान से नहीं गया… खून बहा और हड्डी टूटी… अब साबित कर दो दल्लों कि दलाली करने गए थे वहां पर, क्योंकि पत्रकारों को डर गुंडों बदमाशों से ज्यादा मठाधीशों से है! लेखनी से अपनी पहचान बना चुके राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त पत्रकार राजेन्द्र (प्रहरी मीमांसा) पर आज RTO कार्यालय में भ्रष्टाचार की खबर लिखने पर जान लेवा हमला हुआ… मामला सरोजिनी नगर थाना क्षेत्र का है…. थाने से मेडिकल करवाने पहुचे राजेंद्र जी… फोन से बात करने के बाद पता चला कि सर पर काफी चोट आई है! राजेन्द्र जी से संपर्क 9415054807 के जरिए किया जा सकता है.”

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