नितिन त्रिपाठी-
AI के आरंभिक दिनों में इलोन मस्क एआई के सबसे तगड़े विरोधी थे. यद्यपि यह अंगूर खट्टे हैं वाली बात थी. chatgpt के सबसे आरंभिक निवेशक इलोन ही थे, पर बाद में वह पीछे हट गये. माइक्रोसॉफ़्ट ने chatgpt पर क़ब्ज़ा कर लिया और शेष इतिहास है.
पर पर्दे के पीछे इलोन को भी पता था कि भविष्य एआई है तो उनकी कंपनी एक्स लगातार काम करती रही. ट्विटर से इंटीग्रेटेड उनका chatbot ग्रोक टू हाल ही में रिलीज़ हुआ है. एज यूजअल थोड़ी उत्कंठा बढ़ाने के लिए इस chatbot में रेस्ट्रिक्शंस नहीं लगाए गए थे तो यह बहुत शानदार इमेजेस बना रहा है.
वहीं गूगल ने एक ओर एआई को अपने सर्च इंजन में इंटीग्रेट कर दिया है तो दूसरी ओर उनके फ़ोन पिक्सेल के नये मॉडल में जेमिनी लाइव दुनिया का पहला एआई बेस chatbot है जिससे बात की जा सकती है.
वहीं मेटा ने लामा बेस एआई chatbot अपने सभी प्लेटफार्म व्हाट्सप, फ़ेसबुक, इंस्टा में लगा दिया है.
सस्ता देशी मीडिया जहां सुनीता विलियम अंतरिक्ष में फँस गईं जैसी सस्ती खबरें दिखाने में व्यस्त है, असल में लड़ाई इस बात की है कि उन्हें बोइंग का यान धरती पर लाये या स्पेस एक्स का. ऐसा पहली बार हो रहा है कि स्पेस यान में प्राइवेट कंपनियों की भिड़ंत हो रही है अन्यथा स्पेस सेक्टर पूरी दुनिया में उनकी सरकारें चलाती थीं.
मेटा ने रे बैन के साथ मिल ग्लासेस लॉंच किये हैं जो चश्मा आँखों में लगा कर वीडियो / फ़ोटो रिकॉर्ड कर सकते हैं वैसी ही जैसी दुनिया दिखती है. खबर है कि ऐपल भी ग्लासेस लाने वाला है. मोबाइल और स्मार्ट वॉच के बाद तीसरी स्मार्ट जंग चश्मे के लिए आरंभ होने वाली है.
लगभग हर क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आ रहे हैं.
पिछले कुछ दशक मानवता के लिए स्वर्ण काल हैं. इससे ज्यादा शांति कभी नहीं रही इतिहास में. तो इस समय सारी दुनिया के रिर्सोसेज नये नये अविष्कार करने में लगे हैं. पिछले दस वर्षों में टेक्नोलॉजी में जितने परिवर्तन आये उतने इससे पूर्व के सौ वर्षों में नहीं हुए.
अपने को अपग्रेड करते चलिए. दुनिया बिलकुल उस दिशा में चल रही है जहां टेक्नोलॉजी से युक्त दस प्रतिशत लोग मालिक होंगे. और दिन भर राजनीति, प्रपंच आदि करने वाले नब्बे प्रतिशत लोग इनके ग़ुलाम.


