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उत्तर प्रदेश

संपादक और जेई को पीटने वाले इस BJYM जिलाध्यक्ष की खबर छापने से क्यों डर रहा है हिंदुस्तान अखबार?

मयूर शर्मा-

श्रीमान संपादक महोदय,

प्रकरण के अनुसार 06 अक्टूबर 2024 को मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) ने वृंदावन के सुनरख बांगर क्षेत्र में तकरीबन एक दर्जन निर्माणाधीन इमारतों पर सील लगाई थी। जिसका मुख्य कारण बिना नक्शा पास कराए भवन निर्माण करना था। इसी कारण यह सील लगाई गई। इसके बाद 28 अक्टूबर को आपके समाचार पत्र हिन्दुस्तान समेत अन्य अखबार और न्यूज चैनलों ने एक रिपोर्ट चलाई। जिसके मुताबिक सील लगे भवनों में फिर से निर्माण शुरू हो गया है और सील तोड़कर यह निर्माण कराया जा रहा है।

यह अवैध निर्माण भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष ठा. हरिबल्लभ सिंह व राधारमण सिंह करा रहे थे। जिस समय जेई दिनेश कुमार गुप्ता इसकी जांच कर रहे थे उस समय आरोपी ठा. हरिबल्लभ सिंह ने गंदी गंदी गालियां देकर एक पत्रकार हिमांशु शर्मा की पिटाई की थी। जिसकी वीडियो भी काफी वायरल हुई थी। इस प्रकरण में हिमांशु सिंह ने ठा. हरिबल्लभ पर एक मुकदमा दर्ज कराया और इसके बाद जेई दिनेश गुप्ता ने सील तोड़कर फिर से निर्माण कराने के प्रकरण में मुकदमा दर्ज कराया।

जिसको अमर उजाला व दैनिक जागरण अखबार समेत अन्य न्यूज चैनलों ने प्रमुखता से चलाया। लेकिन हिंदुस्तान अखबार ने इस प्रकरण में अपने कदम पीछे खींच लिए और ठा. हरिबल्लभ के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे की कोई खबर नहीं प्रकाशित की।

ऐसे में सवाल उठता है कि जब सील तोड़कर अवैध निर्माण किया जा रहा था तो आपका अखबार इस खबर को प्रमुखता से छापता है, लेकिन इसके बाद जब मुकदमे दर्ज होते हैं तो आरोपी भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष का नाम न छपे, इसके लिए खबर को ही अखबार से गायब कर दिया गया। पूरे जिले का चर्चित घटनाक्रम जो हर बीजेपी कार्यकर्ता के साथ सुर्खियों में रहा। क्योंकि ठा. हरिबल्लभ की दबंगई से सभी वाकिफ हैं। लेकिन यहां सोचनीय प्रश्न है कि आखिर देश का जाना माना हिन्दुस्तान अखबार इस दबंग और भूमाफिया किस्म के अपराधी जैसे नेता का साथ क्यों दे रहा है।

क्या हिन्दुस्तान अखबार भी पीत पत्रकारिता में शामिल हो गया है या फिर अन्य संबंधों के चलते उसके खिलाफ लिखने में असमर्थ है। अगर हिन्दुस्तान अखबार ऐसे छोटे मोटे भूमाफियाओं से डरता है तो अखबार की साख क्या बची। यह सोचने लायक है।

इसीलिए आपसे प्रार्थना है कि इस प्रकरण को गंभीरता से दिखवाएं और आरोपी के खिलाफ बिना डरे खबरों को प्रमुखता से छापें… जिससे अखबार की साख में कोई बट्टा न लग पाए।

देखें संपादक हिमांशु और जेई द्वारा भाजयुमो जिलाध्यक्ष पर दर्ज कराई गई एफआईआर…


यहां देखें हिंदुस्तान की खबर और जागरण व अमर उजाला की खबरों में फर्क..

प्रार्थी-
मयूर शर्मा
मो. न. 8193932955 मेल- [email protected]

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