Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

नवंबर-दिसंबर में 300 मीडियाकर्मियों की बे- वजह नौकरी खाने वाले न्यूज नेशन को सबक सिखाएंगे कर्मचारी!

न्यूज़ नेशन ने नवंबर से लेकर दिसंबर के बीच में करीब 300 कर्मचारियों को बिना बताए नौकरी से निकाल दिया. अचानक नौकरी जाने से परेशान लोग नई नौकरी खोज रहे हैं लेकिन जब उन्हें मालूम चला कि उन्हें निकालने के बाद केवल 1 महीने की बेसिक सैलरी ही दी जा रही है तो उन्होंने न्यूज़ नेशन से अपना अधिकार लड़कर लेने की कसम खाई और पहुंच गए लेबर ऑफिस जहां अब तक 3 राउंड की बातचीत हुई.

3 दौर की बातचीत में केवल पहले दौर में न्यूज़ नेशन की ओर से एचआर हेड रोहित पेश हुए जिसमें उनको श्रम अधिकारी ने अच्छे से फटकारा और निकाले गए लोगों की लिस्ट मांग ली गई.

दूसरे राउंड में कंपनी की ओर से कोई सामने नहीं आया, कंपनी चला रहे संजय कुलश्रेष्ठ, मनोज गैरोला और एचआर हेड को श्रम अधिकारी ने कर्मचारियों के सामने फोन किया लेकिन किसी की हिम्मत नहीं पड़ी की फोन उठा ले.

तीसरे दौर में भी जब कंपनी की ओर से कोई बातचीत के लिए सामने नहीं आया तो कर्मचारियों ने एकजुट होकर कंपनी के मनमानी के खिलाफ केस फाइल करने का फैसला लिया.

एक वकील के मुताबिक लेबर कानून कहता है कि 100 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी पर 3 महीने की सीटीसी, पूरी छुट्टियों का पैसा, जितने दिन काम किया उसका पैसा साथ ही जितने साल काम किया हर साल के हिसाब से 15 दिन की पूरी सैलरी कंपनी को देनी होगी लेकिन न्यूज़ चैनल होने की अकड़ के नाम पर न्यूज़ नेशन ने किसी नियम को नहीं माना और केवल 1 महीने की बेसिक सैलरी देकर सबको निपटाना चाहते हैं.

एक पीड़ित पत्रकार द्वारा भड़ास को भेजे गए मेल पर आधारित.

ये भी पढ़ें…

न्यूज नेशन से निकाले गए मीडियाकर्मी लेबर कोर्ट पहुंचे, मैनेजमेंट के दबाव में आ गया डेप्युटी लेबर कमिश्नर!

मुख्यमंत्री योगी से न्याय की गुहार लगाएंगे न्यूज नेशन से निकाले गए सैकड़ों पत्रकार!

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
2 Comments

2 Comments

  1. Pushkar Sinha

    January 1, 2025 at 9:22 am

    Deputy labour commissioner ke hath mein sachmuch kucch nahin hota. Wo kewal beech bachav kara sakta hai. Koinpaksha nahin mana tab Labour Court mamle ko bhejta hai. Labour court ka aisa haal hai ki 1-derh saal se wahan koi judge ki niyukti hi nahin hui hai. Sare case juu ke tyun dedh saal se pade hain. Naye aa rahe hain wo alag. Yodi sarkar khud companies ke favour mein hai.
    Noida Labour court mein Supreme Court mein appeal kar ke 8-10 judge ek sath appoint kar ke cases ko jald niptane ki yachika dalni chahiye. Nahin to bagair judge ke mamla 10-15 sal tak larka rahega.

  2. Ajay Verma

    January 1, 2025 at 3:29 pm

    Labour law ye khata hai ki kisi ko bina notice ya show cause diya aap services terminate nahi kur sakte…chk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन